Cell Broadcast Alert System सेवा प्रारंभ, उद्देश्य आपदा के समय नागरिकों तक तुरंत मोबाइल पर सूचना पहुँचाना…

छत्तीसगढ़/ रायपुर में घड़ी पर सुबह के 11:40 बजे थे तभी एकाएक सभी के माबाइल पर एक डरावनी सी सायरन की तरह आवाज गूंजने लगा, कोई मोबाइल की तरफ देखने लगा तो कोई अपनी चेयर से उठ खड़ा हुआ। कुछ सेकंड्स के लिए दहशत का माहौल बन गया। हालांकि, चंद सेकेंड बाद ही किसी ने जोर से आवाज लगाई कि, सरकारी सायरन है। डरें नहीं…
दरअसल हुआ कुछ यूं कि, छत्तीसगढ़ सहित पूरे देशवासियों के मोबाइल फोन पर अचानक तेज अलर्ट टोन सुनाई देने लगी। कई लोग क्षणभर के लिए घबरा गए, लेकिन यह कोई खतरे का संकेत नहीं था। वास्तव में यह भारत सरकार द्वारा नई आपदा चेतावनी प्रणाली की तकनीकी जांच के तहत भेजा गया परीक्षण संदेश था।
क्या था यह अलर्ट और क्यों भेजा गया?
अलर्ट संदेश में बताया गया कि भारत ने स्वदेशी तकनीक से विकसित सेल ब्रॉडकास्ट सेवा प्रारंभ की है, जिसका उद्देश्य आपदा के समय नागरिकों तक तुरंत सूचना पहुँचाना है। यह अलर्ट भूकंप, बाढ़, सुनामी और अन्य आपात स्थितियों में रीयल-टाइम चेतावनियाँ भेजने की क्षमता रखता है। संदेश में स्पष्ट रूप से लिखा था कि यह केवल एक टेस्ट मैसेज है और नागरिकों को किसी भी प्रकार की कार्रवाई करने की आवश्यकता नहीं है।
किसने किया इसका विकास…
यह प्रणाली दूरसंचार विभाग DoT और राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण NDMA के सहयोग से तैयार की गई है। तकनीक का विकास स्वदेशी संस्था C-DOT द्वारा किया गया है। सी-डॉट की इस तकनीक का उद्देश्य पूरे देश में एक मजबूत, तेज और व्यापक आपदा अलर्ट नेटवर्क स्थापित करना है, जो मोबाइल नेटवर्क की उपलब्धता के बावजूद सभी नागरिकों तक पहुँच सके।
नई प्रणाली की खासियतें…
इस सेल ब्रॉडकास्ट सिस्टम की विशेषता यह है कि यह सामान्य SMS की तरह किसी एक नंबर पर नहीं भेजा जाता, बल्कि प्रभावित भौगोलिक क्षेत्र से जुड़े सभी मोबाइल उपकरणों पर एक साथ संदेश पहुँचाता है। इस परीक्षण के सफल होने के बाद सरकार इसे पूरे देश में सक्रिय रूप से लागू करेगी।
लोग घबराए, फिर समझ आया, यह सुरक्षा तैयारी है
अचानक मोबाइल पर आई तेज घंटी और स्क्रीन पर चमकते संदेश से कई लोग यह सोचकर घबरा गए कि कोई गंभीर खतरा आ गया है। लेकिन जब उन्होंने संदेश पढ़ा, तब स्पष्ट हुआ कि यह उनके हित में किए जा रहे बड़े राष्ट्रीय सुरक्षा अभ्यास का हिस्सा है।



