छत्तीसगढ़ में बांग्लादेशी और रोहिंग्या घुसपैठियों के खिलाफ चलेगा ”जय छत्तीसगढ़” अभियान, टोल फ्री नंबर किया जारी

रायपुर : छत्तीसगढ़ सरकार प्रदेश को सुरक्षित रखने और अवैध घुसपैठियों पर सख्त कार्रवाई के लिए एक बड़ा अभियान शुरू करने जा रही है। राज्य में ‘जय छत्तीसगढ़’ विशेष अभियान के तहत अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशी और रोहिंग्या घुसपैठियों की पहचान कर उनके विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए सरकार ने एक टोल फ्री नंबर 1800 233 1905 भी जारी किया है, जिस पर आम नागरिक संदिग्ध व्यक्तियों की सूचना दे सकेंगे।

बोली भाषा और रहन-सहन से होगी इनकी पहचान…
प्रदेश सरकार ने बताया कि जिन लोगों की भाषा, बोलने का तरीका, रहन-सहन या व्यवहार स्थानीय लोगों से अलग है, उन पर विशेष नजर रखी जाएगी। अगर किसी इलाके में अचानक कोई नया व्यक्ति आकर बसता है, या दो-तीन कमरों में किराए पर रह रहा है, या फिर टेंट हाउस, निर्माण स्थल या अन्य स्थानों पर बेहद कम वेतन पर काम कर रहा है, तो ऐसे लोगों के बारे में आम नागरिक टोल फ्री नंबर पर जानकारी दे सकते हैं। पूर्वी बंगाल या बांग्लादेशी नागरिकों की भाषा शैली में विशेष खिंचाव होता है, जिससे उनकी पहचान करना अपेक्षाकृत आसान होता है।
सभी जिलों में एसटीएफ का हुआ गठन…
अभियान की निगरानी और प्रभावी क्रियान्वयन के लिए गृह विभाग ने प्रत्येक जिले में विशेष टास्क फोर्स (एसटीएफ) का गठन किया है। इसमें पुलिस विभाग के अधिकारी और जवान शामिल रहेंगे। वहीं, एडिशनल एसपी और डीएसपी स्तर के अधिकारियों को इस अभियान का नोडल अधिकारी बनाया गया है। टोल फ्री नंबर पर मिली जानकारी के आधार पर पुलिस द्वारा कांबिंग ऑपरेशन चलाए जाएंगे और संदिग्ध व्यक्तियों की पहचान की जाएगी।
पहचान के लिए तय किए गए विशेष पैरामीटर….
अभियान के तहत संदिग्ध व्यक्तियों की पहचान के लिए कुछ विशेष पैरामीटर तैयार किए गए हैं। इनमें उनकी भाषा, रहन-सहन, काम करने का तरीका, वेतनमान, पहचान पत्र की वैधता और नागरिकता दस्तावेज की जांच शामिल है। किसी भी सूचना के मिलने के बाद प्राथमिक जांच कर अगर व्यक्ति घुसपैठिया पाया जाता है, तो उसे होल्डिंग सेंटर में रखा जाएगा और आगे डिपोर्टेशन की कार्रवाई की जाएगी।



