धर्म-आध्यात्म

वैश्विक शिखर सम्मेलन शुरू, देश-विदेश से पहुंचे मेहमान

देश-विदेश का हर युवा राजयोग करेगा तो वर्तमान परिस्थितियां नहीं देखनी पड़ेगी: भाजयुमो राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. हेमांग जोशी

-डॉ. जोशी बोले- राजयोग मेडिटेशन से मेरी लाइफ की जर्नी रिएक्शन से रिस्पांस की ओर बढ़ी

– हिप्र भाजपा के अध्यक्ष डॉ. बिंदल बोले- नारी शक्ति का कहीं वंदन है तो वह ब्रह्माकुमारीज़ में है

– वैश्विक शिखर सम्मेलन शुरू, देश-विदेश से पहुंचे मेहमान

– ब्रह्माकुमारीज़ में 50 वर्षों से सेवा दे रहे राजयोगी भाई-बहनों का किया गया सम्मान

– 24 अक्टूबर को सुबह 10 बजे शुभारंभ सत्र में केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत लेंगे भाग

आबूरोड। ब्रह्माकुमारीज़ संस्थान के अंतरराष्ट्रीय मुख्यालय शांतिवन में शुक्रवार से विशाल वैश्विक शिखर सम्मेलन शुरू हो गया। विश्व नवनिर्माण के लिए आध्यात्मिक जागृति विषय पर आयोजित इस चार दिवसीय सम्मेलन में देश-विदेश से छह हजार से अधिक जानीं-मानीं शख्सियतें भाग ले रही हैं। स्वागत सत्र में ब्रह्माकुमारीज़ में पिछले 50 साल से समर्पित रूप से तन-मन-धन से अपनी सेवाएं दे रहे ब्रह्माकुमार राजयोगी भाई-बहनों को पगड़ी, पट्‌टा और माला पहनाकर विशेष सम्मान किया गया।

इस दौरान भारतीय जनता युवा मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. हेमांग जोशी ने कहा कि यदि हर युवा राजयोग करेगा तो आज जो हमें देश-विदेश में परिस्थितियां देखती को मिल रहीं हैं तो वह नहीं होगा। क्योंकि राजयोग से जब हर युवा सकारात्मक होगा तो ऐसी परिस्थितियां निर्मित ही नहीं होंगी। मैंने जब ब्रह्माकुमारीज़ में राजयोग मेडिटेशन का कोर्स किया तो कुछ ऐसी परिस्थितियों का निर्माण हुआ कि मुझे भाजपा और देश के सबसे युवा सांसद के रूप में मौका मिला। युवा होने के नाते कई बार ऐसा होता है कि जब हमें कोई बड़ी जिम्मेदारी मिलती है तो हम उसका पाचन नहीं कर पाते हैं, लेकिन ब्रह्माकुमारीज़ में राजयोग मेिडटेशन का कोर्स करने के बाद मेरे जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आया। अब मेरी जर्नी रिएक्शन से रिस्पांस की ओर बढ़ी। राजयोग से मेरे मन में मानसिक स्थिरता आई। जब जीवन में कोई परिस्थिति आती है तो तुरंत कोई रिएक्शन करने के बजाय सोच-समझकर रिस्पांस करता हूं।

शांतिवन शांति की गंगोत्री है-
डॉ. जोशी ने कहा कि प्रत्येक युवा को स्थिर मन से विकसित भारत के संकल्प को साकार करने के लिए आगे बढ़ने की जरूरत है, तभी प्रधानमंत्रीजी को विकसित भारत-2027 का सपना पूरा होगा। शांतिवन शांति की गंगोत्री है, जहां से पूरे विश्व में शांति की गंगा प्रवाहित हो रही है। महिला सशक्तिकरण का इससे बड़ा उदाहरण और क्या हो सकता है, जहां महिलाएं आध्यात्मिक नेतृत्व के साथ विश्व में शांति और सद्भाव का संदेश दे रही हैं और हम सबको जीवन का कल्याण करने के लिए प्रेरित कर रही हैं।

नारी शक्ति का कहीं वंदन है तो वह ब्रह्माकुमारीज़ में है-
हिमाचल प्रदेश के भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने कहा कि नारी शक्ति का कहीं वंदन है तो वह ब्रह्माकुमारीज़ में है। ब्रह्माकुमारीज़ की मुख्य प्रशासिका मोहिनी दीदी ने 16 वर्ष की आयु में विश्व कल्याण के लिए जीवन समर्पित कर दिया। आज नवदशकोत्सव के अवसर समय है- हजारों ब्रह्माकुमारी भाई-बहनों के अभिनंदन करने का, जिन्होंने देश-विदेश में सनातन को फैलाने का कार्य किया। मैंने कल आश्रम में अलग ही अनुभूति की। जो यहां प्रेम है, स्नेह है, वह विलक्षण है। जब सुबह बाबा के महावाक्य सुन रहा था तब अनुभव हुआ कि मैं अलग ही दुनिया में आ गया हूं।

श्रेष्ठ संकल्पों से असंभव को भी संभव बनाया जा सकता है: बीके शिवानी दीदी
अंतरराष्ट्रीय प्रेरक वक्ता बीके शिवानी दीदी ने अवेकनिंग द सेल्फ विषय पर संबोधित करते हुए सकारात्मक सोच, श्रेष्ठ संकल्पों और आंतरिक शक्ति के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि हमारी सोच, स्वभाव, निर्णय और संस्कार हमारे जीवन की दिशा निर्धारित करते हैं। इसलिए स्वयं में सकारात्मक परिवर्तन लाने की जिम्मेदारी हमारी स्वयं की है। दूसरों की नकारात्मक बातों को बार-बार दोहराने के बजाय उनके प्रति भी शुभभावना और श्रेष्ठ संकल्प रखने चाहिए। इससे मन शांत, स्थिर और शक्तिशाली बनता है।

हर परिस्थिति में रहें खुश-
बीके शिवानी दीदी ने सभी को समानता की दृष्टि से देखने, रिश्तों में विश्वास बनाए रखने, सबको क्षमा करने और हर परिस्थिति में खुश रहने की प्रेरणा दी। उन्होंने श्रेष्ठ संस्कारों एवं कर्मों के माध्यम से स्वयं में परिवर्तन लाकर स्वर्णिम भारत के निर्माण तथा वसुधैव कुटुम्बकम् की भावना को साकार करने का संदेश दिया। सकारात्मक सोच, आत्मविश्वास, श्रेष्ठ कर्म और परमात्मा की शक्तियों के सहारे कठिन परिस्थितियों का सामना करते हुए असंभव को भी संभव बनाया जा सकता है।

दूसरों के प्रति हमारा संकल्प शुभ और श्रेष्ठ हो-
ब्रह्माकुमारीज़ की मुख्य प्रशासिका राजयोगिनी बीके मोहिनी दीदी ने कहा कि मुझे गर्व हो रहा है कि 70 वर्षों से मुझे शिव बाबा और ब्रह्मा बाबा की छत्रछाया मिली। परमात्मा की पहचान मिली। हम सभी का आत्मिक संबंध बना, हम सभी भाई-बहन बन गए। ब्रह्माकुमारीज़ का विश्व व्यापी सबसे बड़ा परिवार है। बाबा ने ऐसा परिवार बनाया, जिसके द्वारा पूरा विश्व एक परिवार बना। सारे विश्व में यह विश्व विद्यालय राजयोग के ज्ञान व शिक्षाओं द्वारा सबके जीवन को उज्जवल बना रहा है। दूसरों के प्रति हमारा संकल्प शुभ और श्रेष्ठ हो। आपस में प्रेम, एकता और सद्भावना हो। अतिरिक्त मुख्य प्रशासिका राजयोगिनी बीके मुन्नी दीदी ने कहा कि मैं हर समय अपने साथ प्यारे शिव बाबा का अनुभव करती हूं। मैंने सेवा में वरिष्ठ दादियों द्वारा सिखाई गईं बातों को अपनाया है। यहां से जाने के बाद आप सभी नजदीकी सेवाकेंद्र पर जाते रहना। अतिरिक्त मुख्य प्रशासिका राजयोगिनी बीके जयंती दीदी भी अपने विचार व्यक्त किए।

ज्ञान से पूरी मानवता को जगाना ही संस्था का उद्देश्य-
महासचिव राजयोगी बीके करुणा भाई ने कहा कि आप सबका यहां आना सच्चे नेतृत्व को दर्शाता है। यह केवल एक कार्यक्रम नहीं है, हम नवदशकोत्सव मना रहे हैं। यह इस संस्था के 90 वर्षों की यात्रा की झलक है। जिसकी शुरुआत बहुत सरल किंतु गहरी थी। इस ईश्वरीय ज्ञान से पूरी मानवता को जगाना और इस कार्य में माताओं और बहनों को आगे रखना एक बड़ा कार्य है। जब हमारी चेतना बदलती है तो हमारे आसपास की दुनिया बदल जाती है। स्वयं के बदलने से ही विश्व परिवर्तन होता है।

ये भी रहे मौजूद-
प्रसिद्ध अभिनेत्री सुश्री अक्षरा सिंह, प्रसिद्ध सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर श्री कुलदीप सिंघानिया, श्री सत्य साईं मानव उत्कृष्टता विश्वविद्यालय के कुलाधिपति बीएन नरसिम्हा मूर्ति, ग्लोबल पीस फाउंडेशन एवं इंडो-पैसिफिक पीस फोरम के अध्यक्ष डॉ. मार्कंडेय राय, एबीपी न्यूज़ के परामर्श संपादक संदीप चौधरी, श्री कल्पतरु संस्थान के संस्थापक विष्णु लांबा, सेल्फी विद डॉटर अभियान के संस्थापक सुनील जगलान, अमृता विद्यालयम दिल्ली की प्राचार्य ब्रह्मचारिणी चिन्मयामृता चैतन्या, ऑल इंडिया इमाम ऑर्गनाइजेशन के प्रमुख इमाम डॉ. उमर अहमद इलियासी, वरिष्ठ राजयोगी बीके प्रकाश भाई सहित देश-विदेश से आए मेहमान मौजूद रहे।

झलकियां-
– मधुरवाणी ग्रुप के बीके सतीश भाई व टीम ने स्वागत गीत आपका स्वागत बारंबार है प्रस्तुत किया।
महाराष्ट्र के अहिल्यानगर से आए युगंधर वाद्यपथक प्रतिष्ठान की टीम ने ढोल-ताशा पर ग्रैंड नाद उत्सव की प्रस्तुति दी। टीम की जोरदार प्रस्तुति ने सम्मेलन में समां बांध दिया। संचालन बीके रूपेश भाई ने किया।

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