80वें स्वतंत्रता दिवस पर बना नया इतिहास…बस्तर के 93 गांवों में नक्सलवाद की समाप्ति के बाद पहली बार राष्ट्रीय ध्वज फहराया गया।

छत्तीसगढ़/जगदलपुर। नक्सलवाद के खिलाफ मिली बड़ी सफलता के बाद बस्तर में इस बार स्वतंत्रता दिवस का उत्सव खास अंदाज में मनाया गया। पहली बार बस्तर के 93 गांवों में स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर राष्ट्रीय ध्वज फहराया गया। उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने जगदलपुर में यह जानकारी दी।
स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर बस्तर पहुंचे उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने ध्वजारोहण कार्यक्रम में शामिल होने के बाद मीडिया से चर्चा की। उन्होंने कहा कि नक्सलवाद की समाप्ति के बाद बस्तर के उन इलाकों में भी अब तिरंगा शान से लहरा रहा है, जहां कभी नक्सली गतिविधियों के कारण राष्ट्रीय पर्व मनाना मुश्किल था।
बस्तर के कोने-कोने में पहुंचा संविधान…
उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि इस बार बस्तर में पहली बार शत-प्रतिशत क्षेत्रों में स्वतंत्रता दिवस पूरे उत्साह और धूमधाम के साथ मनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि नक्सलवाद की समाप्ति के बाद बस्तर के कोने-कोने तक अब भारत के संविधान और लोकतांत्रिक व्यवस्था की पहुंच सुनिश्चित हुई है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में विष्णुदेव साय सरकार के गठन के बाद से नक्सलमुक्त हुए इलाकों में लगातार राष्ट्रीय पर्वों पर तिरंगा फहराया जा रहा है। पिछले पांच राष्ट्रीय पर्वों के दौरान नक्सल प्रभावित और नक्सलमुक्त क्षेत्रों में राष्ट्रध्वज फहराने की परंपरा को आगे बढ़ाया गया।
80वें स्वतंत्रता दिवस पर बना नया इतिहास…
डिप्टी सीएम श्री शर्मा ने कहा कि 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर पहली बार बस्तर के सभी गांवों में राष्ट्रीय पर्व पूरे उत्साह के साथ मनाया जा रहा है। 93 गांवों में तिरंगा फहराया जाना बस्तर के बदलते हालात और नक्सलवाद के खिलाफ मिली सफलता का प्रतीक माना जा रहा है। उन्होंने कहा कि अब बस्तर में भय का माहौल खत्म होकर विकास, लोकतंत्र और राष्ट्रभक्ति का वातावरण बन रहा है। गांवों में तिरंगा फहराने से लोगों में देश के प्रति गौरव और लोकतांत्रिक व्यवस्था के प्रति विश्वास और मजबूत हुआ है।



