प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने छत्तीसगढ़ के बस्तर में सुरक्षाबलों के जवानों के साथ दिवाली मनाई।

छत्तीसगढ़/बस्तर: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने छत्तीसगढ़ के बस्तर में सुरक्षाबलों के जवानों के साथ दिवाली मनाई। कभी नक्सलवाद का गढ़ रहे इस इलाके में जवानों के बीच पहुंचकर पीएम मोदी ने उन्हें त्योहार की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि 2026 की दिवाली देश के लिए ऐतिहासिक है, क्योंकि दशकों पुरानी नक्सलवाद और माओवादी आतंक के खिलाफ लड़ाई में देश ने जीत हासिल की है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि यह पहली दिवाली है, जब देश का हर जिला नक्सलवाद से मुक्त है। उन्होंने इस उपलब्धि का श्रेय सुरक्षाबलों के लाखों बहादुर जवानों और महिला कर्मियों के त्याग, समर्पण और साहस को दिया।
बस्तर में जवानों के बीच पहुंचे पीएम मोदी…
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बस्तर के करनपुर में COBRA ऑपरेशन्स बेस का दौरा किया। यह बेस बस्तर और अबूझमाड़ के जंगलों में एंटी-नक्सल ऑपरेशन्स के लिए ट्रेनिंग सेंटर और लॉन्च पैड के रूप में काम करता रहा है। इस दौरान पीएम मोदी ने कहा कि वह दिवाली मनाने के लिए जवानों के बीच आए हैं। उन्होंने कहा, “जो लोग बॉर्डर पर और देश के अंदर देश की रक्षा करते हैं, देश के रखवाले और भारत माता के वीर बेटे-बेटियां, आप सभी मेरे परिवार के सदस्य हैं।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि 2026 की दिवाली वास्तव में खास है। 40-50 साल बाद देश ऐसी दिवाली मना रहा है। उन्होंने कहा, “यह पहली दिवाली है, जब देश ने नक्सलवाद और माओवादी आतंक के खिलाफ दशकों पुरानी लड़ाई जीती है। यह पहली दिवाली है, जब देश का हर जिला नक्सलवाद से मुक्त है।”
उन्होंने आगे कहा कि करोड़ों देशवासियों ने नक्सलवाद के डर से मुक्ति पाई है। यह बहुत बड़ी कामयाबी है और इसका बड़ा श्रेय सुरक्षाबलों के लाखों बहादुर पुरुषों और महिलाओं को जाता है। इसी वजह से वह जवानों के साथ दिवाली मनाने यहां पहुंचे हैं।
‘बस्तर में अब विकास की नई लहर शुरू हुई’
पीएम मोदी ने कहा कि बस्तर की धरती पर कभी नक्सलवाद का खतरा था, लेकिन सुरक्षाबलों के त्याग और समर्पण के कारण अब इस क्षेत्र में नक्सलवाद का खतरा खत्म हुआ है और विकास की नई लहर शुरू हुई है।
उन्होंने कहा कि देश के अंदरूनी हिस्सों में सुरक्षा मजबूत होने से देश की बाहरी सुरक्षा भी मजबूत होती है। जब आंतरिक सुरक्षा कमजोर होती है, तो बाहरी दुश्मन भी सिर उठाने लगते हैं।
‘देश की एकता और अखंडता के लिए आपने कुर्बानियां दीं’
प्रधानमंत्री ने जवानों के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि जिस तरह देश की सेनाएं सीमा पर सुरक्षा की जिम्मेदारी निभाती हैं, उसी तरह सुरक्षाकर्मी देश के भीतर सुरक्षा सुनिश्चित करते हैं।
उन्होंने कहा, “आपने देश की एकता और अखंडता के लिए अनगिनत कुर्बानियां दी हैं। आपने बहुत बड़ी निजी कुर्बानियां दी हैं। करोड़ों देशवासियों को आप पर गर्व है।”
पीएम मोदी ने कहा कि वह 140 करोड़ देशवासियों की ओर से जवानों के त्याग, समर्पण और सेवा भावना के लिए आभार जताने आए हैं। उन्होंने देशभर में अलग-अलग स्थानों पर तैनात सभी सुरक्षाकर्मियों को दिवाली की शुभकामनाएं भी दीं।
PM मोदी बोले- नक्सलियों से ज्यादा हमारे बहादुर जवान शहीद हुए…
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बस्तर में जवानों के साथ दिवाली मनाने के दौरान नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि 2004 से 2013 के बीच के आंकड़े देखें तो हर साल नक्सलियों के मुकाबले देश के ज्यादा बहादुर जवान शहीद हुए। दुर्भाग्य से उस समय की सरकारों ने नक्सलवाद को ऐसी बीमारी मान लिया था, जिसका कोई इलाज नहीं है।
पीएम ने कहा कि माओवादी आतंक और नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई आसान नहीं थी। नक्सलियों ने लोगों से वोट डालने का अधिकार तक छीन लिया था। एक साल में नक्सली हमलों की संख्या 2,000 तक पहुंच गई थी।
उन्होंने 2010 में दंतेवाड़ा में हुए हमले का जिक्र करते हुए कहा कि उस घटना में CRPF के 76 जवान शहीद हुए थे। इसी साल दंतेवाड़ा में एक अन्य घटना में 44 निर्दोष नागरिकों की हत्या कर दी गई थी।
पीएम मोदी ने कहा कि देश को आगे बढ़ाने के लिए मजबूत संकल्प और सुनियोजित रणनीति के साथ देश के दुश्मनों का सामना करना जरूरी है। उन्होंने कहा कि ऐसा करने के लिए जिस राजनीतिक इच्छाशक्ति की कमी थी, उसे 2014 में मजबूत किया गया।
उन्होंने कहा, ‘आपने इस प्रधानसेवक को मां भारती की सेवा करने का अवसर दिया और हमने देखा कि 2014 के बाद हालात कैसे बदलने लगे।’
‘पिछले एक साल में CRPF का एक भी जवान शहीद नहीं हुआ’
प्रधानमंत्री ने कहा कि लंबे समय तक ऐसी स्थिति रही, जब नक्सलियों से ज्यादा हमारे जवान मारे जा रहे थे। लेकिन 47 साल में पहली बार एक बड़ी उपलब्धि हासिल हुई है।
उन्होंने कहा कि पिछले एक साल में ड्यूटी के दौरान CRPF के एक भी जवान की जान नहीं गई। यह देश की सही नीतियों, मजबूत संकल्प और सुरक्षाबलों के शौर्य, साहस और संयम की जीत है।
‘आप सभी मेरे परिवार का हिस्सा हैं’
पीएम मोदी ने जवानों को संबोधित करते हुए कहा कि वे सभी उनके परिवार का हिस्सा हैं। इस बार वह बस्तर के जंगलों में उनके साथ दिवाली मनाने आए हैं।
उन्होंने कहा कि यह वही इलाका है, जहां कभी नक्सलवाद का आतंक था। सुरक्षाबलों के बलिदान और समर्पण की वजह से अब इस इलाके से नक्सलवाद खत्म हो गया है और यहां विकास की नई लहर शुरू हुई है।



