प्रार्थना सभा में मचा बवाल…पुलिस ने दी चेतावनी…नजरअंदाज करने पर 6 आरोपी गिरफ्तार… पुलिस ने ग्रामीणों से की अपील…

छत्तीसगढ़/जांजगीर-चांपा : शिवरीनारायण थाना क्षेत्र में बिना अनुमति प्रार्थना सभा आयोजित करने के मामले में पुलिस ने सख्त कार्रवाई करते हुए 2 महिलाओं समेत कुल 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, प्रार्थना सभा आयोजित करने से क्षेत्र में शांति भंग होने की स्थिति उत्पन्न हुई थी, जिसके चलते पुलिस ने तत्काल प्रतिबंधात्मक कार्यवाही की।
जानकारी के अनुसार, ग्राम खरौद तिवारी में रमाशंकर साहू ने कुछ लोगों को एकत्र कर बिना अनुमति प्रार्थना सभा का आयोजन किया। इस सभा के आयोजन की सूचना मोहल्ले के लोगों को मिली, जिनके विरोध करने पर वहां उपस्थित कुछ महिलाओं ने हंगामा शुरू कर दिया। घटनास्थल पर उत्पन्न तनाव और विवाद की स्थिति ने गांव में भय और अशांति का माहौल उत्पन्न कर दिया।
सूचना मिलने के बाद शिवरीनारायण पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची। पुलिस और गवाहों की मौजूदगी में आरोपियों को कई बार समझाया गया कि वे सभा का आयोजन बंद करें और विवाद को बढ़ने न दें। लेकिन आरोपियों ने पुलिस की चेतावनी को नजरअंदाज करते हुए अत्यधिक उत्तेजित होकर चिल्लाना और हंगामा करना जारी रखा। इस दौरान ग्रामीणों की सुरक्षा और शांति बनाए रखने के लिए पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया। घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए सभी आरोपियों को गिरफ्तार किया।
गिरफ्तार आरोपियों में रमाशंकर साहू (47 वर्ष), येनिवेश साहू (21 वर्ष), किशन यादव (23 वर्ष), मोतीलाल रात्रे (35 वर्ष) और दो महिलाएं शामिल हैं। सभी आरोपियों के खिलाफ भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNS) की धारा 170, 126 और 135(3) के तहत वैधानिक कार्यवाही की गई है।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि बिना अनुमति सभा आयोजित करना केवल कानूनी उल्लंघन नहीं है, बल्कि यह क्षेत्र में शांति और सार्वजनिक व्यवस्था को भी प्रभावित करता है। ऐसे मामलों में पुलिस की त्वरित और प्रतिबंधात्मक कार्रवाई आवश्यक होती है ताकि भविष्य में इसी प्रकार की घटनाओं को रोका जा सके। शिवरीनारायण पुलिस ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे किसी भी संदिग्ध सभा या कार्यक्रम की सूचना तुरंत पुलिस को दें, ताकि समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जा सके।
विशेषज्ञों का कहना है कि ग्रामीण और छोटे कस्बों में सार्वजनिक शांति और सुरक्षा बनाए रखने के लिए स्थानीय पुलिस की तत्परता महत्वपूर्ण है। किसी भी अप्रिय घटना या अशांति की स्थिति में पुलिस का तेज़ी से पहुंचना और कार्रवाई करना आवश्यक है। इस प्रकार की कार्रवाई न केवल कानून-व्यवस्था बनाए रखने में मदद करती है, बल्कि स्थानीय लोगों के बीच पुलिस की विश्वसनीयता भी बढ़ाती है।
घटना के बाद पुलिस ने सभी गिरफ्तार आरोपियों को न्यायालय में पेश किया, जहां उनसे संबंधित कानूनी प्रक्रिया जारी है। पुलिस ने चेतावनी दी है कि भविष्य में बिना अनुमति किसी भी प्रकार की सभा या आयोजन करने वाले लोग वैधानिक कार्रवाई के लिए तैयार रहें। ग्रामीणों और स्थानीय नागरिकों को यह संदेश दिया गया है कि किसी भी शांति भंग करने वाली गतिविधि को तुरंत पुलिस को सूचित करना चाहिए, ताकि कानून और व्यवस्था को बनाए रखा जा सके।



