जीवन अनमोल है मददगार बने… सड़क दुर्घटना में घायलों की जान बचाने वाले 13 ‘गुड सेमेरिटन’ का SSP ने किया सम्मान…

छत्तीसगढ़/ रायपुर में सड़क दुर्घटनाओं के दौरान घायलों की जान बचाने में साहस और संवेदनशीलता का परिचय देने वाले 13 नेक व्यक्तियों (गुड सेमेरिटन) को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) डॉ. लाल उमेद सिंह ने प्रशस्ति पत्र और प्रतीक चिन्ह देकर सम्मानित किया। यह सम्मान समारोह रायपुर पुलिस कार्यालय में आयोजित किया गया, जहां SSP ने युवाओं से आह्वान किया कि वे कानून से न डरें और दुर्घटना पीड़ितों की मदद के लिए निसंकोच आगे आएं। सम्मानित किए गए गुड सेमेरिटन में वे लोग शामिल थे जिन्होंने समय रहते घायल व्यक्तियों को अस्पताल पहुंचाया या तत्काल मदद उपलब्ध कराकर उनकी जान बचाई। SSP डॉ. सिंह ने कहा कि दुर्घटना के बाद का “गोल्डन आवर” पीड़ित की जान बचाने में निर्णायक होता है, लेकिन कई बार लोग कानूनी पचड़े के डर से घायलों की मदद नहीं करते, जिससे अनमोल जीवन समाप्त हो जाता है।
डॉ. सिंह ने यातायात विभाग को निर्देशित किया कि इन नेक कार्यों को शहर के भीड़भाड़ वाले इलाकों में होर्डिंग्स के माध्यम से प्रचारित किया जाए ताकि लोगों को प्रेरणा मिल सके। साथ ही, उन्होंने सभी थाने प्रभारियों को निर्देशित किया कि सड़क दुर्घटनाओं में मददगार नागरिकों को चिन्हित कर उन्हें सम्मानित किया जाए।
समारोह में जिन प्रमुख गुड सेमेरिटन को सम्मानित किया गया
जगमोहन साहू (उपरवारा), प्रदीप साहू, आलोक देव साहू, दुर्गेश साहू, सुरेश यादव (टिकरापारा), शक्ति दूबे (तेलीबांधा), गागेन्द्र सिंह राजपूत (जोरा), महेश पोद्दार (पंडरी), और ‘कुछ फर्ज हमारा भी’ टीम के सदस्य नितिन सिंह, स्मारिका राजपूत, तनिष्क राजपूत, तनूजा लालवानी व पूनम जुमनानी शामिल हैं।
इन लोगों ने कई जिंदगियां केवल अपनी तत्परता और मानवीय संवेदना के बल पर बचाई, जैसे दुर्घटनाग्रस्त बच्चों को CPR देकर जीवनदान देना, गर्भवती महिला को अस्पताल पहुंचाना, और भीड़ में पहल कर घायल को निजी वाहन से इलाज के लिए भेजना। इस अवसर पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (यातायात) डॉ. प्रशांत शुक्ला, उप पुलिस अधीक्षक गुरजीत सिंह, सतीश ठाकुर सहित यातायात विभाग के 100 से अधिक अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे। SSP ने गुड सेमेरिटन से आग्रह किया कि वे अपने जैसे और लोगों को भी इस नेक कार्य के लिए प्रेरित करें और समाज में संवेदनशीलता की मिसाल कायम करें।



