छत्तीसगढ़

राजनीति में धर्म का प्रवेश होना चाहिए लेकिन धर्म में राजनीति नहीं।- आचार्य इन्द्रेश उपाध्याय

छत्तीसगढ़/रायपुर। रायपुर प्रेस क्लब में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में आचार्य इन्द्रेश उपाध्याय ने SIR को लेकर विपक्ष के आरोपों पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि जब दो पक्ष होते हैं, तो हारने वाला कुछ न कुछ कहता रहता है। राजनेताओं को राजनीतिक परिस्थितियों में कुछ नहीं मिलता, तो वे वोटिंग मशीन, वोटिंग बूथ या EVM में खराबी की बात कह देते हैं। उन्होंने कहा कि इतने वर्षों से नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री हैं। अगर वे गलत होते, तो प्रकृति उन्हें स्वीकार नहीं करती। इतने वर्षों तक कोई व्यक्ति प्रधानमंत्री बना हुआ है, तो प्रकृति ने उसे स्वीकार किया है।

मंदिरों में VIP दर्शन की व्यवस्था को लेकर आचार्य इन्द्रेश उपाध्याय ने कहा कि तिरुपति बालाजी में VVIP लोगों को भी दर्शन के लिए चार घंटे तक इंतजार करना पड़ता है। उसी तरह अन्य मंदिरों में भी व्यवस्था होनी चाहिए। हम भी कई जगह जाते हैं और पब्लिक के बीच खड़े होकर दर्शन करते हैं। हालांकि, यदि कोई ऐसा व्यक्ति है, जिसकी वजह से भगदड़ की स्थिति बन सकती है, तो उसके लिए अलग दर्शन की व्यवस्था होनी चाहिए।

राजनीति में धर्म के प्रवेश को लेकर आचार्य इन्द्रेश उपाध्याय ने कहा कि राजनीति में धर्म का प्रवेश होना चाहिए, लेकिन धर्म में राजनीति नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि राजनीति बिना धर्म के नहीं चल सकती, लेकिन धर्म बिना राजनीति के चल सकता है। उन्होंने कहा कि कई बार राजनीति अपने लिए धर्म का प्रयोग करती है। इससे उपलब्धि मिल सकती है, लेकिन यह तरीका गलत है। कई जगह कथाओं में राजनेता कथा के भाव को अपने राजनीतिक हित से जोड़ने की कोशिश करते हैं, यह उचित नहीं।

गौ राष्ट्र बनाने की मांग को लेकर आचार्य इन्द्रेश उपाध्याय ने कहा कि पहले भारत में गाय के गोबर से ही खाद बनाई जाती थी, लेकिन गाय को लावारिस जीव समझकर कटवाकर भेज दिया जाता है। हम सभी बाहर की डेयरी से खुश हैं, लेकिन जिस दिन गौवंश नष्ट हो गया, उस दिन इसका बड़ा असर पड़ेगा। भारत में केवल करीब 15 करोड़ गौवंश बचा है और डेढ़ लाख गाय रोज कट रही हैं। संत लगातार बोल रहे हैं, लेकिन कोई नहीं समझ रहा है।

Gen Z के आंदोलन पर आचार्य इन्द्रेश उपाध्याय ने कहा कि जो लोग पावरफुल होते हैं, वे विवादों में आ जाते हैं। पावर का इस्तेमाल सही तरीके से होना चाहिए। 440 वोल्ट की बिजली आ रही है, तो उससे बल्ब जलाकर प्रकाश करो, किसी को छुआकर तड़पाकर मारो मत। Gen Z का आंदोलन सभी ने देखा है, लेकिन इसी बीच राम मंदिर और सनातन धर्म को लेकर भी आपत्तिजनक बातें कही जा रही हैं। देश के प्रधानमंत्री को भी भद्दी बातें बोली जा रही हैं। जो पावर 440 का होना था, वह 650 से 800 तक पहुंच रहा है। व्यक्ति पर जब बहुत ज्यादा पावर आने लगती है, तो वह आपा खोने लगता है और कुछ भी बोलने लगता है।

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