मध्यप्रदेश

मध्यप्रदेश में बिजली उपभोक्ताओं को 1 अप्रैल से लगेगा बिजली बिल का बड़ा झटका…4.8% महंगी हुई बिजली…

मध्य प्रदेश/जबलपुर : मध्यप्रदेश के सवा करोड़ से ज्यादा बिजली उपभोक्ताओं को एक बार फिर से बिजली का झटका लगा है। विद्युत नियामक आयोग ने साल 2026-27 के लिए नई दरों पर मुहर लगा दी है, जिसमें बिजली के दाम औसत 4.8% महंगी हो गई है।

न्यूनतम शुल्क की जगह फिक्स चार्ज में इजाफा… 

कहने के लिए विद्युत नियामक आयोग की ओर से न्यूनतम शुल्क खत्म करने की बात कही गई है लेकिन इसकी आड़ में फिक्स चार्ज बढ़ाकर एक तरह से उपभोक्ताओं पर और बोझ डाला गया है।

50 यूनिट तक के खपत वालों को भी झटका… 

अभी तक आम उपभोक्ताओं के लिए जिनकी बिजली की खपत 50 मिनट थी उनको 4 रूपए 45 पैसे के हिसाब से बिजली बिल आता था लेकिन अब उनको भी बढ़ोतरी करके 4 रूपए 71 पैसे कर दिया गया है वहीं बिजली कनेक्शन में भी इजाफा कर 81 रुपए कर दिया गया है।

बिजली कंपनियों ने बड़ी चालाकी से उपभोक्ताओं के जेब पर भार डालने की कोशिश की है, फिक्स आवर के तहत अब बिजली का बिल सिर्फ यूनिट तक सीमित नहीं रहेगा बल्कि आपके पिक आवर पर इस्तेमाल होने वाली चीजों पर निर्भर होगा। फिक्स आवर का मतलब शाम 6:00 से रात 10:00 बजे जब सबसे ज्यादा बिजली की खपत होती है और इसी समय जलने वाली बिजली का बिल ज्यादा होगा । जानकार बताते हैं कि पिकआवर में इस्तेमाल होने वाली बिजली पर 10 से 20% तक का चार्ज बढ़ सकता है।

मध्य प्रदेश में कम होने थे बिजली के दाम

बिजली मामलों के जानकार बताते हैं कि मध्य प्रदेश में पहले से ही टैरिफ के दाम इतने ज्यादा थे कि उन्हें 10 से 15% कम करने की जरूरत थी, लेकिन विद्युत नियामक आयोग ने उल्टे 4.80 की बिजली दर बढ़ाकर उपभोक्ताओं पर और भारी बोझ डालने का काम किया है।

ऊर्जा मंत्री प्रद्युमन सिंह तोमर का बयान सामने आया है। उनका कहना है की यह सब एक प्रक्रिया के तहत हुआ है, बिजली कंपनियों के बढ़ रहे खर्चे, कर्मचारियों के भत्तों, सैलरी में वृद्धि सहित अन्य कारणों के बाद नियामक आयोग को प्रस्ताव भेजा गया था। जिस पर विचार के बाद उन्होंने बिजली दरों को निर्धारित किया है। प्रदेश में 100 रुपये में 100 यूनिट बिजली उपभोक्ता को आज भी मिल रही है, किसानों को सब्सिडी दी जा रही है। ऐसे में प्रदेश में अच्छी बिजली निर्बाध बिजली प्रदेश के लोगों को मिले यही हमारा और सरकार का संकल्प है।

घाटे को मुख्य वजह बताई… 

बता दें कि बढ़ी हुई बिजली दरों का असर 01 करोड़ 29 लाख उपभोक्ताओ पर होगा। इस वर्ष मध्यप्रदेश पावर मैनजमेंट कम्पनी ने तीनों विद्युत वितरण कंपनियों की ओर से 10.19 प्रतिशत की वृद्धि करने का प्रस्ताव विद्युत नियामक आयोग को सौंपा था। बिजली कंपनियों ने इस वृद्धि के पीछे 6044 करोड़ रुपये के घाटे को मुख्य वजह बताई थी। बीते वर्ष की बात की जाए तो 03 रुपए 46 पैसे की वृद्धि की गई थी।

4.8% महंगी हुई बिजली

100 यूनिट तक 5% की बढ़ोत्तरी
150 यूनिट तक 4.67% की बढ़ोत्तरी
200 यूनिट तक 5.30% की बढ़ोत्तरी
250 यूनिट तक 5.10% की बढ़ोत्तरी
300 यूनिट तक 4.98% की बढ़ोत्तरी
400 यूनिट तक 4.82% की बढ़ोत्तरी
500 यूनिट तक 4.73% की बढ़ोत्तरी

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