माउंट आबू में चल रहे विधि एवं न्याय विभाग के दो दिवसीय चिंतन शिविर का समापन, केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल हुए शामिल…

– एआई एक चुनौती जरूर है, लेकिन ह्यूमन बीइंग का रिप्लेसमेंट कोई नहीं कर सकेगा: केंद्रीय कानून मंत्री मेघवाल

– माउंट आबू में चल रहे विधि एवं न्याय विभाग के दो दिवसीय चिंतन शिविर का समापन

– विकसित भारत- 2047 को लेकर मंत्रालय का विजन तैयार किया
– ब्रह्माकुमारी के ज्ञान सरोवर परिसर में रिफॉर्म्स उत्सव एवं चिंतन शिविर–2026 आयोजित
माउंट आबू। ब्रह्माकुमारीज़ के ज्ञान सरोवर माउंट आबू में चल रहे भारत सरकार के कानून एवं विधि न्याय मंत्रालय के रिफॉर्म्स उत्सव एवं चिंतन शिविर का रविवार को समापन हो गया। दो दिन चले शिविर में विधि एवं न्याय विभाग केंद्रीय मंत्रालय नई दिल्ली से आए अधिकारियों ने दो चिंतन मंथन कर कर विकसित भारत-2047 के विजन को तैयार किया।
समापन पर केंद्रीय कानून एवं विधि न्याय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) अर्जुन राम मेघवाल ने कहा कि भारत में पैदा होना अपने आप में सौभाग्य का विषय है। भारत के रिफॉर्म के लिए अमृत काल का समय सही समय है। यही समय भारत का अनमोल समय है। भारत को विकसित भारत बनाने की दिशा में आगे बढ़ना है। देश का काम आगे बढ़ना चाहिए, रुकना नहीं चाहिए। समस्या का समाधान होना चाहिए, तभी विकसित भारत का सपना साकार होगा। एआई एक चुनौती जरूर है, लेकिन ह्यूमन बीइंग का रिप्लेसमेंट कोई नहीं कर सकेगा। मानव मष्तिक का दुनिया में दूसरा कोई विकल्प नहीं है। हमारे मंत्रालय में लीगल अफेयर्स डिपार्टमेंट और लेजिस्लेटिव डिपार्टमेंट हैं। हम देखते हैं कि यदि ड्रॉफ्टिंग में छोटे-छोटे शब्दों को ध्यान में नहीं रखते हैं लिटिगेशन (मुकदमेबाजी) बढ़ते हैं। कौन सा शब्द कहां लगना चाहिए वह बहुत महत्वपूर्ण है। शिविर में इस पर भी चिंतन किया गया कि देश में जो मुकदमें हैं वह कम कैसे हों।
यदि आपके पास समाधान है तो सुझाव दे सकते हैं-
केंद्रीय मंत्री मेघवाल ने कहा कि यदि आप लोगों के पास किसी समस्या का पॉजिटिव समाधान है तो निसंकोच सुझाव दे सकते हैं। हमारे पुराने कानूनों में कैसे बदलाव करें इस पर भी विचार विमर्श किया गया है। हमारी सोच में बदलाव कैसे लाएं यह चिंतन का विषय है। हम आज समाज में सात्विक प्रवृत्ति के लोगों को प्रमोट नहीं करते हैं। तामसिक प्रवृत्ति के लोगों को सात्विक प्रवृत्ति के लोगों के साथ रखेंगे तो उनमें भी सकारात्मक बदलाब आएगा। हर किसी के मन में निगेटिव विचार आते हैं, लेकिन मन को मजबूत रखो तो नेगेटिव विचार निकल जाते हैं। सात्विक प्रवृत्ति के साथ मन को जोड़ लिया तो जीवन में बदलाव आएगा।
यहां आकर सकारात्मक ऊर्जा महसूस होती है-
केंद्रीय मंत्री मेघवाल ने ब्रह्माकुमारीज़ की सराहना करते हुए कहा कि यहां हजारों भाई-बहनों के पॉजीटिव बाइव्रेशन, पॉजीटिव थॉट्स का ही कमाल है कि जो इस ऐरा में आता है उसे यहां की सकारात्मक ऊर्जा महसूस होती है। शांति महसूस होती है। यहां सुबह का मेडिटेशन सेशन में जो बातें बताईं गईं उन्हें जीवन में उतारेंगे तो प्रैक्टिकल जीवन में काम आएगा। उन्होंने कबीर दास के दोहा बुरा जो देखन मैं चला, बुरा न मिलिया कोय, जो दिल खोजा आपना, मुझसा बुरा न कोय… को लेकर कहा कि सदा अच्छे विचार करें। जैसा विचार रखेंगे, वैसा ही जीवन में होगा। घर में भी पॉजीटिव माहौल बनाकर रखें।
इस दौरान सभी प्रतिभागियों का ब्रह्माकुमारीज़ की ओर से अतिरिक्त महासचिव डॉ. बीके मृत्युंजय भाई ने केंद्रीय मंत्री और सभी अधिकारियों का मोमेंटो देकर और शॉल पहनाकर स्वागत, सम्मान किया।
इन्होंने भी किया संबोधित-
– संस्थान के अतिरिक्त महासचिव डॉ. बीके मृत्युंजय भाई ने कहा कि संस्थान का उद्देश्य है स्व परिवर्तन से विश्व परिवर्तन। जब तक हम स्वयं के जीवन में बदलाव नहीं लाएंगे तब तक दुनिया में बदलाव नहीं ला सकते हैं। इसी संकल्प के साथ ब्रह्माकुमारीज़ पिछले 90 साल से सामाजिक बदलाव और विश्व शांति के लिए समर्पित रूप से सेवाएं कर रही है।
– विधि सचिव एवं सचिव विधायी विभाग विधि एवं न्याय मंत्रालय डॉ. राजीव मणि त्रिपाठी ने कहा कि दो शिविर में जो अच्छी बातें निकलकर सामने आईं हैं उन्हें लागू करने का प्रयास किया जाएगा। विधि एवं न्याय विभाग के एडिशनल सेक्रेट्री डॉ. मनोज कुमार ने कहा कि यहां आकर सभी ने बहुत कुछ सीखा है और कई विषयों पर चिंतन किया है जो सकारात्मक रहा है।



