शिवशक्ति लीडरशिप एप्रोच (SSLA) – अनुभवों से भरपूर रचनात्मक कार्यशाला सम्पन्न

– शिवशक्ति लीडरशिप एप्रोच (SSLA) – अनुभवों से भरपूर रचनात्मक कार्यशाला सम्पन्न –
– शान्ति का पुष्प अपने घर रूपी बगीचे में विकसित कर घर को मन्दिर बनाएं…सुदेश दीदी
– शांति हमें हर परिस्थिति का सामना करने में मदद करती है…डॉ. ममता साहू, अध्यक्ष महिला आयोग
रायपुर: प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय की महिला संगठन शिवशक्ति लीडरशिप अप्रोच (स्स्रु्र) द्वारा ’’करूणामय शिवशक्ति नेतृत्व- शान्ति ही शक्ति है’’ विषय पर कार्यशाला आयोजित की गई।

कार्यशाला का शुभारम्भ छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. ममता साहू, ब्रह्माकुमारीज़ मुख्यालय माउण्ट आबूराज की वरिष्ठ राजयोग शिक्षिका डॉ. सुनीता दीदी, रायपुर संचालिका ब्रह्माकुमारी सविता दीदी, जनसंपर्क विभाग की सहायक संचालक आमना मीर, हरिभूमि आईएनएच की सीनियर प्रोड्यूसर मधुमिता पाल, छत्तीसगढ़ राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की पूर्व अध्यक्ष शताब्दि पाण्डे, नेशनल न्यूज़ चैनल भारत एक्सप्रेस की छत्तीसगढ़ की संपादक प्रियंका कौशल, दूरदर्शन की पत्रकार श्रीमती रूमासेन गुप्ता, सहायक समाचार संपादक शगुफ्ता शिरीन, काँग्रेस प्रवक्ता प्रगति वाजपेयी, विस्तार न्यूज की एंकर रसिका पांडे, महर्षि विद्यालय की प्राचार्या मोनिका मिश्रा और अखिल भारतीय क्षत्रिय विरांगणा महासभा की राष्ट्रीय अध्यक्ष नितू सिंग ने दीप प्रज्वलित करके किया।

ब्रह्माकुमारी संस्था की संयुक्त मुख्य प्रशासिका ब्रह्माकुमारी सुदेश दीदी जी ने अपने वीडिओ सन्देश के द्वारा विषय की गहराई से सभी को लाभान्वित किया। उन्होंने सभी को शान्ति लिखा हुआ फुल भेंट करते हुए शांति का भावार्थ पांच गुणों से जोडक़र बताया कि सकारात्मक (Positive), शिक्षा (Education), स्वीकार्यता (Acceptance), शान्त (Cool) और सहज (Easy) के गुणों से सजी पंखुडिय़ों का यह शांति का पुष्प सभी अपने मन के बगीचे में विकसित करें और अपने घर को मंदिर बनाये।
महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. ममता साहू ने अपने अनुभवयुक्त सम्बोधन में कहा कि शांति जीवन की सबसे बड़ी शक्ति है। शांति हमें हर परिस्थिति से सहज ही पार करा देती है। जब भी हम यहां ब्रह्माकुमारी संस्था में आते हैं तो बहुत सुंदर शांति की अनुभूति होती है। इस तरह के कार्यक्रम समाज में लोगों को आध्यात्मिक रूप से मजबूत बनाने में मदद करती है। इसलिए ऐसे अनुभवात्मक कार्यक्रम बार-बार होने चाहिए।
ब्रह्माकुमारी डॉ. सुनीता दीदी ने करूणामय शिवशक्ति नेतृत्व- शांति ही शक्ति है के विषय में सभी महिलाओं को उनके व्यक्तिगत घटना की स्मृति दिलाते हुए स्वयं को शांति के सागर परमात्मा शिव की संतान और शांति की देवी शिवशक्ति स्वरूपा बनने का एहसास कराते हुए गहन ध्यान के माध्यम से जीवन में विपरीत परिस्थितियाँआने पर इसका प्रयोग करने का सुंदर तरीका बतलाया।
कार्यशाला में रोप एक्टिविटी के माध्यम से इन्हीं अनुभूतियों का आपसी आदान-प्रदान हुआ जिससे कार्यशाला अत्यंत प्रभावशाली रहा। इसके अन्तर्गत सभी उपस्थित महिलाओं ने अपने जीवन की सच्ची घटनाओं को साझा किया कि कैसे विपरीत परिस्थिति में उन्हें ग़ुस्सा आया था और बदला लेने की भावना आई थी लेकिन जब कार्यशाला के दौरान वो शांति की देवी शीतला का स्वरूप बने तब उनके भीतर सामने वाले को माफ करने की शक्ति, दूसरे के विचारों को स्वीकार करने की शक्ति, करूणामय नेतृत्व से व्यवहार करने शक्ति की सुंदर अनुभूति हुई।
कार्यक्रम में ब्रह्माकुमारी सविता दीदी ने सभी का स्वागत किया। कु. शिवानी और कु. शीतल ने स्वागत नृत्य प्रस्तुत किया तथा संचालन ब्रह्माकुमारी सौम्या दीदी ने किया।



