Raipur के गणेश पंडाल में अश्लील गाने पर डांस?…AI प्रतिमा को लेकर बजरंग दल-VHP ने किया विरोध

छत्तीसगढ़/रायपुर : इस साल की गणेश उत्सव में लगाए गए AI तकनीक से बनी गणेश प्रतिमाओं को लेकर विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। लाखेनगर मंडल में हंगामे की स्थिति बन गई, जब शिवसेना, बजरंग दल और विश्व हिंदू परिषद के कार्यकर्ता बड़ी संख्या में पहुंचकर विरोध-प्रदर्शन करने लगे। अश्लील गानों पर भड़के कार्यकर्ता सूत्रों के अनुसार, विवाद तब शुरू हुआ जब गणेश पंडाल में देर रात तेज आवाज में अश्लील गाने बजाए जा रहे थे और इस पर डांस चल रहा था। इस पर हिंदू संगठनों ने कड़ी आपत्ति जताई। उनका कहना है कि धार्मिक आयोजन में इस तरह के गाने न केवल आस्था को ठेस पहुंचाते हैं बल्कि परंपराओं का भी अपमान है। इसके साथ ही, संगठनों ने AI से बनी गणेश प्रतिमाओं पर सवाल उठाते हुए कहा कि “आस्था और परंपरा से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
रायपुर का लाखेनगर गणेश मंडल इस बार अपनी AI तकनीक से तैयार की गई गणपति प्रतिमा के कारण सुर्खियों में है। यहां पर बड़ी संख्या में लोग दर्शन के लिए पहुंच रहे थे, लेकिन बीती रात अचानक माहौल तनावपूर्ण हो गया। हिंदू संगठनों ने मंडल पहुंचकर प्रतिमा को तत्काल विसर्जित करने की मांग की। उनका आरोप है कि आस्था से जुड़े आयोजन में आधुनिक तकनीक का उपयोग कर दिखावा किया जा रहा है और धार्मिक भावनाओं का अपमान हो रहा है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस बल मौके पर तैनात कर दिया गया। बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी लाखेनगर पहुंचे और हालात को नियंत्रित किया। पुलिस अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों को समझाइश दी कि किसी भी तरह की कानून-व्यवस्था बिगाड़ने की अनुमति नहीं दी जाएगी। फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन इलाके में एहतियातन पुलिस बल तैनात है।
यह पहला मौका है जब रायपुर में गणेशोत्सव पर AI से बनी प्रतिमाओं का प्रयोग किया गया है। आयोजक मंडल का दावा है कि यह आधुनिक तकनीक के साथ संस्कृति को जोड़ने का प्रयास है, लेकिन धार्मिक संगठनों का मानना है कि इससे परंपरागत आस्था कमजोर होती है। विरोध करने वाले संगठनों का कहना है कि मूर्तिकारों की कला और वर्षों पुरानी परंपरा को छोड़कर AI तकनीक से प्रतिमा बनाना हिंदू संस्कृति का अपमान है।पुलिस ने आयोजकों को भी चेतावनी दी है कि धार्मिक कार्यक्रमों में अश्लील गाने और ऊंची आवाज में डीजे बजाना प्रतिबंधित है। साथ ही, आस्था से जुड़ी किसी भी चीज़ में विवाद की स्थिति बनने पर त्वरित कार्रवाई की जाएगी। लाखेनगर मंडल में अब तक प्रतिमा विसर्जन की कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है, लेकिन हिंदू संगठनों का दबाव बढ़ रहा है। अगले 24 घंटे इस विवाद की दिशा तय कर सकते हैं।



