छत्तीसगढ़

छत्तीसगढ़ विधानसभा परिसर में उत्कृष्टता अलंकरण समारोह में विधायक भावना बोहरा, लखेश्वर बघेल समेत पत्रकारों को किया सम्मानित

छत्तीसगढ़/रायपुर : छत्तीसगढ़ विधानसभा परिसर में मंगलवार को उत्कृष्टता अलंकरण समारोह का भव्य आयोजन किया गया। इस गरिमामयी अवसर पर राज्य के शीर्ष नेतृत्व की उपस्थिति रही। समारोह में राज्यपाल रमेन डेका, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह तथा नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत विशेष रूप से शामिल हुए।

अलंकरण समारोह में सत्तापक्ष की ओर से पंडरिया की भाजपा विधायक भावना बोहरा को उत्कृष्ट विधायक सम्मान से सम्मानित किया गया। वहीं विपक्ष की और से बस्तर के कांग्रेस विधायक लखेश्वर बघेल को उत्कृष्ट विधायक सम्मान से सम्मानित किया गया। इसी तरह संसदीय प्रत्रकारिता के लिए प्रिंट मीडिया से डॉ. राकेश पांडेय को और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से योगेश मिश्रा एवं कैमरामैन को सम्मानित किया गया। इन्हें राज्यपाल, मुख्यमंत्री, स्पीकर, नेता प्रतिपक्ष ने प्रतीक चिन्ह देकर सम्मानित किया।

इस समारोह से विधायक और पत्रकार होंगे प्रेरित…

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि, आज हम सभी के लिए गर्व और प्रेरणा का अवसर है। सभी पुरस्कृत विधायकों और पत्रकारों को बधाई देता हूं। यह आयोजन हमारी गौरवशाली परंपरा का पल है। इस समारोह से विधायक और पत्रकार भी प्रेरित होंगे। छत्तीसगढ़ विधानसभा की परंपरा बेहद विशिष्ट है। यहां गर्भगृह में प्रवेश करते ही स्वमेव निलंबित हो जाते हैं। ऐसी कई परंपराओं ने छत्तीसगढ़ विधानसभा को देश में पहचान दिलाई।

विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि, सभी पुरस्कृत विधायकों और पत्रकारों को बधाई देता हूं। विधायक भावना बोहरा पहली बार जीतकर आईं और सम्मान मिला। लखेश्वर बघेल ने विनम्रता और निरंतरता से पुरस्कार प्राप्त किया। 90 में से 90 विधायक जनता का प्रतिनिधित्व करते हैं, इसलिए सभी श्रेष्ठ हैं। उनमें भी दो लोगों का चयन करना बेहद मुश्किल होता है। यह अवसर इसलिए भी खास है क्योंकि रजत जयंती वर्ष है। इस विधानसभा में आखिरी उत्कृष्टता का अवसर है। इस परिसर के साथ हम सभी के अनुभव जुड़े हैं, यादें जुड़ी हैं।

नेता प्रतिपक्षनेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने कहा कि, मैं पुरस्कृत विधायकों और पत्रकारों को बधाई देता हूं। यह पुरस्कार आपके जीवन को और उत्कृष्ठता प्रदान करे।हमारे सदन में पक्ष और विपक्ष के बीच सामंजस्य है। ऐसा सामंजस्य बहुत कम सदन में देखने मिलता है। हमारे पक्ष और विपक्ष के बीच मतभेद कभी नहीं होता। डॉ. रमन सिंह के आने के बाद पक्ष- विपक्ष में सहयोगात्मक रवैया देखा गया। छत्तीसगढ़ विधानसभा अन्य विधानसभाओं में बेहतर प्रदर्शन करेगा। हमने अध्यक्ष रहते हुए गांधीजी की जन्मशती पर सत्र आहूत किया। छत्तीसगढ़ विधानसभा में कोरोना के समय कंट्रोल रूम बनाया गया था। मेरा सौभाग्य रहा कि, नवीन विधानसभा के शिलान्यास के समय मैं अध्यक्ष रहा। अब डॉ. रमन सिंह उसके शुभारंभ के समय विधानसभा अध्यक्ष होंगे। रमन सिंह, विष्णुदेव साय और स्वयं के संयोग को चरणदास महंत बताते हुए कहा कि, तीनों अपने अपने दलों के अध्यक्ष रहे, तीनों सांसद रहे और केंद्र सरकार में राज्यमंत्री रहे।

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