मध्यप्रदेश

CM डॉ. मोहन यादव के बेटे डॉ. अभिमन्यु और डॉ. इशिता का विवाह धूमधाम से संपन्न। बाबा रामदेव- धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री और…

उज्जैन : धूमधाम से संपन्न हुआ डॉ. मोहन यादव के बेटे डॉ. अभिमन्यु और डॉ. इशिता का विवाह। इस विवाह की खास बात यह है कि यह शादी किसी पांच-सितारा होटल या महल में नहीं, बल्कि निरंजनी अखाड़े के विशाल सामूहिक विवाह सम्मेलन में हुई। एक ही मंडप में 21 जोड़े परिणय-सूत्र में बंधे और इनमें मुख्यमंत्री पुत्र का जोड़ा भी शामिल था।

वरमाला की रस्म में स्वयं योगगुरु बाबा रामदेव ने वेद मंत्रों का उच्चारण किया और अभिमन्यु-इशिता को जयमाला पहनाई। फेरों के दौरान भी बाबा रामदेव मंत्र पढ़ते रहे और मंच पर मौजूद पंडितों के साथ मिलकर पूरी रस्में संपन्न कराईं। इसके बाद सीएम डॉ. मोहन यादव और उनकी पत्नी शोभा यादव ने नवदंपति को आशीर्वाद दिया।

शादी के बाद बाबा रामदेव ने मंच पर खड़े बागेश्वर धाम के धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की ओर इशारा करते हुए मजाकिया लहजे में कहा, “महाराज! आपका भी विवाह मैं इसी सामूहिक सम्मेलन में करा दूंगा… तैयार रहिए!” यह बात सुनकर पूरा पांडाल ठहाके मारकर हंस पड़ा। धीरेंद्र शास्त्री ने मुस्कुराते हुए हाथ जोड़ लिए और भीड़ ने तालियां बजाईं।

कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे प्रमुख मेहमान…

मध्य प्रदेश के राज्यपाल मंगुभाई पटेल
केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया
जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट
अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष महंत रवींद्र पुरी निरंजनी अखाड़े के आचार्य महंत कैलाशानंद गिरी बागेश्वर धाम के पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री योगगुरु बाबा रामदेव एवं आचार्य बालकृष्ण
राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने सभी नवदंपतियों को आशीर्वाद देते हुए कहा, “सामूहिक विवाह संस्कृति की रक्षा करता है और समाज में समरसता लाता है।” सीएम बोले – “मेरे बेटे की शादी भी आम आदमी की तरह”

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंच से कहा,”मैंने कभी नहीं सोचा था कि मेरा बेटा भी सामूहिक विवाह मंडप में बैठेगा। लेकिन जब निरंजनी अखाड़े और बाबा रामदेव ने कहा तो लगा कि यही सही मायने में संदेश है – सबके साथ, सबका विकास। आज मेरा बेटा भी उन 21 जोड़ों में से एक है।” उन्होंने कहा कि सरकार भी सामूहिक विवाह योजना को और विस्तार देगी और गरीब बेटियों के विवाह के लिए हरसंभव मदद करेगी।

अभिमन्यु-इशिता… 

डॉ.अभिमन्यु यादव उज्जैन के ही रहने वाले हैं और फिलहाल परिवार के साथ भोपाल में रहते हैं। डॉ. इशिता इंदौर की रहने वाली हैं और पेशे से चिकित्सक हैं। दोनों की मुलाकात परिवारों के माध्यम से हुई थी। सीएम यादव ने पहले ही घोषणा कर दी थी कि शादी में कोई दिखावा नहीं होगा और यह पूरी तरह सादगी भरा आयोजन होगा। संदेश साफ – दिखावा नहीं, संस्कार और सेवा

इस सामूहिक विवाह ने एक साथ कई संदेश दिए:

मुख्यमंत्री भी आम जन की तरह सादगी से शादी कर सकता है। सामूहिक विवाह से समाज में फैले फिजूलखर्ची पर लगाम लगेगी।गरीब कन्याओं के विवाह में सहयोग से पुण्य कमाया जा सकता है।

शाम को जब 21 जोड़ों ने एक साथ विदाई ली तो पूरा सांवराखेड़ी क्षेत्र “जय श्री राम”, “हर हर महादेव” और “भारत माता की जय” के नारों से गूंज उठा।

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