वेदांता पावर प्लांट हादसे में मृतकों की संख्या बढ़कर हुई 20,शवों को उनके गृह राज्यों में भेजने की प्रक्रिया जारी…

छत्तीसगढ़/सक्ती : वेदांता पावर प्लांट हादसे में मृतकों की संख्या बढ़कर 20 हो गई है। प्रशासन द्वारा जारी ताजा सूची के अनुसार मृतकों में 5 लोग छत्तीसगढ़ के निवासी हैं, जबकि 15 मृतक अन्य राज्यों से हैं। हादसे में 15 घायलों का इलाज छत्तीसगढ़ के अलग-अलग अस्पतालों में चल रहा है। हादसे के बाद प्रशासन और राहत एजेंसियां लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।
गंभीर रूप से घायल मरीजों के बेहतर इलाज के लिए 5 एयर एम्बुलेंस को स्टैंडबाय पर रखा गया है। साथ ही जरूरत पड़ने पर घायलों को हैदराबाद के सुपर स्पेशियलिटी अस्पतालों में रेफर करने के लिए व्यवस्था की गई है।
घटना के बाद जिला प्रशासन ने राहत और बचाव कार्यों को तेज कर दिया है। कलेक्टर और एसपी ने बुधवार को भी घटनास्थल का निरीक्षण किया और चल रहे राहत कार्यों की समीक्षा की। अधिकारियों ने बताया कि हादसे की हर पहलू से जांच की जा रही है और कारणों का पता लगाया जा रहा है। सक्ती जिले के मृतकों में से 2 लोगों का अंतिम संस्कार बुधवार को किया गया, जबकि अन्य मृतकों के शवों को उनके गृह राज्यों में भेजने की प्रक्रिया जारी है। इसके लिए विशेष एम्बुलेंस व्यवस्था की गई है, ताकि शवों को सम्मानपूर्वक उनके परिवारों तक पहुंचाया जा सके।
प्रशासन ने इस घटना को गंभीरता से लेते हुए मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दिए हैं। कलेक्टर Amrit Vikas Topno ने कहा कि हादसे के कारणों की विस्तृत जांच की जाएगी और जिम्मेदारी तय की जाएगी। वहीं कंपनी प्रबंधन ने मृतकों के परिजनों के लिए मुआवजे और सहायता की घोषणा की है। वेदांता पावर प्लांट प्रबंधन ने प्रत्येक मृतक के परिजनों को 35-35 लाख रुपये और नौकरी देने का ऐलान किया है। घायलों को 15-15 लाख रुपये की सहायता दी जाएगी। इसके अलावा प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) ने भी मुआवजे की घोषणा की है।
प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (PMNRF) से प्रत्येक मृतक के परिजन को 2 लाख रुपये और घायलों को 50 हजार रुपये देने की घोषणा की गई है। वहीं मुख्यमंत्री साय ने भी घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया है और राज्य सरकार की ओर से मृतकों के परिजनों को 5-5 लाख रुपये तथा घायलों को 50-50 हजार रुपये देने का ऐलान किया है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि हादसे के पीछे जो भी कारण होंगे, उनकी जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पूरे क्षेत्र में सुरक्षा और राहत कार्य जारी हैं और स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।



