छत्तीसगढ़ वक्फ बोर्ड ने मोहर्रम और उर्स में डीजे और बैंड बजाने पर लगाई रोक…नियमों का पालन न करने पर ₹50,000 जुर्माने

छत्तीसगढ़/रायपुर: छत्तीसगढ़ वक्फ बोर्ड ने निर्देश जारी करते हुए कहा है कि मुहर्रम, उर्स, और मजहबी तकरीब के समय डीजे और बैंड बाजा बजाने पर रोक लगाई गई है. वक्फ की तरफ से जारी किए गए निर्देश में कहा गया है कि यदि इसका पालन नहीं किया गया तो संबंधित पर 50 हजार का जुर्माना लगाया जाएगा.
मोहर्रम और उर्स में डीजे औऱ बैंड पूरी तरह से बैन
छत्तीसगढ़ राज्य वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष डॉ सलीम राज द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार मोहर्रम और उर्स के दौरान बैंड बाजा और डीजे बजाने पर पूरी तरह से रोक रहेगी. निर्देश में कहा गया है की मोहर्रम एवं उर्स के दौरान दीगर और मजहबी तकरीब में डीजे, धमाल, बैंड बाजा, नाच गाना, आतिशबाजी और गैर मुनासिब सरगर्मियों की किसी सूरत में इजाजत नहीं दी जा सकती है.
आदेश में कहा गया है कि किसी भी जुलूस या उर्स में इस तरह की चीज प्रतिबंधित रहेगी, अगर कोई भी इसका पालन नहीं करता है या इसको नहीं मानता है तो उसके ऊपर ₹50000 का जुर्माना लगाया जाएगा. छत्तीसगढ़ राज्य वर्क बोर्ड ने राज्य के तमाम ताजिया कमेटी, दरगाह कमेटी, उर्स कमेटी, मुतवालियान इंतजामिया कमिटी और समाज के सभी जागरूक और जिम्मेदार लोगों से इसके पालन करने की अपील की है.
वक्फ की तरफ से जारी किए गए पत्र में लिखा गया है कि बोर्ड छत्तीसगढ़ के सभी मुसलमान से यह अपील करता है कि मोहर्रम को हजरत इमाम हुसैन और शुहदा-ए-कर्बला की अजीम कुर्बानियां की याद में इबादत, सब्र, सादगी अखलाक और मजहबी अदब के साथ मनया जाय. हर हाल में उस अमल से परहेज करें जो शरीयत-ए-इस्लामिया के खिलाफ है।



