व्यवसाय में धर्म और सेवा के समावेश से मिलेगी शांति व सफलता…पद्मश्री सवजी भाई ढोलकिया

– ब्रह्माकुमारीज़ का नवा रायपुर में आयोजित उद्योग-व्यापार महासम्मेलन…
– उद्योगपतियों के सम्मेलन में कॉन्शियस लीडरशिप पर मंथन…

– व्यवसाय में धर्म और सेवा के समावेश से मिलेगी शांति व सफलता…पद्मश्री सवजी भाई ढोलकिया
– उद्योगपतियों को राजयोग मेडिटेशन और आत्म-रूपांतरण से समाज कल्याण का संदेश…
छत्तीसगढ़/नवा रायपुर अटल नगर, 13 सितम्बर, 2026: प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय के उद्योग एवं व्यापार प्रभाग द्वारा नवा रायपुर सेक्टर-20 में स्थित शांति शिखर के भव्य सभागार में अखिल भारतीय उद्योगपति एवं व्यापारी महासम्मेलन का आयोजन किया गया। विषय था- सचेत पूंजीवाद-दिशाहीन दुनिया में मकसद के साथ प्राफिट (Conscious Capitalism – Profit with Purpose in a Distracted World)। इस कार्यक्रम में क्षेत्र के प्रमुख उद्योगपतियों, व्यवसायियों और प्रबुद्ध नागरिकों ने बड़ी संख्या में भाग लिया।
सम्मेलन के मुख्य वक्ता हरि कृष्णा एक्सपोर्टस सूरत के फाउण्डर एवं पद्मश्री से सम्मानित मशहूर हीरा व्यापारी सवजी भाई ढोलकिया ने अपने ओजस्वी उद्बोधन में कहा कि हमें अलग से धर्म करने की आवश्यकता नहीं है बल्कि व्यवसाय में ही धर्म और सामाजिक सरोकार (Social Business) को जोडऩे की जरूरत है। अपनी अनोखी कार्यशैली और कर्मचारियों को कार व मकान आदि उपहार स्वरूप देने के लिए चर्चित प्रसिद्ध हीरा व्यापारी एवं समाजसेवी पद्मश्री सावजी भाई ढोलकिया ने बताया कि केवल धन संचय करने से प्रेरणा नहीं मिलती बल्कि देने की भावना से जीवन में वास्तविक खुशी और आनंद मिलता है।
उन्होंने अपने जीवन और व्यापार के व्यावहारिक अनुभव साझा किए और कहा कि जल संरक्षण व पर्यावरण संर्वधन के संकल्प के तहत वे अब तक 208 बड़े सरोवरों (तालाबों) का निर्माण करवा चुके हैं। उन्होंने उपस्थित उद्योगपतियों का आह्वान करते हुए कहा कि हर व्यक्ति को अपनी संपत्ति, समय, समझ और शरीर (श्रम) का कम से कम दस प्रतिशत हिस्सा समाज और राष्ट्र हित में योगदान करना चाहिए।
विराज प्रोफाइल्स प्रा. लि. मुम्बई के चेयरमैन नीरज राजा कोचर ने कहा कि वह अपने कर्मचारियों को वर्कर नहीं बल्कि अपना परिवार मानकर चलते हैं। उन्होंने लोगों से राजयोग अपनाने के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि सुबह और शाम को थोड़ा समय निकालकर राजयोग मेडिटेशन अवश्य करें। आज के भागदौड़ और डिजिटल डिस्ट्रेक्शन वाले दौर में ध्यान (राजयोग) एक पोर्टेबल चार्जर की तरह काम करता है।
वरिष्ठ राजयोग शिक्षिका ब्रह्माकुमारी क्रीना दीदी ने ब्रह्माकुमारीज के संस्थापक पिताश्री प्रजापिता ब्रह्मा बाबा के जीवन पर प्रकाश डालते हुए बताया कि 1936 के दशक में वे सिंध-हैदराबाद के एक प्रसिद्ध और सफल हीरा व्यापारी थे। जीवन के सर्वोच्च शिखर पर होते हुए भी उन्होंने आत्म-रूपांतरण का मार्ग चुना और स्व परिवर्तन से विश्व परिवर्तन का दिव्य संदेश दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि सच्ची लीडरशीप दूसरों पर शासन करना नहीं बल्कि स्वयं के जीवन में परिवर्तन लाकर दूसरों को प्रेरित करना है।
प्रारम्भ में सभी अतिथियों का रायपुर संचालिका ब्रह्माकुमारी सविता दीदी ने स्वागत किया।
सम्मेलन को छत्तीसगढ़ राज्य केन्द्रीय औद्योगिक विकास निगम के अध्यक्ष राजीव अग्रवाल, मुम्बई के ब्रह्माकुमार हरीश भाई, अविनाश ग्रुप के आनन्द सिंघानिया, भिलाई केन्द्र की निदेशिका ब्रह्माकुमारी आशा दीदी, सारडा मिनरल्स के चेयरमैन कमल सारडा, गोयल ग्रुप के वीरेन्द्र गोयल, कैट के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अमर पारवानी ने भी सम्बोधित किया।
कुमारी शारदा नाथ ने स्वागत गीत प्रस्तुत कर भाव विभोर कर दिया। बाल कलाकारों द्वारा स्वागत नृत्य पेश किया। संचालन ब्रह्माकुमारी रश्मि दीदी ने किया।



