छत्तीसगढ़

धर्मांतरण बना छत्तीसगढ़ में बड़ी चुनौती!…तीन दिन में सामने आऐ अलग-अलग जगह से तीन मामले…

रायपुर : छत्तीसगढ़ में लगातार धर्मांतरण के मामले सामने आ रहें हैं बीते तीन दिनों में अलग- अलग जगह से तीन मामले सामने आऐ हैं. बिलासपुर शहर से फिर एक धर्मांतरण का मामला सामने आया है। जहां पास्टर जेम्स सिंह प्रार्थना सभा की आड़ में धर्मांतरण करा रहा था। यह पूरा मामला सरकंडा थाना क्षेत्र के चांटीडीह स्थित घर का है।

1- मिली जानकारी के अनुसार, पास्टर जेम्स सिंह हिंदू महिला पुरुषों का ब्रेन वॉश कर ईसाई धर्म का पाठ पढ़ा रहा था। जिसकी सूचना के बाद बजरंग दल की शिकायत पर मौके पर पुलिस पहुंची। बताया जा रहा है कि, बाहर का गेट लगाकर बंद कमरे में 20 से 25 लोगों का ब्रेन वाशिंग का काम चल रहा था। फिलहाल, पुलिस ने पास्टर जेम्स सिंह के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और जांच में जुट गई है।

आर्थिक मदद का लालच देकर धर्म परिवर्तन कराने पहुचीं दो महिलाऐं घर…

2- भिलाई-3 के पदुम नगर की रहने वाली रूखमणी पाण्डेय ने लिखित में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में उन्होंने बताया कि वे घरेलू कार्य और खाना बनाने का काम करती हैं। 25 जनवरी को दो अज्ञात महिलाएं उनके घर आईं और धर्म परिवर्तन करने पर बीमारी ठीक होने तथा आर्थिक मदद मिलने का लालच दिया। जब उन्होंने सहमति नहीं दी तो महिलाएं वहां से चली गईं।

इसके बाद 1 फरवरी को वही महिलाएं फिर उनके घर पहुंचीं और ईसाई धर्म अपनाने, बाइबिल पढ़ने, इलाज कराने, आर्थिक सहायता देने और बेटी की शादी में सहयोग का प्रस्ताव रखा। इस बार प्रार्थिया और उनके परिजनों ने इसका विरोध किया, जिसके बाद रूखमणी सीधे थाने पहुंचीं और शिकायत दर्ज कराई।

पुलिस ने मामले में साक्ष्यों के आधार पर विवेचना की, तो शिकायत सही पाई गई। इसके बाद भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 299 और छत्तीसगढ़ धर्म स्वतंत्रता अधिनियम की धारा 04 के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया। पुलिस ने खुर्सीपार की रहने वाली सारिका डाडिंगे और कुम्हारी की रहने वाली प्रियंका साईमन को गिरफ्तार कर लिया है। दोनों आरोपियों को जेल भेजने की तैयारी की जा रही है।

अंबिकापुर में धर्म परिवर्तन मामले में पूर्व डिप्टी कलेक्टर गिरफ्तार…

3 – वहीं कुछ दिन पहले अंबिकापुर में चंगाई सभा का आयोजन कर धर्म परिवर्तन कराने के मामले में पुलिस ने रिटायर्ड डिप्टी कलेक्टर के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने जांच उपरान्त सेवा निवृत्त डिप्टी कलेक्टर ओमेगा टोप्पो को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।

बता दें, 25 जनवरी को गांधीनगर थाना अंतर्गत नमनाकला निवासी सेवा निवृत्त डिप्टी कलेक्टर 65 वर्षीया ओमेगा टोप्पों पिता स्व. सामुएल टोप्पो द्वारा अपने निवास पर चंगाई सभा का आयोजन किया गया था।

इस चंगाई सभा में लगभग 60 लोग शामिल हुए जहां धर्म परिवर्तन कराने का कार्य किया जा रहा था। इस धर्म परिवर्तन की जानकारी मिलने के बाद हिंदूवादी संगठन के लोग मौके पर पहुंचे और इसका विरोध जताया। वहीं घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस व प्रशासन की टीम भी मौके पर पहुंची थी।

हिंदूवादी संगठन के लोगों का विरोध…

इस दौरान हिंदूवादी संगठन के लोगों ने आरोप लगाया था चंगाई सभा के नाम पर हिंदु धर्म के भोले-भाले लोगों को एकत्र कर उनका धर्मांतरण कराया जा रहा है। ओमेगा टोप्पो इस तरह से धर्मांतरण कराने में लिप्त रही हैं। हाईकोर्ट ने अपने एक आदेश में स्पष्ट किया है कि किसी घर में इस तरह के धार्मिक अनुष्ठान बिना पूर्व अनुमति के नहीं किए जा सकते। इसके बावजूद ओमेगा टोप्पो के घर पर लंबे समय से हर रविवार इस तरह की चंगाई सभा आयोजित की जा रही है।

मौके पर पहुंचे पुलिस अफसरों को रोका…

मौके पर पहुंचे पुलिस व प्रशासनिक अधिकारी को पूर्व डिप्टी कलेक्टर ने अंदर आराधना चलने का हवाला देकर रोक लिया और घर में प्रवेश के लिए अनुमति कागज मांगने लगी। इसी बीच, अंदर मौजूद ज्यादातर लोगों को भगा दिया गया। धर्म परिवर्तन के मामले में पुलिस ने ओमेगा टोप्पो और चार पास्टर को पूछताछ के लिए थाने में बुलाया था, जिसके बाद इस मामले की जांच चल रही थी।

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