छत्तीसगढ़

फर्जी सिम कार्ड बेचने वाले 7 आरोपी दुर्ग-रायपुर, बलौदाबाजार, पश्चिम बंगाल से गिरफ्तार…

छत्तीसगढ़/रायपुर। रायपुर पुलिस ने ऑपरेशन साइबर शील्ड के तहत कार्रवाई करते हुए फर्जी सिम कार्ड बेचने वाले 7 आरोपी गिरफ्तार करने में कामयाबी पाई है. इन आरोपियों को दुर्ग-रायपुर, बलौदाबाजार के अलावा पश्चिम बंगाल से दबोचे गए हैं. गिरफ्तार आरोपियों से 300 से अधिक फर्जी सिम संबंधी महत्वपूर्ण जानकारी मिली है. इन सिम का म्यूल बैंक खाता, टेलीग्राम रिव्यू टास्क, ऑनलाइन जॉब फ्राड, फेक सोशल मीडिया फ्राड, शेयर ट्रेडिंग एवं सामान कम मूल्य में बेचने के बहाने से साइबर फ्रॉड करने के अपराध में इस्तेमाल हुआ है।

पहले प्रकरण में थाना माना रायपुर (ग्रामीण) में अपराध क्रमांक 300/25 धारा-317(2), 317(4), 317(5), 3(5) बीएनएस पंजीबद्ध किया गया है. उक्त अपराध में छत्तीसगढ़ एवं अन्य राज्यों के पीड़ितों के साथ 20.28 लाख रुपए की साइबर धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज है, जिसमें इंडसइंड बैंक के म्यूल अकाउंट और मोबाइल सिम संलिप्त हैं।

वहीं दूसरे प्रकरण में थाना आजाद चौक में अपराध क्रमांक 283/25 धारा-317(2), 317(4), 317(5), 3(5) बीएनएस पंजीबद्ध किया गया है. उक्त अपराध में छत्तीसगढ़ एवं अन्य राज्यों के पीड़ितों के साथ 6.42 लाख रुपए की साइबर धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज है, जिसमें साउथ इंडियन बैंक के म्यूल अकाउंट और मोबाइल सिम संलिप्त हैं. दोनों अपराध की विवेचना रेंज साइबर थाना रायपुर द्वारा की जा रही है.

विवेचना क्रम में अपराध में संलिप्त मोबाइल सिम की जानकारी संबंधित सिम सेवा प्रदाता कंपनी से प्राप्त की गई. प्राप्त जानकारी के तकनीकी विश्लेषण, पीड़ितों एवं साक्षियों के कथन, पूर्व में गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ में प्राप्त तथ्यों के आधार पर फर्जी सिम कार्ड बेचने वाले 7 आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भेजा गया है.

गिरफ्तार आरोपियों में सुदीप्त सासमल, साहू मोबाइल-भनपुरी, रायपुर, शिवनारायण साहू, रुद्रा मोबाइल-उरला एवं शिव कृपा मोबाइल-बलौदा बाजार, जयंत लहरी, लहरी मोबाइल-रिसाली दुर्ग, मनीष आहूजा, आहूजा मोबाइल महावीर नगर, कैलाश प्रताप सिंह, नेयानी मोबाइल-जामुल, मोबाइल के नाम से प्वाइंट ऑफ सेल खोलकर, कैलाश प्रताप सिंह, जामुल-दुर्ग और विनोद वर्मा, पंडरी-रायपुर शामिल हैं.

आरोपी VI, जियो, एयरटेल के सिम कार्ड बेचने के कार्य करते थे. गिरफ्तार आरोपियों से प्री एक्टिवेटेड सिम तथा 300 से अधिक सिम जो फ्राड करने में उपयोग किए जा रहे हैं की जानकारी प्राप्त हुई है जिनका विश्लेषण किया जा रहा है।

गिरफ्तार आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि नया सिम लेने/सिम पोर्ट कराने वाले कस्टमर का डबल थंब स्कैन/आई ब्लिंक कर ई केवाईसी के माध्यम से अतिरिक्त सिम चालू करते थे तथा जिस कस्टमर के पास आधार कार्ड की फिजिकल कॉपी होती थी. उसका विवरण स्वयं ही वेरीफाई कर डी केवाईसी के माध्यम से अतिरिक्त सिम चालू करते थे. इन फर्जी सिम को अधिक मूल्य पर अन्य साइबर अपराधियों को बेचते थे, जिन्हें पूर्व में गिरफ्तार किया गया था. वहीं फर्जी सिम खरीदने वाले दो आरोपी सुधीर जैन और विनोद वर्मा को गिरफ्तार किया गया है.

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button