धर्म-आध्यात्म

राजयोग अभ्यास द्वारा तन मन की स्थिरता से बिना पल्के झपकाए मूर्ति रूप में प्रकट होती चैतन्य देवियां बनी आकर्षण का केंद्र…..

*राजयोग अभ्यास द्वारा तन मन की स्थिरता से बिना पल्के झपकाए मूर्ति रूप में प्रकट होती चैतन्य देवियां बनी आकर्षण का केंद्र…..*

भिलाई, 16अक्टूबर 2026, छत्तीसगढ़ :- प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय सेक्टर 7 राजयोग भवन द्वारा शरदीय नवरात्रि के पावन अवसर पर ध्वनि एवं प्रकाश के अति सुंदर समायोजन द्वारा चैतन्य देवियों की झांकी का शुभारंभ शिव शक्ति स्वरूपा ब्रह्माकुमारी दीदियों द्वारा दीप प्रज्वलन कर विधिवत उद्घाटन किया गया।

विशाल पर्वत श्रृंखला में बने गुफाओं और पहाड़ों के मध्य से एक के बाद एक जड़ मूर्ति रूप में चैतन्य देवियों का प्रकट होकर भक्तों को दर्शन देना अलौकिक दिव्य अनुभूति कराता है।

आंतरिक शक्तियों का दर्शन एवं स्वयं में सकारात्मक परिवर्तन के लिए प्रेरित करती यह चैतन्य देवियों की झांकी अंदर की अशांति मिटाकर ज्ञान का प्रकाश एवं अष्ट भुजाधारी मां दुर्गा की अष्ट शक्तियां हम सबमें विद्यमान है उन्हें भारत के प्राचीन राजयोग ध्यान द्वारा जागृत कर व्यवहार में लाना है।

चैतन्य देवियों के रूप में विराजित ब्रह्माकुमारी बहनें प्रतिदिन राजयोग के अभ्यास के कारण तन और मन की स्थिरता द्वारा बिना पलक झपकाए जड़ मूर्ति रूप में प्रतीत होती,जिसे देख दर्शनार्थियों को यकीन नहीं होता कि ये चैतन्य देवियां है।

झांकी में बताया गया कि बचपन की शुद्धता और नदी उद्गम स्थल कितना शुद्ध और पवित्र रहता है,हमे भी जीवन में शिव की शक्तियों को स्वयं में धारण करने के लिए बुराईयों,अशुद्धियों, नकारात्मकता,व्यसन,ईर्ष्या द्वेष को छोड़ना होगा। यही इस चैतन्य देवियों की झांकी का मूल संदेश है।

इस अवसर पर 10 दिवसीय “अपनी शक्तियों से करें मुलाकात” राजयोग शिविर दिनांक 22 अक्टूबर से प्रातः 7 से 8,संध्या 5:30 से 6:30 अथवा संध्या 7:30 से 8:30 तक रहेगा। जिसमें किसी भी एक समय शिविर का लाभ ले सकते है।

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