छत्तीसगढ़

विश्व बंधुत्व दिवस पर प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय द्वारा राष्ट्रीय रक्तदान महाअभियान…

भिलाई, 25अगस्त25, छग:-“यह तेरा लहू एक अमृत है, चलो करें हम महा पुण्य करके रक्त का दान” ऐसे उमंग, उत्साह से भरे गीतों के साथ आज इस्पात एवं शिक्षा नगरी मिनी इंडिया भिलाई के सेक्टर-7 स्थित राजयोग भवन में विश्व बंधुत्व दिवस के अवसर पर राष्ट्रीय रक्तदान महाअभियान का भव्य आयोजन किया गया।

यह आयोजन अंतर्राष्ट्रीय संस्था प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय की पूर्व मुख्य प्रशासिका राजयोगिनी दादी प्रकाशमणि जी की 18वीं पुण्यतिथि की स्मृति में किया गया। जिनके मधुर शिक्षाएं निम्मित, निर्माण और निर्मल वाणी जो कि दादी जी के जीवन से प्रतीत होती थी, दादी प्रकाशमणि जी ने विश्व के पांचो महाद्वीपों में भारतीय संस्कृति राजयोग का प्रकाश फैलाया।

राष्ट्रीय रक्तदान महाअभियान का शुभारंभ दीप प्रज्वलन कर सीएमओ डॉ. कौशल ठाकुर (सेक्टर-9 हॉस्पिटल), डॉ. राजेंद्र, बीएसबीके अध्यक्ष मनीष गुप्ता तथा भिलाई सेवाकेंद्रों की निदेशिका ब्रह्माकुमारी आशा दीदी एवं प्राची दीदी ने संयुक्त रूप से किया।

इसमें बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएँ, सीआईएसएफ, बीएसएफ, पुलिस अधिकारी एवं ब्रह्माकुमारी बहनें व भाईयों ने रक्तदान कर मानवता की मिसाल प्रस्तुत की।

ब्रह्माकुमारीज एवं राजयोग एजुकेशन एंड रिसर्च फाउंडेशन (RE&RF) के समाज सेवा प्रभाग द्वारा सम्पूर्ण भारत के 6000 से अधिक सेवाकेंद्रों पर एक लाख यूनिट से अधिक रक्तदान कर इसे गिनीज़ बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में दर्ज करने का लक्ष्य है।

अतिथियों ने इस प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि – “विश्व की सबसे बड़ी नारी शक्ति द्वारा संचालित यह संगठन, एकता और आध्यात्मिक निस्वार्थ सेवा की शक्ति से असंभव को संभव कर रही है।”

संस्था से मिली जानकारी के अनुसार सभी ब्रह्मावत्स शुद्ध सात्विक आहार एवं व्यसनमुक्त जीवन जीते हैं। अतः उनके द्वारा प्रदत्त रक्त समाज को शुद्धता, सात्विकता और स्वास्थ्य का संदेश भी प्रदान करेगा।
समाचार लिखे जाने तक 231 से अधिक यूनिट ब्लड डोनेट किया गया, तथा राष्ट्रीय स्तर पर 70 हजार यूनिट से अधिक ब्लड का संग्रह हो चुका है,जिसे राष्ट्रीय वेबसाइट ई रक्त कोष में अपडेट किया जा चुका है।

ब्रह्माकुमारी आशा दीदी ने कहा…
“यह रक्तदान केवल जीवन बचाने का प्रयास नहीं है, बल्कि समाज में मानवता, बंधुत्व और निस्वार्थ सेवा की भावना को सशक्त करने का माध्यम है। आपने ‘वसुधैव कुटुंबकम्’ की भावना के साथ सभी को इस महाअभियान को सफल कर रक्तदान करने वाले समस्त रक्तदाताओं के प्रति हृदयपूर्वक आभार प्रकट किया।

यह राष्ट्रीय रक्तदान महाअभियान समाज को जीवनदान देने के साथ-साथ विश्व बंधुत्व और मानवीय एकता का संदेश भी दे रहा है।
प्रातः 9 बजे से सायं 6 बजे तक चले इस रक्तदान शिविर में विभिन्न आयु वर्ग के लोग उत्साहपूर्वक शामिल हुए।

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