मध्यप्रदेश

मध्यप्रदेश के इतिहास में पहली बार…बीजेपी-कांग्रेस के 19 पार्षदों समेत उपाध्यक्ष ने दिया इस्तीफा…

मध्यप्रदेश/शिवपुरी : मध्य प्रदेश के इतिहास में पहली बार नगर पालिका के कांग्रेस और बीजेपी के 19 पार्षदों समेत उपाध्यक्ष ने सामूहिक इस्तीफा दिया। सभी पार्षद बैंड बाजे के साथ जुलूस निकालते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचे और अपने पदों से रिजाइन दे दिया। बताया जा रहा है कि सभी पार्षद नगर पालिका अध्यक्ष की हठधर्मिता और करप्शन से त्रस्त थे। जिसके चलते अपने पार्षद पद से इस्तीफा दे दिया।

गुरुवार को नगर पालिका के बीजेपी और कांग्रेस के 19 पार्षदों ने इस्तीफा दे दिया। बैंड बाजे-गाजे के साथ कलेक्ट्रेट में इस्ताफा देने पहुंचे। इस दौरान पार्षदों ने जमकर नारेबाजी भी, उन्होंने गायत्री शर्मा चोर है के नारे भी लगाए। वहीं कलेक्ट्रेट में जब कोई अधिकारी इस्तीफा लेने नहीं आया तो पार्षदों ने धरना देते हुए हनुमान चालीसा का पाठ भी किया। आपको बता दें कि दो महीने पहले बगीचा सरकार हनुमान मंदिर में 22 से अधिक पार्षदों ने कसम ली थी, अगर वह नगर पालिका अध्यक्ष गायत्री शर्मा को पद से नहीं हटा सके तो वह इस्तीफा देंगे।

दो माह चले नगर पालिका अध्यक्ष गायत्री शर्मा और पार्षदों के बीच टकराव में केंद्रीय मंत्री सिंधिया, प्रभारी मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर और जिला अध्यक्ष जसवंत जाटव ने भूमिका निभाते हुए अविश्वास प्रस्ताव के आवेदन को तो वापस करा दिया था, लेकिन आज सभी पार्षदों ने इस्तीफा दे दिया। मध्य प्रदेश के इतिहास में पहली बार ऐसा हुआ है कि नगर पालिका के बीजेपी-कांग्रेस दोनों पार्टियों के 19 पार्षद समेत उपाध्यक्ष ने भी रिजाइन दिया हो।

अपर कलेक्टर दिनेश शुक्ला ने कहा कि 10 पार्षदों ने सामूहिक और 8 पार्षदों ने अलग अलग इस्तीफा दिया है। इस्तीफा स्वीकृत करने वाले सवाल पर अपर कलेक्टर ने कहा कि ये न्यायालयीन प्रकरण है। कलेक्टर साहब बाहर थे, जिसकी वजह से मैंने आवेदन लिया है। अब इसे कलेक्टर को प्रेषित किया जाएगा। वहीं इस्तीफा मंजूर और ना मंजूर होने वाले सवाल पर उन्होंने कुछ भी कहने से इनकार कर दिया।

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