धर्म-आध्यात्म

वैश्विक शिखर सम्मेलन में महाराष्ट्र की 108 महिला गायक एकसाथ देंगी विशेष प्रस्तुति

– वैश्विक शिखर सम्मेलन में महाराष्ट्र की 108 महिला गायक एकसाथ देंगी विशेष प्रस्तुति

– वैश्विक शिखर सम्मेलन को लेकर मुख्यालय शांतिवन में पत्रकारवार्ता आयोजित

– केंद्रीय मंत्री, मुख्यमंत्री, राज्यपाल, राज्यों के मंत्री सहित 40 से अधिक सांसद-विधायक लेंगे भाग

– प्रसिद्ध एक्ट्रेस अक्षरा सिंह लेंगी भाग गायिका अनुराधा पौडवाल और ग्रेमी अवार्ड विजेता पद्यश्री रिकी केज के सुरों से सजेगी संगीत संध्या

आबूरोड। ब्रह्माकुमारीज संस्थान के अंतरराष्ट्रीय मुख्यालय शांतिवन में 23 अक्टूबर से होने जा रहे विशाल चार दिवसीय वैश्विक शिखर सम्मेलन को लेकर मंगलवार को पत्रकार वार्ता आयोजित की गई। इसमें केंद्रीय मंत्री, मुख्यमंत्री, राज्यपाल, राज्यों के मंत्री सहित 40 से अधिक सांसद-विधायक भाग लेंगे। सम्मेलन का विशेष आकर्षण के रूप में महाराष्ट्र के आकार फाउंडेशन की 108 महिला गायकों द्वारा प्रस्तुति दी जाएगी।

पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए संस्थान के अतिरिक्त महासचिव डॉ. बीके मृत्युंजय भाई ने बताया कि सम्मेलन में ब्रह्माकुमारीज़ की 90 वर्ष की यात्रा को एक्जीबिशन के जरिए दिखाया जाएगा। साथ ही 50 से अधिक वर्षों से समर्पित रूप से सेवाएं दे रहे ब्रह्माकुमार भाई-बहनों का सम्मान समारोह आयोजित किया जाएगा। विश्व नवनिर्माण के लिए आध्यात्मिक जागृति विषय पर आयोजित इस समारोह में 24 अक्टूबर को सुबह 10 बजे एवं 25 अक्टूबर को रात 8.30 बजे से महाराष्ट्र के आकार फाउंडेशन की 108 महिला गायकों द्वारा विशेष प्रस्तुति दी जाएगी। इसके अलावा प्रसिद्ध गायिका पद्यश्री अनुराधा पौडवाल द्वारा 24 अक्टूबर को शाम 4.30 बजे से डिवाइन गीतों की जोरदार प्रस्तुति दी जाएगी। तीन बार के ग्रैमी अवार्ड विजेता एवं पद्यश्री रिकी केज द्वारा वन वर्ल्ड, वन फेमिली, वन फ्यूचर की थीम पर प्रस्तुति दी जाएगी। समापन 26 अक्टूबर को होगा, जिसमें भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन और राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा शामिल होंगे।

दुनिया का एकमात्र और सबसे बड़ा संगठन-
सिरोही जिले के आबूरोड-माउंट आबू में स्थित ब्रह्माकुमारी संस्थान नारी शक्ति द्वारा संचालित दुनिया का सबसे बड़ा और एकमात्र संगठन है। यहां मुख्य प्रशासिका से लेकर प्रमुख पदों पर महिलाएं ही हैं। नारी सशक्तिकरण का इससे बड़ा उदाहरण और क्या हो सकता है कि यहां के भोजनालय में भाई भोजन बनाते हैं और बहनें बैठकर भोजन करती हैं। संगठन की सारी जिम्मेदारियों को बहनें संभालती हैं और भाई उनके सहयोगी के रूप में साथ निभाते हैं।

140 देशों में छह हजार सेवाकेंद्र संचालित-
संस्थान के विश्व के 140 देशों में छह हजार से अधिक सेवाकेंद्र संचालित हैं। 50 हजार से अधिक ब्रह्माकुमारी बहनें तन-मन-धन से समर्पित रूप से सेवाएं दे रही हैं। 25 लाख से अधिक लोग इसके नियमित विद्यार्थी हैं जो संस्थान के नियमित सत्संग मुरली क्लास अटेंड करते हैं। दो लाख से अधिक ब्रह्मचारी युवा जुड़े हुए हैं जो समाज के लिए नजीर बने हुए हैं। समाज के सभी वर्गों की सेवा के लिए राजयोग एजुकेशन एंड रिसर्च फाउंडेशन के तहत 25 प्रभागों की स्थापना की है।

संयुक्त राष्ट्र में गैर-सहकारी संगठन की मान्यता-
ब्रह्माकुमारीज़ संयुक्त राष्ट्र का एक अंतरराष्ट्रीय गैर-सरकारी सलाहकार संगठन है। संस्थान द्वारा समय प्रति समय विश्व शांति, विश्व एकता और वसुधैव कुटुम्बकम् की भावना का विकास करने के लिए संयुक्त राष्ट्र को सुझाव दिए गए हैं। संयुक्त राष्ट्र के सम्मेलन, बैठकों में मानव व्यक्ति की गरिमा, मूल्य और मौलिक मानवाधिकारों की पुष्टि के लिए महत्वपूर्ण सुझाव, प्रजेंटेशन दिया गया है। वर्ष 1984 में तत्कालीन मुख्य प्रशासिका राजयोगिनी दादी प्रकाशमणि को संयुक्त राष्ट्र शांति पदक से सम्मानित किया गया। वर्ष 1980 से सार्वजनिक सूचना विभाग (डीपीआई) के साथ सहयोगी का दर्जा प्राप्त है। 1983 से आर्थिक और सामाजिक परिषद (ईसीओएसओसी) के साथ सामान्य परामर्शदात्री सदस्य के रूप में मान्यता प्राप्त है। वर्ष 1987 में संयुक्त राष्ट्र के शांति वर्ष के उपलक्ष्य में ब्रह्माकुमारीज़ द्वारा विश्व शांति के लिए किए जा रहे प्रयासों को देखते हुए सात शांति दूत पुरस्कारों से सम्मानित किया गया है। वर्ष 1987 से संयुक्त राष्ट्र बाल शिक्षा कोष (यूनिसेफ) के साथ परामर्शदाता सदस्य के रूप में मान्यता मिली हुई है।

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