मध्यप्रदेश

भारत की स्वतंत्रता की यात्रा में अनगिनत बलिदानियों का त्याग और तप शामिल : सीएम डॉ. मोहन यादव

मध्यप्रदेश/भोपाल : स्वतंत्रता दिवस की 78वीं वर्षगांठ पर राजधानी भोपाल के लाल परेड ग्राउंड में राज्य स्तरीय समारोह में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ध्वजारोहण कर परेड की सलामी ली। मुख्यमंत्री कार्यक्रम में धोती-कुर्ता के साथ नारंगी जैकेट और सतरंगी पगड़ी पहनी थी। उन्होंने स्वंत्रता दिवस की प्रदेशवासियों को बधाई और शुभकामनाएं दी। साथ ही सरकार की उपलब्धियां गिनाई। साथ ही सीएम ने ऑपरेशन सिंदूर का जिक्र करते हुए कहा कि जो जैसा, उसे वैसा ही जवाब दिया। मुख्यमंत्री ने लाड़ली बहनों को दीपावली के बाद 1500 रुपए देने के अपनी घोषणा को भी दोहराया।

मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव ने स्पष्ट संदेश दिया कि वे राज्य के विकास के लिए किसी भी कीमत पर रुकने वाले नहीं हैं। उन्होंने संकेत दिए कि राज्य के कल्याण में कोई भी बाधा विघ्न नहीं डाल सकेगी। गरीब-युवा-अन्नदाता-नारीशक्ति के लिए सरकार पूरी तरह संकल्पित है। इस मौके पर सीएम डॉ.यादव ने देश के साथ-साथ प्रदेश के जननायकों को भी याद किया। उन्होंने उन सभी योजनाओं के बारे में चर्चा की, जो जनता के कल्याण के लिए लागू की गई हैं। स्वतंत्रता दिवस पर उन्होंने जनता को बताया कि प्रदेश का बजट प्रदेश के विकास और समृद्धि के लिए तैयार किया गया है। उसमें कोई नया कर नहीं लगाया गया। राज्य सरकार का लक्ष्य बजट को दोगुना करना है। प्रदेश की प्रति व्यक्ति आय 1 लाख 39 हजार वार्षिक से बढ़कर वर्ष 2024-25 में 1 लाख 52 हजार हो गई है। सीएम डॉ.यादव ने अपने संदेश में रोजगार, पर्यटन, पर्यावरण से लेकर ऑपरेशन सिंदूर तक का जिक्र किया। उन्होंने देशभक्ति गीत गाकर देश के दुश्मनों को भी कड़ा संदेश दिया। इस मौके पर सीएम डॉ. यादव ने पुलिस अधिकारियों-कर्मचारियों को वीरता पदक से भी सम्मानित किया।

बता दें कि स्वतंत्रता दिवस पर सीएम डॉ. मोहन यादव ने लाल परेड ग्राउंड पर ध्वजारोहण किया। उन्होंने अपने संदेश की शुरुआत 79वें स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाओं के साथ की। उन्होंने कहा कि भारत की स्वतंत्रता की यात्रा में अनगिनत बलिदानियों का त्याग और तप शामिल है। स्वतंत्रता दिवस सभी ज्ञात-अज्ञात राष्ट्र प्रेमियों के स्मरण और उन्हें आदरांजलि अर्पित करने का दिन है। मध्यप्रदेश की माटी ऐसे अनगिनत जननायकों की जन्म-भूमि रही है, जिन्होंने मां भारती की रक्षा में सर्वस्व न्यौछावर किया है। हमारी स्वतंत्रता में टंट्या मामा, खाज्या नायक, राजा भभूत सिंह, राजा शंकरशाह, रघुनाथ शाह, चंद्रशेखर आजाद, तात्या टोपे जैसे वीरों का बलिदान और रानी दुर्गावती, रानी अवंतिबाई, रानी कमलापति, रानी लक्ष्मीबाई, झलकारी बाई जैसी वीरांगनाओं का शौर्य शामिल है।

विश्व ने देखी भारत की शक्ति और सामर्थ्य
मुख्यमंत्री ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के माध्यम से विश्व ने भारत की शक्ति और सामर्थ्य दोनों देखा है। युद्ध में नई तकनीक को अपनाने की बात हो या सेना को आधुनिकतम अस्त्र-शस्त्र उपलब्ध करवाने का काम हो, हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोई कसर नहीं छोड़ी। हमने भारत की एकता और अखंडता पर कुदृष्टि डालने वालों को समझा दिया है कि, ‘जिस भाषा में जो समझे वो भाषा पूरी बोलेंगे, देश धर्म की खातिर हम तो बात जरूरी बोलेंगे, सौ-सौ नमन हमारे होंगे देश के वीर सपूतों को, जिनका शौर्य सुनाने को अक्षर सिंदूरी बोलेंगे…।’ उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के कार्यकाल के 11 वर्ष अभूतपूर्व उपलब्धियों के हैं। देश में पिछले 11 वर्षों में जहां सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास, सबका प्रयास के सिद्धांत से प्रेरित होकर जन-केन्द्रित, समावेशी और सर्वांगीण प्रगति को प्राथमिकता दी गई है, वहीं भारत विश्व में सबसे तेजी से बढ़ती अर्थ-व्यवस्था बना है। वर्तमान में भारत विश्व की चौथी सबसे बड़ी अर्थ-व्यवस्था है। शीघ्र ही भारत विश्व की तीसरी सबसे बड़ी अर्थ-व्यवस्था बन जाएगा।

आत्म-निर्भर भारत कोई साधारण नारा नहीं
मुख्यमंत्री ने कहा कि जहां कश्मीर से धारा 370 की समाप्ति हुई है, वहीं नारी शक्ति वंदन अधिनियम के माध्यम से संसद और विधानसभाओं में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने की पहल की गई। आत्म-निर्भर भारत कोई साधारण नारा नहीं, यह 140 करोड़ भारतीयों का अटल संकल्प है। यह संकल्प है, अपने बलबूते खड़े होने का, नवाचार से अपनी जरूरतें पूरी करने का और अपनी क्षमता को विश्व के साथ साझा करने का। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के शब्दों में यह मात्र सरकारी योजना नहीं, एक जीवंत जन-आंदोलन है। “आत्मनिर्भर भारत और विकसित भारत” का रास्ता स्वदेशी के प्रति समर्पण से ही होगा। देशवासियों को बस अपनी शक्ति और सामर्थ्य पहचानने की आवश्यकता है। आज मुझे ये कहते हुए हर्ष हो रहा है कि हमारा मध्यप्रदेश उन करोड़ों भारतवासियों के उस संकल्प को पूर्ण करने का माध्यम बन रहा है, जिस स्वप्न को हम “आत्मनिर्भर भारत और विकसित भारत” कहते हैं। सीएम डॉ. यादव ने गीत गाया, ‘संकट तमाम झेले हैं, हम बाधाओं से खेले हैं, किसी ने साथ दिया कि नहीं दिया,पथ के पर्वत हमने धकेले हैं…।’

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