छत्तीसगढ़

अंतरराष्ट्रीय बांस दिवस के अवसर बच्चों के संग बांस पौधों का रोपण…

छत्तीसगढ़/ रायपुर :  अंतरराष्ट्रीय बांस दिवस के अवसर पर बीबंबू फाउंडेशन द्वारा शासकीय प्राथमिक शाला खपरी, पहारा (वि. खं. धमधा) में विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया।

इस अवसर पर बीबंबू फाउंडेशन के संस्थापक श्री मोहन वर्ल्यानी ने विद्यालय के बच्चों को बांस के महत्व और उसके बहुआयामी उपयोगों के बारे में विस्तार से जानकारी दी।

उन्होंने बताया कि बांस को “हरा सोना” कहा जाता है। यह न केवल पर्यावरण संरक्षण के लिए उपयोगी है, बल्कि ग्रामीण और शहरी दोनों स्तर पर रोजगार का एक सशक्त साधन भी है। बांस सबसे तेज़ी से बढ़ने वाला पौधा है, जो वातावरण से बड़ी मात्रा में कार्बन डाइऑक्साइड अवशोषित करके ऑक्सीजन प्रदान करता है। इसका उपयोग घर बनाने, फर्नीचर, हस्तशिल्प, कागज़, वस्त्र, बायोचार, यहां तक कि औषधीय कार्यों में भी किया जाता है।

बांस रोपण से भूमि का कटाव रुकता है, भूजल स्तर सुरक्षित रहता है और जैव विविधता को भी बढ़ावा मिलता है। बच्चों को यह संदेश दिया गया कि वे बांस को केवल पौधा न समझें, बल्कि इसे भविष्य की हरित अर्थव्यवस्था का आधार मानें।

इसके पश्चात विद्यालय प्रांगण में बांस एवं आम के पौधों का सामूहिक वृक्षारोपण किया गया। इस अवसर पर विद्यालय के प्राचार्य श्री रमेश पाटिल एवं शिक्षकगण श्री सुरेश देवांगन, श्रीमती देवनती निषाद, श्री प्रकाश देवनानी, श्री अनिल निषाद विशेष रूप से उपस्थित रहे।

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