ज्ञानेश्वरी यादव का अपने गृह क्षेत्र राजनांदगांव में हुआ भव्य स्वागत…

छत्तीसगढ़/राजनांदगांव : राजनांदगांव की रहने वाली ज्ञानेश्वरी यादव का विदेशी धरती में आयोजित राष्ट्रमंडल खेल से रजत पदक जीतने पर जोरदार स्वागत हुआ। उनके यहां पहुंचने पर संस्कारधानी की जनता ने जयकारा के नारे लगाए। शहर उसके बाद ज्ञानेश्वरी घोड़ी बग्गी में बैठी और देशभक्ति गीतों के साथ नगर भ्रमण किया।
राष्ट्रमंडल खेलों की रजत पदक विजेता ज्ञानेश्वरी यादव का अपने गृह क्षेत्र राजनांदगांव में पहुंचने पर पोस्ट ऑफिस चौक में भव्य स्वागत हुआ। राजनांदगांव की प्रतिभावान बेटी ज्ञानेश्वरी यादव ने महिलाओं की 53 किलोग्राम भारोत्तोलन स्पर्धा में शानदार प्रदर्शन करते हुए रजत पदक अपने नाम किया है।
ज्ञानेश्वरी यादव ने राष्ट्रमंडल खेलों में रचा इतिहास
ज्ञानेश्वरी ने अपने पहले ही राष्ट्रमंडल खेलों में यह ऐतिहासिक पदक जीतकर यह साबित कर दिया है। ज्ञानेश्वरी ने कहा कि, यदि बुलंद हौसले, कठोर परिश्रम और अनुशासन को अपना हथियार बनाया जाए, तो दुनिया का कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं होता। उनकी यह सफलता न केवल छत्तीसगढ़ के खेल इतिहास में एक स्वर्णिम अध्याय है, बल्कि देश की उन तमाम युवा प्रतिभाओं के लिए एक मिसाल है जो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का प्रतिनिधित्व करने का सपना देखती हैं।
महिलाओं की 53 किलोग्राम भारोत्तोलन स्पर्धा
उन्होंने कहा कि, महिलाओं की 53 किलोग्राम भारोत्तोलन स्पर्धा में कुल 199 किलोग्राम वजन उठाकर ज्ञानेश्वरी ने न केवल देश के लिए पदक जीता, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ को गौरवान्वित किया है। यह उपलब्धि प्रदेश के खेल इतिहास में स्वर्णिम अध्याय के रूप में दर्ज होगी।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय द्वारा की गई घोषणाएं
इधर, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने की 30 लाख रुपये प्रोत्साहन राशि और आउट ऑफ टर्न डीएसपी पद पर पदोन्नति की घोषणा की है। इससे पहले भी ज्ञानेश्वरी यादव ने विदेश के ग्रीस में अजीत वेलिफ्टिंग में भी पदक प्राप्त किया है। जिसके चलते उन्हें राज्य सरकार ने पुलिस विभाग में एएसआई पद नियुक्त किया था।



