छत्तीसगढ़ का ये गांव 12 वर्षों से बिजली का कर रहा इंतजार!…पोल है ट्रांसफार्मर है पर बिजली नहीं!

छत्तीसगढ़/केशकाल : गांव-गांव तक बिजली पहुंचाने के शासन के दावों के बीच उमरादहा गांव के गुडरापारा की स्थिति सरकारी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रही है। यहां करीब 15 परिवार पिछले 12 वर्षों से बिजली का इंतजार कर रहे हैं। हैरानी की बात यह है कि इलाके में 10 वर्ष पहले विद्युत पोल और ट्रांसफार्मर पहले ही लगाए जा चुके हैं, लेकिन घरों तक बिजली की सप्लाई अब तक शुरू नहीं हुई है।

ग्रामीणों का कहना है कि बिजली कनेक्शन और सप्लाई शुरू कराने के लिए वे कई बार विद्युत विभाग के अधिकारियों को आवेदन दे चुके हैं। ग्रामीणों ने 16 सितंबर 2024 को विद्युत सप्लाई शुरू करने की मांग को लेकर आवेदन दिया था। इसके बाद 3 दिसंबर 2024 को कनिष्ठ यंत्री के नाम पुनःस्मरण पत्र भी सौंपा गया, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ।
पोल और ट्रांसफार्मर मौजूद पर आपूर्ति शुरू नहीं…
ग्रामीणों के मुताबिक करीब 10 वर्ष पहले गुडरापारा में बिजली के पोल और ट्रांसफार्मर स्थापित कर दिए गए थे। इसके बावजूद विद्युत आपूर्ति शुरू नहीं की गई। ग्रामीणों का सवाल है कि जब बिजली पहुंचाने के लिए जरूरी अधोसंरचना पहले से मौजूद है, तो फिर घरों तक कनेक्शन और सप्लाई शुरू करने में इतनी लंबी देरी क्यों हो रही है। बिजली नहीं होने के कारण बच्चों की पढ़ाई से लेकर रोजमर्रा के घरेलू काम तक प्रभावित हो रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि शाम होते ही पूरा इलाका अंधेरे में डूब जाता है और आधुनिक सुविधाओं के दौर में भी उन्हें बुनियादी सुविधा के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है।
वर्षों से अधिकारियों से गुहार लगा रहे पर मिला आश्वासन…
ग्रामीणों ने बताया कि उन्होंने 6 मई 2026 को ग्राम पंचायत में आयोजित ग्राम सुराज शिविर में भी बिजली की समस्या को लेकर आवेदन दिया था। उन्हें उम्मीद थी कि शिकायत दर्ज होने के बाद संबंधित विभाग जल्द कार्रवाई करेगा, लेकिन अब तक स्थिति जस की तस बनी हुई है। लगातार आवेदन और शिकायतों के बावजूद राहत नहीं मिलने से ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ रही है। उनका कहना है कि वे वर्षों से अधिकारियों से गुहार लगा रहे हैं, लेकिन हर बार आश्वासन के अलावा कुछ हासिल नहीं हुआ।
ग्रामीणों का सवाल- आखिर कब मिलेगी रोशनी?
उमरादहा गुडरापारा के ग्रामीणों का कहना है कि बिजली आज के समय में विलासिता नहीं, बल्कि जीवन की बुनियादी जरूरत है। जब उनके घरों के आसपास पोल और ट्रांसफार्मर मौजूद हैं, तब भी 12 साल तक बिजली से वंचित रहना समझ से परे है। ग्रामीणों ने विद्युत विभाग से मामले को गंभीरता से लेते हुए जल्द से जल्द विद्युत आपूर्ति शुरू करने की मांग की है। उनका कहना है कि अब उन्हें आश्वासन नहीं, बल्कि घरों में रोशनी चाहिए।



