छत्तीसगढ़

सुकमा के जगरगुंडा इलाके में सक्रिय रहे 5 हार्डकोर नक्सलियों ने किया सरेंडर…सरकार की नई पुनर्वास नीति से हुए प्रभावित।

छत्तीसगढ़/सुकमा : छत्तीसगढ़ से नक्सलवाद के खात्मे के लिए जिले में नियद नेल्लानार योजना और पूना मारेगम अभियान चलाया जा रहा है. शासन की नीतियों से प्रभावित होकर 5 हार्डकोर माओवादियों ने पुलिस के सामने सरेंडर कर दिया। हथियार डालने वाले नक्सली सरकार की नई पुनर्वास नीति से काफी प्रभावित हैं। आत्मसमर्पण करने वाले नक्सली सरेंडर करने के बाद समाज की मुख्य धारा से जुड़कर काम करना चाहते हैं. सरेंडर करने वाले माओवादियों को 50 पचास हजार की आर्थिक राशि दी गई। सरेंडर करने वाले माओवादियों को शासन की ओर से कई और सुविधाएं दी जाएंगी।

नक्सलवाद के खात्मे के लिए जिले में नियद नेल्लानार योजना और पूना मारेगम अभियान चलाया जा रहा है. शासन की नीतियों से प्रभावित होकर लगातार नक्सली हथियार डाल रहे हैं. सरेंडर करने वाले सभी पांचों माओवादी लंबे वक्त से सुकमा के जगरगुंडा थाना इलाके में सक्रिय रहे हैं।

सरेंडर करने वाले माओवादियों के खिलाफ सुकमा जिले के अलग अलग थाना क्षेत्रों में कई केस दर्ज हैं. फोर्स के बढ़ते मूवमेंट, नक्सल संगठन के भीतर चल रहे भेदभाव और शोषण के चलते इन माओवादियों ने सरेंडर किया. सरेंडर करने वाले माओवादियों को शासन की ओर स्किल डेवलपमेंट का कोर्स भी कराया जाएगा. स्किल डेवलपमेंट का कोर्स करने के बाद नक्सली अपनी खुद को रोजगार शुरु कर सकेंगे. सभी माओवादियों ने सुकमा पुलिस अधीक्षक के दफ्तर में सरेंडर किया. सरेंडर के वक्त अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रोहित शाह और 131वीं सीआरपीएफ बटालियन के सहायक कमांडेंट अमित श्रीवास्तव रहे।

नक्सलियों को आत्मसमर्पण के लिए प्रेरित करने में थाना चिंतलनार और सीआरपीएफ की 74वीं और 131वीं बटालियन की अहम भूमिका रही।

अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ने बताया कि वरिष्ठ अधिकारियों के दिशा निर्देश में किए गए लगातार प्रयासों का यह परिणाम है कि नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में अब नक्सलियों का मनोबल टूट रहा है. बड़ी संख्या में नक्सली समाज की मुख्यधारा में लौट हैं, कुछ लौटने की तैयारी में हैं. शासन द्वारा सभी आत्मसमर्पित माओवादियों को “छत्तीसगढ़ माओवाद आत्मसमर्पण पुनर्वास नीति 2025” के तहत 50-50 हजार की प्रोत्साहन राशि और अन्य सुविधाएं दी जाएंगी।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button