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होसलों की उड़ान…62 वर्षिय राजेंद्र ओर उनकी 61 वर्षिय पत्नी BMW कार से जा रहे बाई-रोड भारत से लंदन…16 हजार किलोमीटर की विशाल यात्रा

देहरादून : सपनों को पूरा करने की कोई उम्र नहीं होती। उम्र के 60वें पड़ाव को पार कर चुके 62 वर्षीय राजेंद्र कुमार सिंगल और उनकी 61 वर्षीय पत्नी संगीता सिंगल अपनी कार से एक महत्वाकांक्षी और रोमांचक यात्रा पर निकल पड़े हैं। यह कोई आम सफर नहीं है, बल्कि भारत से यूनाइटेड किंगडम (लंदन) तक की 16,000 किलोमीटर लंबी ‘ओवरलैंड’ यात्रा है, जो 20 देशों की सीमाओं को लांघते हुए पूरी होगी।

हरियाणा के कैथल (कुरुक्षेत्र के पास) में जन्मे राजेंद्र जी के लिए जोखिम उठाना और ‘एडवेंचर’ कोई नई बात नहीं है। 19 साल की उम्र में साइंस से बीएससी (BSc) पूरी करने के बाद उन्होंने अपनी जिंदगी का पहला बड़ा रिस्क लिया और साइंस छोड़कर कॉमर्स की दुनिया में कदम रखा। उन्होंने इतनी लगन से पढ़ाई की कि सीए (CA) की परीक्षा 21 साल की उम्र से पहले ही पास कर ली थी। हालांकि, नियमों के चलते उन्हें अपनी प्रैक्टिस का सर्टिफिकेट पाने के लिए 21 साल की उम्र पूरी होने का 6 महीने तक इंतजार करना पड़ा। इसके बाद बिना किसी जान-पहचान के उन्होंने दिल्ली का रुख किया और पहले ही दिन से अपनी चार्टर्ड अकाउंटेंसी की प्रैक्टिस शुरू कर दी। राजेंद्र जी इसे अपनी जिंदगी का दूसरा सबसे बड़ा एडवेंचर मानते हैं।

राजेंद्र और संगीता सिंगल के तीन बच्चे हैं और तीनों ही अपने-अपने करियर में ऊंचाइयों पर हैं। उनकी बड़ी बेटी चार्टर्ड अकाउंटेंट हैं और उनके तीन में से एक ऑफिस की कमान संभालती हैं। उनकी दूसरी बेटी न्यूयॉर्क (अमेरिका) में वकालत कर रही हैं, जबकि बेटा सिएटल में दिग्गज टेक कंपनी माइक्रोसॉफ्ट में कार्यरत है।

राजेंद्र सिंगल बताते हैं कि जब तीनों बच्चे अपने-अपने करियर और जीवन में सेटल हो गए, तब उन्होंने अपनी जिंदगी के दूसरे पड़ाव को सुकून से जीने के लिए देहरादून में अपना ‘सेकंड होम’ बनाने का फैसला किया और अंतारा सीनियर लिविंग में शिफ्ट हो गए। यहीं की सक्रिय जीवनशैली ने उनके इस विश्व भ्रमण के पुराने सपने में नई जान फूंक दी।

राजेंद्र अमेरिका में भी कर चुके हैं ईस्ट टू वेस्ट कोस्ट की ड्राइव… 

यह कोई पहला मौका नहीं है जब राजेंद्र कुमार स्टीयरिंग थामकर इतने लंबे सफर पर निकले हों। ‘रोड टू लंदन’ जैसी विशाल यात्रा से पहले वे अमेरिका में भी एक रोमांचक रोड ट्रिप कर चुके हैं। उन्होंने कार से अमेरिका के ईस्ट कोस्ट से वेस्ट कोस्ट तक (अटलांटा से लॉस एंजिल्स) की लंबी ड्राइव सफलतापूर्वक पूरी की थी। हालांकि, 16 हजार किलोमीटर की यह नई यात्रा उनके पिछले सफर से कहीं ज्यादा बड़ी और चुनौतीपूर्ण है।

13 अप्रैल को गोरखपुर से शुरू ये सफर… 

यह यात्रा ‘एडवेंचर्स ओवरलैंड’ नाम की संस्था द्वारा आयोजित ‘रोड टू लंदन’ अभियान का हिस्सा है। सिंगल दंपती देहरादून से अपनी BMW कार में ड्राइव करते हुए सबसे पहले गोरखपुर पहुंचेंगे। गोरखपुर से ही 13 अप्रैल को इस अभियान का आधिकारिक काफिला रवाना होगा। इस काफिले में उनके साथ आठ अन्य दंपती भी अपनी-अपनी कारों से शामिल होंगे।

‘एडवेंचर्स ओवरलैंड’ के सीईओ प्रचुर ने बताया कि यह उनके इस अभियान का 8वां सीजन है। कंपनी के को-फाउंडर तुषार अग्रवाल और संजय मदान ने साल 2017 में भारत से लंदन की पहली ट्रिप का आयोजन किया था।

प्रचुर ने बताया, “इस यात्रा के लिए सभी जरूरी डॉक्यूमेंटेशन, परमिट, वीजा और होटल्स का पूरा इंतजाम हमारी टीम करती है। पूरी यात्रा के दौरान हमारी 3 सदस्यीय टीम काफिले के साथ चलती है। इस पूरी यात्रा का अनुमानित खर्च प्रति कपल करीब 70 लाख रुपए आता है।”

65 दिनों की लंबी और ऐतिहासिक यात्रा…

यह 65 दिनों की लंबी और ऐतिहासिक यात्रा दुनिया के कई खूबसूरत और दुर्गम रास्तों से होकर गुजरेगी। गोरखपुर से यह काफिला नेपाल में प्रवेश करेगा। वहां से आगे बढ़ते हुए चीन, किर्गिस्तान, उज्बेकिस्तान, कजाकिस्तान, रूस और जॉर्जिया होते हुए यूरोप में दाखिल होगा। इसके बाद तुर्किये (तुर्की), बुल्गारिया, सर्बिया, हंगरी, ऑस्ट्रिया, चेक रिपब्लिक, जर्मनी और बेल्जियम होते हुए फ्रांस पहुंचेगा।

यह यात्रा पूरी तरह से बाई-रोड (सड़क मार्ग) है। प्रचुर ने बताया कि पूरे सफर में केवल एक बार 2 घंटे के लिए फेरी (पानी के जहाज) का इस्तेमाल किया जाएगा, जब फ्रांस से इंग्लिश चैनल पार करके गाड़ियां लंदन में प्रवेश करेंगी।

फिर ऐसे होगी घर वापसी… 

लंदन पहुंचने के बाद यात्रा का समापन होगा। सभी यात्री वहां से फ्लाइट के जरिए वापस भारत लौटेंगे, जबकि उनकी गाड़ियां शिप के जरिए (कार्गो से) सुरक्षित भारत लाई जाएंगी। 8 से 10 घंटे की ड्राइविंग और खास स्वास्थ्य तैयारी

इतनी लंबी और चुनौतीपूर्ण अंतरराष्ट्रीय यात्रा के लिए शारीरिक और मानसिक रूप से फिट रहना बेहद जरूरी है। यात्रा से पहले दंपती ने अंतारा की इन-हाउस क्लिनिकल टीम के साथ विस्तृत स्वास्थ्य परीक्षण कराया। उनकी मेडिकल हिस्ट्री के आधार पर अंतरराष्ट्रीय यात्रा से जुड़ी सावधानियों, जरूरी दवाइयों और प्रिस्क्रिप्शन की पूरी किट तैयार की गई।

प्रतिदिन औसतन 8 से 10 घंटे ड्राइव करने की क्षमता विकसित करने के लिए राजेंद्र और संगीता ने कई हफ्तों तक विशेष योग अभ्यास किया है। वहीं, संगीता सिंगल ने रास्ते के लिए अपने लिए एक विशेष शाकाहारी भोजन योजना भी तैयार की है। उनका कहना है कि घर जैसी देखभाल और अंतरराष्ट्रीय संपर्कों के जरिए रास्ते में मिलने वाले सहयोग के भरोसे ने उनकी इस यात्रा को सहज बना दिया है।

‘एडवेंचर्स ओवरलैंड’ के नाम 14 लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड्स और 1 गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड दर्ज है। इसके अलावा संस्था ने सट्टे अवार्ड्स, जी बिजनेस अवार्ड्स और पिछले 5 सालों से लगातार ‘वर्ल्ड टूरिज्म अवार्ड’ अपने नाम किए हैं।

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