छत्तीसगढ़

CM साय ने पश्चिम बंगाल में राष्ट्रपति के अपमान को लेकर तृणमूल कांग्रेस और ममता बनर्जी को कहा…

छत्तीसगढ़/रायपुर। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने पश्चिम बंगाल में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के अपमान को लेकर कड़ा बयान जारी किया है। उन्होंने इसे केवल एक व्यक्ति के प्रति अपमान नहीं बल्कि भारत के संविधान, लोकतांत्रिक मूल्यों और आदिवासी समाज की अस्मिता पर हमला बताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह घटना लोकतंत्र की बुनियादी मर्यादाओं का खुला उल्लंघन है और पूरे देश के लिए चिंता का विषय है। विष्णुदेव साय ने तृणमूल कांग्रेस और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर तीखा हमला करते हुए कहा कि वोटबैंक की राजनीति और तुष्टिकरण में लिप्त होकर वे देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद की गरिमा की अनदेखी कर रहे हैं। उन्होंने इसे शर्मनाक और लोकतांत्रिक मर्यादाओं का खुला अपमान बताया। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि राष्ट्रपति का पद किसी राजनीतिक दल से ऊपर है और इसे किसी भी प्रकार की दलगत राजनीति के प्रभाव से मुक्त रखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि देश की प्रथम नागरिक के प्रति इस तरह का व्यवहार लोकतंत्र की परंपराओं और संवैधानिक मर्यादाओं के लिए गंभीर खतरा है।

साथ ही मुख्यमंत्री ने तृणमूल कांग्रेस से अपील की कि वे इस घोर आपत्तिजनक कृत्य के लिए पूरे देश और आदिवासी समाज से तत्काल माफी मांगें। उन्होंने कहा कि आदिवासी समाज के प्रति सम्मान बनाए रखना और संवैधानिक पदों की गरिमा की रक्षा करना हर राजनीतिक दल की जिम्मेदारी है। विष्णुदेव साय ने यह भी कहा कि संवैधानिक पदों का अपमान केवल व्यक्तिगत अपमान नहीं है, बल्कि यह पूरे लोकतंत्र और देश के आदर्शों पर प्रश्नचिह्न लगाता है।

उन्होंने देशवासियों से आह्वान किया कि वे संवैधानिक संस्थाओं और उनके पदों के प्रति सम्मान बनाए रखें और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा करें। मुख्यमंत्री के इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज हो गई है। वहीं, नागरिकों और समाज के विभिन्न वर्गों ने भी इस घटना की निंदा की है और तृणमूल कांग्रेस से सार्वजनिक माफी की मांग की है।

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