छत्तीसगढ़

शराब घोटाला मामले में EOW की विशेष अदालत में पेश नहीं हुए 28 आबकारी अधिकारी, सभी के खिलाफ वारंट जारी…

छत्तीसगढ़ शराब घोटाला मामले में आबकारी अधिकारियों के खिलाफ कोर्ट ने वारंट जारी किया है. बता दें कि शराब घोटाला मामले में 29 अधिकारियों को ईओडब्ल्यू ने आरोपी बनाया है. इनमें से एक अधिकारी की मौत हो चुकी है. बाकी 28 अधिकारियों की आज EOW की विशेष अदालत में पेशी थी, लेकिन एक भी अधिकारी कोर्ट में उपस्थित नहीं हुए. इसके चलते सभी अधिकारियों के खिलाफ वारंट जारी किया गया है।

बता दें कि हाल ही में हाईकोर्ट ने घोटाले में शामिल 28 आबकारी अधिकारियों की अग्रिम जमानत याचिका खारिज की थी।

वर्ष 2019 से 2023 के बीच राज्य के 15 बड़े जिलों में पदस्थ आबकारी अधिकारी और अन्य प्रशासनिक पदाधिकारियों द्वारा बिना ड्यूटी चुकाई गई देसी शराब (B-Part शराब) की शासकीय दुकानों में समानांतर अवैध बिक्री की गई. बस्तर और सरगुजा संभाग को छोड़कर चयनित जिलों में अधिक खपत वाली देसी शराब दुकानों को डिस्टलरी से सीधे अतिरिक्त अवैध शराब भेजी जाती थी, जिसे वैध शराब के साथ समानांतर बेचा जाता था.

इस पूरे नेटवर्क में डिस्टलरी, ट्रांसपोर्टर, सेल्समैन, सुपरवाइजर, आबकारी विभाग के जिला प्रभारी अधिकारी, मंडल व वृत्त प्रभारी, और मैन पावर एजेंसी के अधिकारी-कर्मचारी शामिल थे. अवैध शराब को “बी-पार्ट शराब” कहा जाता था और इससे अर्जित रकम सीधे सिंडीकेट के पास पहुंचाई जाती थी।

3200 करोड़ का घोटाला, 60 लाख से अधिक पेटियों की बिक्री… 
EOW/ACB द्वारा अब तक की गई जांच और 200 से अधिक व्यक्तियों के बयान एवं डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर अनुमान है कि लगभग 60,50,950 पेटी बी-पार्ट शराब की अवैध बिक्री हुई है, जिसकी अनुमानित कीमत 2174 करोड़ रुपये से अधिक है. पहले इस घोटाले का अनुमान 2161 करोड़ रुपये था, लेकिन नवीनतम आंकड़ों के अनुसार घोटाले की कुल राशि 3200 करोड़ रुपये से अधिक हो सकती है।

लखमा, चैतन्य, टूटेजा, ढेबर समेत 15 जेल में…
इस मामले में पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल, सेवानिवृत्त IAS अनिल टूटेजा और होटल व्यवसायी अनवर ढेबर समेत 15 लोग पहले से रायपुर सेंट्रल जेल में बंद हैं. ईओडब्ल्यू की जांच में अब तक कुल 70 लोगों को आरोपित बनाया गया है, जिसमें आठ डिस्टलरी संचालक भी शामिल हैं. अन्य संदिग्धों की भूमिका की भी गहन जांच की जा रही है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button