मध्यप्रदेश

पत्रकार अपनी लेखनी से हजारों लोगों की दुआएं और पुण्य कमा सकते हैं : राजयोगिनी छाया दीदी

– पत्रकार अपनी लेखनी से हजारों लोगों की दुआएं और पुण्य कमा सकते हैं: राजयोगिनी छाया दीदी

– पत्रकार स्नेह मिलन एवं सम्मान समारोह आयोजित

– शहर भर से पत्रकारों ने लिया भाग

– पगड़ी, पट्टा पहनाकर और स्मृति चिन्ह भेंट कर किया गया सम्मान

सागर। ब्रह्माकुमारीज़ संस्थान के मकरोनिया सेवाकेंद्र पर रविवार को पत्रकार स्नेह मिलन एवं सम्मान समारोह आयोजित किया गया। इसमें सभी पत्रकारों का पगड़ी, पट्टा और स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मान किया गया।

समारोह में सागर क्षेत्र की संचालिका राजयोगिनी ब्रह्माकुमारी छाया दीदी ने कहा कि परमपिता शिव परमात्मा इस धरा पर आकर मनुष्य आत्माओं को सहज राजयोग मेडिटेशन की शिक्षा दे रहे हैं। आप सभी मीडिया के भाई – बहनों से यही आह्वान है कि परमात्मा के इस दिव्य संदेश को जन – जन तक पहुंचाएं। आप अपनी लेखनी से हजारों लोगों की दुआएं और पुण्य कमा सकते हैं।

जो देंगे, वही लौटकर आएगा –

कथावाचक एवं प्रेरक वक्ता राजयोगिनी बीके नीलम दीदी ने कहा कि खुशी हमारा गहना है। खुशी जैसी कोई खुराक नहीं है। इसलिए कुछ भी हो जाए जीवन में खुशी नहीं जाए। हम इतना खुश रहें कि लोग हमें देख कर खुश हो जाएं। राजयोग मेडिटेशन के अभ्यास से हमारे विचार सकारात्मक और शक्तिशाली बनते हैं। मन शांत होता है। इसलिए आप सभी रोजाना की भागदौड़ भरी जिंदगी में से कुछ समय निकाल कर ध्यान अवश्य करें। हम जो देंगे वही हमारे पास लौटकर आता है। दुख देंगे तो दुख आएगा और खुशी, प्रेम, सुख, शांति देंगे तो वह उसी रूप में लौटकर आएगा।

पीएम कॉलेज की प्रो. डॉ. ऋतु बहन ने कहा कि ब्रह्माकुमारी में एक बात सिखाई जाती है कि कोई बदले या नहीं बदले, सबसे पहले मुझे स्वयं को बदलना है। हम बदलेंगे, जग बदलेगा। वर्ष 1937 में बहुत ही छोटे स्तर पर शुरू हुआ विश्व परिवर्तन का यह कारवां आज पूरे विश्व के 140 देशों में अध्यात्म की रोशनी बिखेर रहा है।

माउंट आबू में वस्त्र के साथ सोच भी पवित्र है –
इंक मीडिया इंस्टीट्यूट के निदेशक एवं मोटीवेशनल स्पीकर डॉ. आशीष द्विवेदी ने कहा कि आज समाज में जहां चारों ओर नकारात्मकता का माहौल है, ऐसे में ब्रह्माकुमारी संस्थान समाज में आशा का दीपक बनकर ज्ञान प्रकाश फैला रहा है।

ब्रह्माकुमारी के मुख्यालय माउंट आबू में हर व्यवस्था अदभुत है। वहां केवल श्वेत वस्त्र धारी लोग ही नहीं हैं उनके विचार, संकल्प और कर्म भी वस्त्रों के पवित्र हैं। अपने जीवन में एक बार अवश्य माउंट आबू जाएं।

आज भी लोग सकारात्मक खबरें पसंद करते हैं –

माउंट आबू से आए संस्थान के मुख पत्र शिव आमंत्रण समाचार पत्र के संपादक बीके पुष्पेंद्र भाई ने कहा कि अपने जीवन में कुछ ऐसे सिद्धांत बनाएं जो विपरीत परिस्थिति में आपकी ढाल बनकर जीवन को नई राह दिखाते रहें। आपकी कलम किसी को उठाने का जरिया बने न की गिराने का। समाज मीडिया का आशा भरी नजरों से देखता है। लाखों की संख्या में ब्रह्माकुमारी के अनेक पत्र पत्रिकाओं का प्रकाशन इस बात का प्रमाण हैं कि आज भी लोग अच्छी, प्रेरक, सकारात्मक, नई दिशा देने वाली खबरों को देखना, सुनना और पढ़ना पसंद करते हैं।

वरिष्ठ पत्रकार प्रमोद चौबे ने कहा कि मुझे एक बार माउंट आबू जाने का अवसर मिला, वहां की व्यवस्था, मैनेजमेंट सब सराहनीय है। आज में यहां से अपने साथ बहुत कुछ नई बातें सीख कर जा रहा हूं जो जीवन में सदा प्रेरित करेंगी।

संचालन करते हुए बीके लक्ष्मी दीदी ने कहा कि आज यहां से आप सभी संकल्प लेकर जाएं कि मुझे अपने घर का दीपक खुद बनना है। अतिथियों का स्वागत बीके पार्वती बहन, बीके आरती बहन, बीके प्रगति बहन ने किया।

इस मौके पर बीके सीता दीदी, बीके संध्या दीदी, बीके खुशबू दीदी, बीके मुकेश भाई, बीके पीयूष भाई, बीके माखन भाई सहित बड़ी संख्या में पत्रकार भाई बहनें मौजूद रहे। समापन पर ब्रह्मा भोजन का आयोजन किया गया।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button