खैरागढ़ का इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय एक बार फिर विवादों के घेरे में…‘विवादित बयान’ पर मचा बवाल…

छत्तीसगढ़/खैरागढ़ : इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय एक बार फिर विवादों के घेरे में है अबकी बार विश्वविद्यालय की कुलपति डॉ. लवली शर्मा के ‘विवादित बयान’ ने ऐसा बवाल मचाया कि बुधवार को सैकड़ों कर्मचारी कलेक्टर दफ्तर पहुंच गए और नारेबाजी से माहौल गर्मा दिया।
कर्मचारी संघ का आरोप है कि कुलपति ने अपने बयान में कर्मचारियों को ‘असभ्य’ बताकर पूरे छत्तीसगढ़ की मेहनतकश और श्रमशील छवि का अपमान किया है. आक्रोशित कर्मचारियों ने न सिर्फ नारे लगाए बल्कि साफ कह दिया कि जब तक सरकार कुलपति की नियुक्ति रद्द नहीं करती, तब तक चरणबद्ध आंदोलन जारी रहेगा।
यह पहला मौका नहीं है जब विश्वविद्यालय में कुलपति के खिलाफ बगावत का बिगुल बजा है. बीते पांच वर्षों में विश्वविद्यालय विवाद और आंदोलनों का अखाड़ा बना रहा है. पहले पूर्व कुलपति ममता चंद्राकर के कार्यकाल में लंबा आंदोलन चला था, जिसके बाद राजभवन ने उन्हें पद से हटाने का आदेश जारी किया।
उनके बाद नियुक्त हुईं डॉ. लवली शर्मा का भी अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने ‘लवली शर्मा गो बैक’ के नारों और दीवारों पर लिखे विरोधी स्लोगन के साथ विरोध किया. एबीवीपी के कार्यकर्ताओं ने गेट पर रातभर धरना देकर दबाव बनाया, लेकिन कुछ समय बाद एबीवीपी का आंदोलन सरकार के दबाव में ठंडा पड़ गया।
अब कर्मचारी संघ ने मोर्चा संभालते हुए कुलपति को सीधे निशाने पर लिया है. कलेक्टर कार्यालय में दिए गए ज्ञापन में कर्मचारी संघ ने राष्ट्रपति, राज्यपाल और मुख्यमंत्री तक अपनी मांग भेजी है. उनका कहना है कि कुलपति का बयान केवल व्यक्तिगत नहीं बल्कि संविधान, सामाजिक न्याय और छत्तीसगढ़ की अस्मिता का अपमान है, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
विश्वविद्यालय में एक बार फिर आंदोलन की आहट से शैक्षणिक माहौल में तनाव गहरा गया है. कर्मचारी संघ ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को व्यापक बनाया जाएगा, जिससे विश्वविद्यालय परिसर में तालाबंदी और पढ़ाई ठप होने की नौबत आ सकती है।



