छत्तीसगढ़ के 42 नर्सिंग संस्थानों की मान्यता INC ने की रद…सर्वाधिक 15 संस्थान रायपुर के…

छत्तीसगढ़/रायपुर : प्रदेश के 42 नर्सिंग संस्थानों में संचालित विभिन्न पाठ्यक्रमों की मान्यता इंडियन नर्सिंग काउंसिल (आइएनसी) ने रद कर दी है। इनमें रायपुर के सर्वाधिक 15 संस्थान शामिल हैं। इन संस्थानों में बीएससी नर्सिंग, जीएनएम, पोस्ट बेसिक बीएससी नर्सिंग और साइकेट्री नर्सिंग में डिप्लोमा सहित विभिन्न पाठ्यक्रम संचालित हो रहे थे।
डीकेएस सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल में संचालित एमएससी नर्सिंग पाठ्यक्रम की मान्यता भी रद की गई है। आइएनसी ने देशभर के 1,484 नर्सिंग संस्थानों में संचालित विभिन्न पाठ्यक्रमों की मान्यता रद करते हुए अपनी वेबसाइट पर पूरी सूची अपलोड की है।
प्रदेश में रायपुर के अलावा, महासमुंद, बलरामपुर, बिलासपुर, जगदलपुर, राजनांदगांव, गरियाबंद, दुर्ग-भिलाई, सरगुजा और रायगढ़ के संस्थान सूची में शामिल हैं। आइएनसी एक्ट, 1947 की धारा 14 के तहत की गई कार्रवाई के बाद संबंधित संस्थानों से प्राप्त नर्सिंग योग्यता को लेकर पंजीयन का दायरा भी सीमित कर दिया गया है।
केवल छत्तीसगढ़ में ही पंजीकरण के हकदार होंगे…
आइएनसी के दिशा-निर्देश के अनुसार, इन संस्थानों से मान्यता प्राप्त योग्यता रखने वाला व्यक्ति केवल उसी राज्य में पंजीकरण कराने का हकदार होगा, जहां से उसने योग्यता प्राप्त की है। विशेषज्ञों का कहना है कि ये कालेज चलते रहेंगे, लेकिन यहां से सफल विद्यार्थी देश के अन्य राज्यों या विदेश में नौकरी नहीं कर पाएंगे। आइएनसी ने मान्यता रद करने के कारण नहीं बताएं हैं लेकिन संभावना जताई जा रही है कि उपयुक्तता प्रमाणपत्र नहीं होने की वजह से कार्रवाई की गई है।
कालेजों में अब तक शुरू नहीं हुआ निरीक्षण…
प्रदेश में 143 नर्सिंग कालेज हैं, जहां बीएससी कोर्स संचालित हो रहे हैं। इनमें आठ सरकारी है। इन कालेजों का अभी तक निरीक्षण शुरू नहीं हुआ है। इससे काउंसिलिंग में देरी हो सकती है। हालांकि, नियमानुसार कालेजों का हर साल निरीक्षण जरूरी है। काउंसिल नया सत्र शुरू होने के पहले सभी कालेजों का निरीक्षण कराता है, ताकि मान्यता दी जा सके। निरीक्षण में फैकल्टी समेत इंफ्रास्ट्रक्चर, लैब व अस्पताल की संबद्धता शामिल रहती है।
मापदंड के अनुसार नहीं चल रहे कालेज…
चिकित्सा शिक्षा विभाग ने वर्ष-2024 में सभी 135 निजी नर्सिंग कालेजों से बिल्डिंग का सत्यापित नक्शा मंगाया था। ज्यादातर ने नक्शे जमा नहीं किए, क्योंकि मापदंड के अनुसार नहीं चल रहे हैं। प्रदेश में करीब 25 प्रतिशत निजी कालेज मापदंड के विपरीत चल रहे हैं। कई स्थानों पर एक से दो कमरों पर किराए के भवन में कालेज चल रहे हैं। जबकि, आइएनसी के अनुसार बिल्डिंग 23,000 वर्गफीट एरिया में बनी होनी चाहिए।



