ब्रह्मविद स्कूल के बच्चे पहुंचे शान्ति शिखर…परीक्षा के भय से मुक्ति विषय पर हुआ व्याख्यान

– ब्रह्मविद स्कूल के बच्चे शान्ति शिखर देखने आए…
– परीक्षा के भय से मुक्ति विषय पर व्याख्यान हुआ…
– आत्म विश्वास और सही रणनीति से मिलेगी परीक्षा में सफलता…
नवा रायपुर अटल नगर। ब्रह्मविद स्कूल के बच्चे नवा रायपुर के सेक्टर-20 स्थित प्रजापिता ब्रह्माकुमारीज के शान्ति शिखर को देखने आए। इस दौरान ब्रह्माकुमारी रूचिका दीदी ने उन्हें परीक्षा के भय से मुक्ति (Colony with Exam Fear) विषय पर व्याख्यान दिया।

ब्रह्माकुमारी रूचिका दीदी ने कहा कि आत्मविश्वास ही सफलता की कुंजी है। परीक्षा केवल ज्ञान का आंकलन मात्र है। यह जीवन का अन्तिम पैमाना नहीं है। इसलिए छात्र घबराएं नहीं। सकारात्मक सोच, निरन्तर अभ्यास और आत्मविश्वास से छात्र न केवल परीक्षा के भय पर विजय पा सकते हैं बल्कि उज्जवल भविष्य की ओर कदम बढ़ा सकते हैं।
उन्होंने बतलाया कि जैसे-जैसे बोर्ड और प्रतियोगी परीक्षाएँ नज़दीक आती हैं, विद्यार्थियों में तनाव और घबराहट बढ़ना स्वाभाविक है। खासकर केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड सहित विभिन्न परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों में परीक्षा का भय एक आम समस्या बनती जा रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि समय रहते सही उपाय अपनाए जाएँ, तो इस भय पर आसानी से काबू पाया जा सकता है।
ब्रह्माकुमारी रूचिका दीदी ने आगे बतलाया कि परीक्षा का भय वह मानसिक स्थिति है जिसमें विद्यार्थी असफलता की आशंका, माता-पिता की अपेक्षाओं और भविष्य की चिंता के कारण अत्यधिक तनाव महसूस करने लगता है। इसके लक्षणों में अनिद्रा, एकाग्रता की कमी, घबराहट, याद की हुई बातें भूल जाना और आत्मविश्वास का गिरना शामिल है।
तनाव से निपटने और परीक्षा के भय से छुपकारा पाने के लिए उन्होंने सुझाव देते हुए कहा कि बच्चों को योजना बनाकर पढ़ाई करनी चाहिए। इसके लिए छोटे-छोटे लक्ष्य निर्धारित करें और नियमित रूप से रिविजन करते रहें।
अपनी दिनचर्या पर भी ध्यान दें।स्वस्थ दिनचर्या अपनाएँ। पर्याप्त नींद, संतुलित आहार और हल्का व्यायाम बेहद जरूरी है।
गहरी सांस लें व ध्यान (मेडिटेशन) का अभ्यास करें। रोज़ 10–15 मिनट का ध्यान मन को शांत करता है।
साथ ही नकारात्मक सोच से दूरी बनाएँ। खुद की तुलना दूसरों से न करें। अपनी प्रगति पर ध्यान दें। माता-पिता व शिक्षकों से खुलकर बात करें। अपनी चिंता साझा करने से मन हल्का होता है।
परीक्षा के भय से छुटकारा दिलाने में अभिभावकों की भूमिका भी अहम होती है। उन्होंने बतलाया कि बच्चों पर पैरेन्ट्स अत्यधिक दबाव डालने लगते हैं इसके बजाय उनका मनोबल बढ़ाने का प्रयास करना चाहिए। प्रशंसा, समझदारी और सहयोग से विद्यार्थी बेहतर प्रदर्शन कर सकते हैं।



