विधायक प्रीतम लोधी के बेटे को कोर्ट ने घोषित किया फरार, स्थायी गिरफ्तारी वारंट जारी

मध्यप्रदेश/ग्वालियर : मध्यप्रदेश के ग्वालियर से इस वक्त की एक बड़ी राजनीतिक और कानूनी खबर सामने आ रही है। ग्वालियर की एससी-एसटी (SC-ST) विशेष अदालत ने एक बड़ा फैसला सुनाते हुए भारतीय जनता पार्टी (BJP) के कद्दावर विधायक प्रीतम सिंह लोधी के बेटे दिनेश लोधी को फरार घोषित कर दिया है। लगातार कोर्ट की कार्यवाही से नदारद रहने और पुलिस द्वारा वारंट तामील न करा पाने के बाद अदालत ने यह सख्त रुख अपनाया है।
केस डायरी पर ‘लाल स्याही’ से दर्ज हुआ आदेश
विशेष अदालत ने आरोपी दिनेश लोधी के खिलाफ स्थायी गिरफ्तारी वारंट जारी किया है। इसके साथ ही, अदालत ने बेहद कड़ा रुख अख्तियार करते हुए केस रिकॉर्ड (केस डायरी) पर लाल स्याही से स्पष्ट रूप से “आरोपी फरार है” दर्ज करने के निर्देश दिए हैं। अब पुलिस के लिए आरोपी को किसी भी हाल में गिरफ्तार कर कोर्ट के समक्ष पेश करना अनिवार्य हो गया है।
पुरानी छावनी थाने में दर्ज है एससी-एसटी एक्ट का मामला…
यह पूरा मामला ग्वालियर के पुरानी छावनी थाना क्षेत्र से जुड़ा हुआ है। आरोपी दिनेश लोधी के खिलाफ यहां एससी-एसटी एक्ट (अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम) के तहत गंभीर धाराओं में प्रकरण दर्ज है।
2023 से लगातार चल रहा था गैरहाजिर…
न्यायालय की इस बड़ी कार्रवाई के पीछे आरोपी का लगातार कानून से भागना बताया जा रहा है। मामले में 28 दिसंबर 2023 को आरोपी दिनेश लोधी के खिलाफ पहली बार गिरफ्तारी वारंट जारी किया गया था। इसके बाद से ही पुलिस उसे ढूंढने में नाकाम रही और आरोपी लगातार अदालती तारीखों से गैरहाजिर रहा। अंततः कोर्ट ने उसे भगोड़ा (फरार) घोषित कर दिया।
पिछोर कांड के बाद से चर्चा में है विधायक पुत्र…
गौरतलब है कि भाजपा विधायक प्रीतम लोधी के बेटे दिनेश लोधी का विवादों से पुराना नाता रहा है। वह हाल ही में शिवपुरी जिले के पिछोर में अपनी थार गाड़ी से एक व्यक्ति को कुचलने के प्रयास के मामले में भी काफी सुर्खियों और विवादों में आया था। अब ग्वालियर कोर्ट के इस बड़े फैसले के बाद विपक्षी दलों को भी सरकार को घेरने का मौका मिल गया है, वहीं पुलिस प्रशासन पर भी सत्ताधारी विधायक के बेटे को जल्द से जल्द सलाखों के पीछे भेजने का भारी दबाव बन गया है।



