मध्यप्रदेश

इंदौर में तीन दिवसीय वाणी साहित्य उत्सव 2026 का हुआ समापन…पूर्व केंद्रीय मंत्री और लेखक डॉ. शशि थरूर हुए शामिल

मध्यप्रदेश/इंदौर : तीन दिवसीय ‘वाणी साहित्य उत्सव 2026’ का शनिवार को समापन हो गया। उत्सव के अंतिम दिन साहित्य, कविता, व्यंग्य, अनुवाद, सिनेमा और संविधान जैसे विषयों पर कई सत्र आयोजित किए गए। कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण पूर्व केंद्रीय मंत्री और लेखक डॉ. शशि थरूर की मौजूदगी में ‘हमारा जीवंत संविधान’ पुस्तक का लोकार्पण रहा। इसके साथ ही साहित्य प्रेमियों को देश के कई चर्चित लेखकों और वक्ताओं को सुनने का मौका मिला।

उत्सव के अंतिम दिन मशहूर व्यंग्यकार शरद जोशी की दो पुस्तकों ‘छोटी मछलियों का शिकारी’ और ‘बड़ा देश, बड़ा झूठ’ का विमोचन किया गया। इस अवसर पर मध्यप्रदेश नाट्य विद्यालय के विद्यार्थियों ने व्यंग्य पाठ प्रस्तुत किया। इस सत्र की अध्यक्षता सरोज कुमार ने की। इसमें नंद किशोर बरवे, नीरजा जैन और जवाहर चौधरी ने अपने विचार रखे। कार्यक्रम का संचालन सुशील जौहरी ने किया।

लेखकों के अधिकार और रॉयल्टी पर हुई चर्चा… 

साहित्य उत्सव में लेखकों के अधिकार और उनकी रचनाओं से होने वाली कमाई पर भी चर्चा हुई। ‘कलम, कानून और कमाई’ नाम के सत्र में कॉपीराइट, रॉयल्टी और प्रकाशन से जुड़े मुद्दों पर बातचीत की गई।

इस सत्र में ऋत्विक पारिख, प्रभात रंजन, सत्य व्यास और अरुण माहेश्वरी शामिल हुए। चर्चा का संचालन अदिति माहेश्वरी ने किया।

अहिल्याबाई होल्कर के जीवन पर विशेष सत्र… 
आयोजन का एक अन्य प्रमुख विषय लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर का जीवन और उनका ऐतिहासिक योगदान रहा। इस विषय पर आयोजित विशेष सत्र में डॉ. शशि थरूर के साथ रामेश्वर राय, प्रभात रंजन, अभय कुमार दुबे, धरा पांडेय और अरुण माहेश्वरी ने विचार साझा किए।

तीन दिनों तक चले वाणी साहित्य उत्सव में साहित्य और समाज से जुड़े विविध विषयों पर संवाद हुआ। अंतिम दिन के कार्यक्रमों के साथ इस आयोजन का समापन हुआ।

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