केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने Chhattisgarh @ 25: Shifting the Lens पुस्तक का किया विमोचन।

छत्तीसगढ़/ रायपुर : केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने आज नवा रायपुर में साप्ताहिक पत्र ‘ऑर्गेनाइजर’ के ‘भारत प्रकाशन’ द्वारा प्रकाशित ‘छत्तीसगढ़ @ 25 : शिफ्टिंग द लेंस’ पुस्तक पर आयोजित राष्ट्रीय कॉन्क्लेव को संबोधित किया। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने कहा कि ऑर्गेनाइज़र हमेशा से अंग्रेज़ी पत्रकारिता में मूल भारत का विचार रखता आया है, उस पर दृढ़ रहा है और उसके अनेक आयामों को भारतीय जनता के सामने रखने का काम किया है। उन्होंने कहा कि इसी कड़ी में आज Chhattisgarh @ 25: Shifting the Lens का सुरक्षा, समृद्धि और स्थिरता विषय पर एक कॉन्क्लेव का आयोजन किया गया है।
केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि सुरक्षा, समृद्धि और स्थिरता शब्द किसी भी राष्ट्र या राज्य के लिए बहुत महत्वपूर्ण हैं और छत्तीसगढ़ जैसा राज्य जिसकी रचना आज़ादी के बाद हुई, उसके लिए और अधिक महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी जी जब प्रधानमंत्री बने तब उन्होंने निर्णय किया कि छोटे राज्यों का प्रयोग सिर्फ प्रयोग मात्र नहीं है बल्कि वहां की जनता की आकांक्षाओं की पूर्ति है। उन्होंने कहा कि वाजपेयी जी के समय एक साथ झारखंड, उत्तराखंड और छत्तीसगढ़ की रचना का निर्णय किया गया। उन्होंने कहा कि मोदी जी के नेतृत्व में भारत के सफल होने से ही संपूर्ण विश्व स्थिर और समृद्ध होगा, यह आज पूरे विश्व ने स्वीकार किया है।
केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने कहा कि अटल जी के कार्यकाल के दौरान बने नए राज्यों में किसी भी प्रकार का मनमुटाव उत्पन्न नहीं हुआ, लेकिन केन्द्र में पिछली सरकार के दौरान बनने वाले एक नए राज्य तेलंगाना के दौरान आंध्र प्रदेश और तेलंगाना दोनों राज्यों में बहुत अधिक कटुता हो गई जो एक दशक से भी अधिक समय तक चली। उन्होंने कहा कि आज भी दोनों राज्यों के बीच कई विवाद लंबित हैं। श्री शाह ने कहा कि उनकी पार्टी औऱ विचारधारा से निकलने वाले व्यक्ति इतने अच्छे से कार्य करते हैं, लेकिन जो सिर्फ एडमिनिस्ट्रेटिव तरीके से काम करते हैं तो इन राज्यों जैसी कटुता हो जाती है। उन्होंने कहा कि राजनीति में आइडियोलॉजी की बहुत भूमिका होती है और यही शासन को चलाती है। जिस राजनीतिक दल की विचारधारा ही न हो, वह राजनीतिक दल राज्य या देश का भला नहीं कर सकता।
पत्रकारिता का धर्म विचार को डरे बिना निर्भीक रूप से रखना – अमित शाह
श्री अमित शाह ने कहा कि पत्रकारिता जगत में ऑर्गेनाइज़र ने देश के मुद्दों पर हमेशा आइडियोलॉजी के आधार पर उचित औऱ संयमित इंटरवेंशन किए हैं। उन्होंने कहा कि पत्रकारिता का धर्म विचार को डरे बिना निर्भीक रूप से रखना है और ऑर्गेनाइज़र ने निर्भीकता कभी नहीं छोड़ी।
केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि उन्होंने कहा कि पहले ऑर्गेनाइज़र का मज़ाक उड़ाया जाता था, उसे इग्नोर किया जाता था और उसका विरोध किया जाता था लेकिन इन तीनों कालखंड में भी ऑर्गेनाइज़र दृढ़ता के साथ विचारधारा का दृष्टिकोण रखने से कभी नहीं डरा। श्री शाह ने कहा कि आजादी से पहले और आज़ादी के बाद भारत की यात्रा में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का बहुत बड़ा योगदान है जिसे कोई इतिहासकार नकार नहीं सकता। उन्होंने कहा कि देश और समाज जीवन का कोई ऐसा क्षेत्र नहीं है जिसमें संघ के स्वयंसेवकों का सबसे अधिक सकारात्मक योगदान न हो।
केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ 25 वर्ष का हो गया है और गत 25 वर्षों में राज्य में बहुत बड़ा परिवर्तन आया है। उन्होंने कहा कि पहले बिहार, मध्य प्रदेश, राजस्थान और उत्तर प्रदेश को BIMARU प्रदेश कहा जाता था। आज मध्य प्रदेश औऱ छत्तीसगढ़, उत्तर प्रदेश औऱ उत्तराखंड, राजस्थान औऱ बिहार, BIMARU से बाहर आकर विकसित राज्य बनने की कगार पर खड़े हैं।
श्री शाह ने कहा कि इसका बहुत बड़ा कारण यहां लंबे समय तक उनकी पार्टी की सरकार बनीं और विकास का दौर चला। श्री शाह ने कहा कि उनकी पार्टी की सरकारों ने सुशासन और शासन के अनेक प्रकार के मानांक गढ़ने का काम किया है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ 25 साल पहले BIMARU और नक्सलवाद से ग्रस्त राज्य माना जाता था, लेकिन आज जब देखते हैं तो यह BIMARU राज्य से बाहर निकल कर विकसित राज्य बनने की कगार पर है और यहां नक्सलवाद का नामोनिशान समाप्त होने वाला है। यह गुणात्मक परिवर्तन आइडियोलॉजी के आधार पर चलने वाली उनकी पार्टी की सरकार लाई है।



