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शांति के नए युग की स्थापना में सेतु बने मीडिया : मुख्य प्रशासिका राजयोगिनी बीके मोहिनी दीदी

– शांति के नए युग की स्थापना में सेतु बने मीडिया : मुख्य प्रशासिका राजयोगिनी बीके मोहिनी दीदी

– चार दिवसीय राष्ट्रीय मीडिया महासम्मेलन का गरिमामय समापन

– देशभर से आए प्रिंट, इलेक्ट्रानिक, रेडियाे और वेब मीडिया से जुड़े पत्रकार, संपादक और मीडिया गुरु ने लिया भाग

– श्रेष्ठ विश्व के निर्माण हेतु सशक्त मीडिया रहा मुख्य विषय

आबूरोड। मीडिया के पास समाज की सोच और दिशा को प्रभावित करने की अपार शक्ति है। यदि इस शक्ति का उपयोग सकारात्मक चिंतन, मानवीय मूल्यों और शांति के संदेश को आगे बढ़ाने में किया जाए तो मीडिया शांति के नए युग की स्थापना में महत्वपूर्ण सेतु बन सकता है। पत्रकारिता केवल सूचना देने का माध्यम नहीं, बल्कि समाज में विचारों का निर्माण करने और सकारात्मक परिवर्तन की दिशा देने वाली प्रभावशाली शक्ति है।

यह बात ब्रह्माकुमारीज़ संस्थान की मुख्य प्रशासिका राजयोगिनी बीके मोहिनी दीदी ने राष्ट्रीय मीडिया महासम्मेलन के समापन सत्र में कही।

ब्रह्माकुमारीज़ के मनसरोवर परिसर स्थित दिव्य शक्ति अनुभूति हॉल में आयोजित चार दिवसीय राष्ट्रीय मीडिया महासम्मेलन-2026 का समापन शांति के नए युग की ओर सेतु के रूप में मीडिया विषय पर हुआ।

9 से 13 सितंबर तक चले इस सम्मेलन में मीडिया एवं जनसंचार क्षेत्र से जुड़े 1500 से अधिक प्रतिनिधियों ने सहभागिता की। समापन सत्र में मीडिया की सामाजिक जिम्मेदारी, सकारात्मक पत्रकारिता और शांति स्थापना में मीडिया की भूमिका पर विचार-विमर्श हुआ।

शब्दों में समाज को जोड़ने की शक्ति होती है-
मुख्य प्रशासिका राजयोगिनी बीके मोहिनी दीदी ने कहा कि वर्तमान समय में समाज तक पहुंचने में मीडिया की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। समाचार और विचार लोगों की सोच को प्रभावित करते हैं, इसलिए मीडिया से जुड़े लोगों को अपनी जिम्मेदारी को समझते हुए ऐसी पत्रकारिता को बढ़ावा देना चाहिए, जो समाज में विश्वास, सद्भाव और सकारात्मकता का वातावरण बनाए। उन्होंने कहा कि शब्दों में समाज को जोड़ने की शक्ति होती है। यदि पत्रकारिता में संवेदनशीलता और मानवीय मूल्यों को स्थान दिया जाए तो मीडिया लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने का माध्यम बन सकता है।

मीडिया के सामने हैं नई जिम्मेदारियां-
माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. संजीव गुप्ता ने इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के बदलते स्वरूप और पत्रकारिता के सामने मौजूद नई जिम्मेदारियों पर विचार व्यक्त किए। उन्होंने मीडिया कर्मियों के लिए तथ्यपरकता और जिम्मेदार दृष्टिकोण को महत्वपूर्ण बताया।

कल्याणपुर, नेपाल की वरिष्ठ पत्रकार माला कुमारी कर्ण ने मीडिया को समाज और विभिन्न वर्गों के बीच संवाद का महत्वपूर्ण माध्यम बताया। उन्होंने पत्रकारिता के माध्यम से सकारात्मक संदेशों और शांति की भावना को जन-जन तक पहुंचाने की आवश्यकता पर विचार रखे।

इन्होंने भी किया संबोधित-
कुशाभाऊ ठाकरे विश्वविद्यालय ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन, रायपुर के पूर्व कुलपति प्रो. डॉ. मानसिंह परमार ने मीडिया की सामाजिक भूमिका पर प्रकाश डाला।

वहीं प्रसार भारती न्यूज सर्विस, नई दिल्ली के सीनियर एडिटर डिजिटल उमनाथ सिंह ने डिजिटल पत्रकारिता से जुड़े विषयों पर विचार रखे।

एएएफटी, नोएडा फिल्म सिटी के डीन डॉ. विकास सिंह ने भी मीडिया एवं रचनात्मक माध्यमों की भूमिका पर अपने विचार व्यक्त किए।

आगामी कार्ययोजना प्रस्तुत की-
समापन पर मीडिया विंग की उपाध्यक्ष बीके सरला दीदी ने आगामी कार्ययोजना प्रस्तुत की। उन्होंने मीडिया गतिविधियों को अधिक प्रभावी बनाने तथा सकारात्मक संदेशों को व्यापक स्तर तक पहुंचाने से संबंधित कार्ययोजना रखी। इस कार्ययोजना को प्रो. संजय द्विवेदी, विभागाध्यक्ष, मास कम्युनिकेशन, माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल ने स्वीकृति प्रदान की।

अतिथियों का बैज, पुष्पगुच्छ एवं अंगवस्त्र से सम्मान किया गया। मुंबई के गायक बीके पुनीत ने गीत प्रस्तुत किया। आगरा के मीडिया के उप क्षेत्रीय समन्वयक बीके अमर चंद ने स्वागत संबोधन दिया। वरिष्ठ राजयोग शिक्षिका डॉ. बीके सविता दीदी ने प्रतिभागियों को मेडिटेशन का अनुभव कराया।

नृत्य से मोहा मन-
आगरा की कथक कलाकार श्वेता सागर ने स्वागत नृत्य प्रस्तुत कर सभी का मन मोह लिया।

मीडिया एवं पीआर विंग के राष्ट्रीय समन्वयक बीके शांतनु ने आभार व्यक्त किया।

संचालन अहमदाबाद की अतिरिक्त क्षेत्रीय मीडिया समन्वयक डॉ. बीके नंदिनी बहन ने किया।

समापन के बाद सांस्कृतिक संध्या का आयोजन किया गया। इसमें आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से सम्मेलन को भावपूर्ण विदाई दी गई।

प्रतिभागियों ने लिया शांतिपूर्ण वातावरण के निर्माण में योगदान संकल्प-

पांच दिनों तक चले इस सम्मेलन में मीडिया को केवल सूचना प्रसारित करने के माध्यम के बजाय शांति, सकारात्मकता और श्रेष्ठ चिंतन को समाज तक पहुंचाने वाले प्रभावशाली सेतु के रूप में स्थापित करने पर विशेष जोर रहा। सम्मेलन के समापन के साथ प्रतिभागियों ने पत्रकारिता के माध्यम से समाज में सकारात्मक परिवर्तन और शांतिपूर्ण वातावरण के निर्माण में योगदान देने का संकल्प लिया।

 

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