इंद्रावती नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही…प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की

छत्तीसगढ़/बीजापुर : प्रदेश में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने जिले में बाढ़ के हालात गंभीर कर दिए हैं। इंद्रावती नदी का जलस्तर लगातार बढ़ने से कई गांवों में खतरा गहरा गया है। प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है और देर रात तक राहत एवं बचाव अभियान जारी रखा गया। चंदनगिरी सहित बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों से ग्रामीणों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के लिए प्रशासनिक अमला लगातार जुटा हुआ है।
रातभर चला राहत और बचाव अभियान…
बाढ़ प्रभावित इलाकों में एसडीएम, तहसीलदार, जनपद पंचायत के सीईओ, पुलिस बल और राहत-बचाव दल मौके पर डटे रहे। बच्चों, महिलाओं, बुजुर्गों और अन्य ग्रामीणों को सुरक्षित निकालकर राहत शिविरों में पहुंचाया जा रहा है। प्रशासन लगातार स्थिति की निगरानी कर रहा है ताकि किसी भी तरह की जनहानि न हो।
खतरे के निशान से ऊपर बह रही इंद्रावती
रात करीब 11 बजे तक इंद्रावती नदी का जलस्तर 16.780 मीटर दर्ज किया गया, जो खतरे के निशान से ऊपर है। जलस्तर लगातार बढ़ने से निचले इलाकों में रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ गई है। प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की है।
भटपल्ली–चंदनगिरी मार्ग पर चढ़ा पानी…
भोपालपटनम क्षेत्र में भटपल्ली-चंदनगिरी मार्ग पर बाढ़ का पानी फैलने से आवागमन प्रभावित होने लगा है। चंदनगिरी गांव चारों ओर से पानी से घिरने की स्थिति में पहुंच गया है। यदि बारिश और जलस्तर बढ़ने का सिलसिला जारी रहा तो तीमेड, भटपल्ली, चंदनगिरी, ओड़ागुडा, रामपुरम, गेर्रागुडा और गुल्लापेंटा सहित कई गांव बाढ़ की चपेट में आ सकते हैं।
प्रशासन ने बढ़ाई निगरानी…
संभावित खतरे को देखते हुए प्रशासन लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है। संवेदनशील गांवों में निगरानी बढ़ा दी गई है और आवश्यकता पड़ने पर तत्काल अतिरिक्त राहत एवं बचाव दल तैनात करने की तैयारी भी की गई है।



