दशहरा मैदान में ब्रह्माकुमारी बहनों ने दिया नशामुक्ति का सन्देश…

– दशहरा मैदान में ब्रह्माकुमारी बहनों ने दिया नशामुक्ति का सन्देश…
– मनोविकारों पर जीत पाने से ही असली विजयादशमी होगी… ब्रह्माकुमारी अदिति दीदी
– नशा हमारे स्वास्थ्य और परिवार दोनों को बर्बाद कर देता है…

रायपुर। प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय की बहनों ने डब्लआरएस कालोनी के दशहरा मैदान में रावण दहन से पूर्व भारी संख्या में उपस्थित जन समुदाय को नशा मुक्ति का सन्देश देते हुए उससे दूर रहने की प्रतिज्ञा कराई। ब्रह्माकुमारी अदिति दीदी ने कहा कि हम हर साल दशहरा में रावण का पुतला बनाकर उसे जलाते है लेकिन रावण मरता नहीं है बल्कि हर साल वह बड़ा ही होता जा रहा है। इसका कारण यह है कि असली रावण हमारे अन्दर जिन्दा है।

उन्होंने कहा कि मनोविकार ही वह रावण है जो कि प्रतिदिन बढ़ते जा रहे है। काम, क्रोध, लोभ, मोह, अहंकार, ईष्र्या, नफरत, घृणा, द्वेष, वैर आदि रावण के दस सिर हैं। जब तक इन दसों मनोविकारो पर जीत नहीं पायेंगे तब तक असली विजयादशमी नहीं मना सकेंगे। अपनी कमज़ोरियों पर जीत हासिल करना ही मानव मन में बसे रावण की नकारात्मक प्रवृत्तियों को खत्म करने का एकमात्र तरीका है।
आगे उन्होंने ब्रह्माकुमारी संस्थान द्वारा चलाए जा रहे दस कोटि नशामुक्ति जन प्रतिज्ञा महाअभियान की चर्चा करते हुए कहा कि समाज के लिए नशा एक अभिशाप बन गया है। नशा केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य को ही प्रभावित नहीं करता बल्कि परिवार की आर्थिक स्थिति, सामाजिक संबंधों और मानसिक सुख-शांति पर भी प्रतिकूल प्रभाव डालता है। उन्होंने युवाओं से नशे से दूर रहकर स्वस्थ, अनुशासित और उद्देश्यपूर्ण जीवन अपनाने का आह्वान किया।
इस अवसर पर ब्रह्माकुमारी भावना दीदी ने दशहरा मैदान में उपस्थित लोगों को स्वयं नशा से दूर रहने के साथ ही दूसरों को भी नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित करने के लिए प्रतिज्ञा करायी।
कार्यक्रम में विधायक पुरन्दर मिश्रा, डीआरएम दयानन्द, पूर्व विधायक कुलदीप जुनेजा, सभापति सूर्यकान्त राठौड़, स्थानीय पार्षद खगपति सहित बड़ी संख्या में युवा एवं प्रबुद्घ नागरिक उपस्थित रहे।



