कवर्धा के वनांचल के अमेरा कन्या छात्रावास में छात्रा की मौत…परिजनों ने लगाया लापरवाही बरतने का आरोप

छत्तीसगढ़/कवर्धा : वनांचल में रहने वाली एक छात्रा की मौत होने का मामला सामने आया है। छात्रा एक सप्ताह से बीमार बताई जा रही है, जिसकी सूचना परिजनों को समय पर नहीं दी गई। जिस दिन ज्यादा तबीयत बिगड़ी उस दिन रात के तीन बजे सूचना दी गई। परिजन उसे अस्पताल ले जा रहे थे, तभी रास्ते में उसकी मौत हो गई। जिस पर परिजनों ने लापरवाही का आरोप लगाया है। मामला बोड़ला विकासखंड का है।
परिजनों के अनुसार, बबीता पद्राम नाम की छात्रा अमेरा कन्या छात्रावास में रहकर पढ़ती थी। दो दिन पहले अचानक रात में उसकी तबीयत खराब हुई थी। उस वक्त छात्रावास अधीक्षिका हॉस्टल में मौजूद नहीं थी। सुबह परिजनों को सूचना दी गई, जिसके बाद वे तुरंत पहुंचकर छात्रा को अस्पताल ले जा रहे थे। तभी रास्ते में उसकी मौत हो गई, जिसके बाद परिजन उसे अपने घर ले जाकर अंतिम संस्कार किए।
लेकिन मामले में हॉस्टल अधीक्षिका की बड़ी लापरवाही सामने आई है, अगर छात्रावास में वह मौजूद रहती तो, शायद उसे तत्काल अस्पताल ले जाया जा सकता था। लेकिन ऐसा नहीं हो सका, परिजनों ने लापरवाही बरतने का आरोप लगाया है।
जिले के छात्रावासों में लापरवाही पर सुधार की मांग…
सामाजिक नेता सुखनंदन धुर्वे ने बताया कि, जिले के वनांचल में रहने वाले बैगा-आदिवासियों के बच्चे भगवान भरोसे ही रह रहे है। उनकी सही देखभाल नहीं हो रही है। जिले के कई छात्रावासों में इस तरह की लापरवाही सामने आ चुकी है। जिस पर सुधार करने की मांग सहायक आयुक्त आदिमजाति कल्याण विभाग के अधिकारी लक्ष्मी पटेल से किए है।
सहायक आयुक्त आदिमजाति कल्याण विभाग की चुप्पी…
वहीं मामले में सहायक आयुक्त आदिमजाति कल्याण विभाग लक्ष्मी पटेल की ओर से मीडिया से कुछ भी कहने से बचते नजर आए जब भी इस तरह की घटना होती है, सहायक आयुक्त चुप्पी साध लेते है, जवाबदेही से बचते नजर आते है। घटना को लेकर कलेक्टर की अनुशंसा पर डिप्टी कलेक्टर की अगुवाई में पांच सदस्यीय जांच टीम बनाने की बात कही गई है



