छत्तीसगढ़

छत्तीसगढ़ में दो बाल विवाह के मामले सामने आऐ…दूरस्थ गांव में आज भी जनजागरूकता की कमी…

छत्तीसगढ़/रायपुर : छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा बाल विवाह मुक्त राज्य बनाने के अभियान के बीच सूरजपुर जिले में दो गंभीर प्रकरण सामने आए हैं। जानकारी मिलते ही जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए दोनों मामलों में संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी है। कलेक्टर रेना जमील के निर्देश पर गठित संयुक्त टीम ने त्वरित हस्तक्षेप कर दोनों नाबालिग बालिकाओं को सुरक्षित संरक्षण में लिया।

पहला मामला: नाबालिग बालिका का कराया गया था विवाह… 

भटगांव क्षेत्र के एक गांव से प्राप्त सूचना पर महिला एवं बाल विकास विभाग, जिला बाल संरक्षण इकाई, चाइल्डलाइन और पुलिस की संयुक्त टीम मौके पर पहुंची। जांच में पता चला कि मात्र 13 वर्ष 8 माह की आयु में बालिका का विवाह मंदिर में कराया गया था। विवाह के बाद से ही उसे लड़के के घर पत्नी के रूप में रखा जा रहा था। प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई करते हुए बालिका को सखी वन स्टॉप सेंटर में सुरक्षित आश्रय दिया तथा बाल कल्याण समिति के समक्ष प्रस्तुत करने की प्रक्रिया शुरू की।

दूसरा मामला: परिजनों ने जल्दीबाजी में कराया विवाह… 

दूसरी सूचना टोल फ्री 1098 नंबर के माध्यम से प्रेमनगर क्षेत्र के एक दूरस्थ गांव से मिली। संयुक्त टीम के पहुंचने से पहले संभावित कार्रवाई के डर से परिजनों ने सुबह-सुबह विवाह संपन्न करा दिया और बालिका को ससुराल भेज दिया। बाद में जांच के दौरान पहले इंकार करने के बाद परिजनों ने विवाह की पुष्टि कर दी। प्रशासन ने बालिका को संरक्षण में लेते हुए सखी वन स्टॉप सेंटर भेजा।

जिला कार्यक्रम अधिकारी शुभम बंसल के निर्देशन में जिला बाल संरक्षण अधिकारी मनोज जायसवाल एवं टीम ने दोनों मामलों की रिपोर्ट तैयार कर ली है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि बाल विवाह कराने वाले अभिभावक, सहयोगी और संबंधित पक्ष कानूनी कार्रवाई से नहीं बच सकेंगे। राज्य सरकार का कहना है कि बाल विवाह न केवल बच्चों के अधिकारों का हनन है, बल्कि उनके स्वास्थ्य, शिक्षा और भविष्य के लिए गंभीर खतरा है।

जागरूकता अभियान और समुदाय आधारित निगरानी.. 

राज्य सरकार द्वारा बाल विवाह मुक्त छत्तीसगढ़ के संकल्प को लेकर लगातार जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। छत्तीसगढ़ को पूर्णतः बाल विवाह मुक्त राज्य बनाने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री विष्णु देव साय तथा महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े के निर्देश में गांव-गांव में जनजागरूकता अभियान चल रहे है, स्कूलों में संवाद कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं तथा समुदाय आधारित निगरानी तंत्र को और मजबूत किया जा रहा है।

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