मध्यप्रदेश

Jabalpur : बरगी डैम क्रूज हादसे पर CM डॉ. मोहन यादव ने कहा- दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा… 

मध्यप्रदेश/जबलपुर : बरगी डैम में हुए दर्दनाक क्रूज हादसे के बाद मुख्यमंत्री मोहन यादव ने सख्त रुख अपनाते हुए तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। प्रशासन ने लापरवाही के आरोप में पायलट समेत कई कर्मचारियों की सेवाएं समाप्त कर दी हैं और संबंधित अधिकारियों पर निलंबन व जांच की कार्रवाई शुरू कर दी गई है। सरकार ने साफ कर दिया है कि इस मामले में किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा, जबकि पीड़ित परिवारों को राहत और न्याय दिलाना प्राथमिकता होगी।

दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा… 

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने स्पष्ट कहा कि इस घटना के दोषियों को किसी भी हालत में छोड़ा नहीं जाएगा। उन्होंने अपने आधिकारिक माध्यम से जानकारी साझा करते हुए सख्त रुख अपनाया। सीएम ने पीड़ित परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सरकार हर प्रभावित परिवार के साथ खड़ी है।

हादसे को बेहद दुखद बताते हुए उन्होंने इसे बड़ी त्रासदी करार दिया। सरकार की प्राथमिकता पीड़ितों को राहत और न्याय दिलाना है। इस बयान से प्रशासनिक स्तर पर जवाबदेही तय करने का संकेत मिला है। साथ ही, आगे और कड़ी कार्रवाई की संभावना भी जताई जा रही है।

 राहत कार्यों की समीक्षा… 
शुक्रवार को मुख्यमंत्री स्वयं बरगी बांध पहुंचे और हालात का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों से पूरी घटना की विस्तृत जानकारी ली। इस दौरान सैन्य अधिकारी एस. बनर्जी ने राहत और बचाव कार्यों की स्थिति बताई। सीएम ने मौके पर मौजूद टीमों के प्रयासों की सराहना की।

उन्होंने बताया कि समय पर कार्रवाई से 28 लोगों की जान बचाई जा सकी। एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और सेना के गोताखोरों की भूमिका अहम रही। जल जीवन मिशन के श्रमिकों ने भी बचाव कार्य में महत्वपूर्ण योगदान दिया। सरकार ने इन सभी की मेहनत को सराहा है।

मुआवजा और सम्मान, जांच के स्पष्ट निर्देश 
मुख्यमंत्री ने मृतकों के परिजनों के लिए आर्थिक सहायता का ऐलान किया। प्रधानमंत्री की ओर से 2 लाख और राज्य सरकार की ओर से 4 लाख रुपये देने की बात कही गई। इसके अलावा बचाव कार्य में लगे श्रमिकों को 51 हजार रुपये प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। सभी बचावकर्मियों को राज्य स्तर पर सम्मानित करने की घोषणा भी की गई है।

हादसे की गहराई से जांच के लिए उच्चस्तरीय समिति गठित की गई है। इसमें होमगार्ड महानिदेशक, राज्य सचिव और संभागायुक्त शामिल रहेंगे। जांच में दुर्घटना के कारण, उस समय की स्थिति और सुरक्षा नियमों की पड़ताल होगी।

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