दक्षिण बस्तर पत्रकार संघ के आह्वान पर 7 जिलों के पत्रकारों ने दिया मौन धरना, पत्रकार की गिरफ्तारी को लेकर मुख्यमंत्री के नाम कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन

छत्तीसगढ़/दंतेवाड़ा : जिले में एक पत्रकार की गिरफ्तारी को लेकर बस्तर संभाग के पत्रकारों ने आक्रोश जाहिर करते हुए मौन धरना दिया. पत्रकार रौनक शिवहरे की गिरफ्तारी को लेकर पत्रकार संगठन ने मुख्यमंत्री साय के नाम कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर न्यायिक जांच की मांग की है।
प्रदर्शन में बस्तर संभाग के सातों जिलों के मीडियाकर्मी शामिल हुए
दरअसल, पूरा मामला गीदम थाना क्षेत्र का है. बीते दिनों दो वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ. वीडियो में लापरवाहीपूर्वक अनियंत्रित ट्रैक्टर ने स्कूटी को टक्कर मारी. घटना में स्कूटी सवार पत्रकार के पिता और उनकी 2 साल की बेटी बाल-बाल बच गए. घटना स्थल पर ट्रैक्टर चालक के साथ हुई मारपीट का दूसरा वीडियो भी वायरल हुआ. इन वीडियो के सामने आने के बाद मामले ने तूल पकड़ लिया।
पुलिस ने शिकायत के बाद मामले में कार्रवाई करते हुए पत्रकार और उसके परिजनों के खिलाफ मारपीट की गंभीर धाराओं के साथ एट्रोसिटी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया. पुलिस ने पत्रकार रौनक शिवहरे को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है. वहीं ट्रैक्टर चालक पर भी रैश ड्राइविंग का मामला दर्ज किया गया है।
दक्षिण बस्तर पत्रकार संघ के आह्वान पर सोमवार को संभाग के सभी जिलों में पत्रकारों ने मौन धरना दिया और निष्पक्ष जांच की मांग उठाई. बस्तर संभाग मुख्यालय जगदलपुर धरने के बाद पत्रकारों ने मुख्यमंत्री के नाम कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा. उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष न्यायिक जांच कराने की मांग की है.
बस्तर पत्रकार संघ के अध्यक्ष मनीष गुप्ता ने बताया की, 6 तारीख को गीदम नगर में पत्रकार रौनक शिवहरे के घर के सामने एक अनियंत्रित ट्रैक्टर ने उनकी स्कूटी को टक्कर मार दी थी. लापरवाही से वाहन चला रहे चालक ने पत्रकार के पिता और उनकी दो वर्षीय मासूम बच्ची को भी कुचलने की कोशिश की, हालांकि दोनों बाल-बाल बच गए।
पत्रकार संगठन ने मामले में की गई कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं. पत्रकार के साथ हुई इस कार्रवाई को लेकर पूरे पत्रकार जगत में नाराजगी देखी जा रही है. पत्रकार संघ ने मांग की है कि पूरे मामले की तत्काल न्यायिक जांच कराई जाए, पत्रकार और उनके परिवार पर दर्ज प्रकरण को निरस्त किया जाए.।



