Raipur : ब्रह्माकुमारीज समर कैम्प के दूसरे दिन बच्चों ने जाना स्वस्थ जीवन जीने का तरीका…

ब्रह्माकुमारीज समर कैम्प का दूसरा दिन-
– बच्चों ने जाना स्वस्थ जीवन जीने का तरीका…
– अच्छे स्वास्थ्य से होगा व्यक्तित्व विकास…डॉ. विवेक भारती
– राजयोग से शान्ति, खुशी और बढ़ा हुआ आत्म विश्वास मिलता है…ब्रह्माकुमारी सौम्या दीदी
रायपुर, 02 मई 2026: प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय द्वारा चौबे कालोनी में आयोजित समर कैम्प में जाने-माने नैचुरोपैथ डॉ. विवेक भारती ने बच्चों को स्वस्थ और निरोगी जीवन जीने का तरीका बतलाया।
डॉ. विवेक भारती ने कहा कि अच्छे स्वास्थ्य के लिए शारीरिक व्यायाम, स्वास्थ्यप्रद भोजन और पर्याप्त नींद आदि तीन चीजों का जीवन में होना आवश्यक है। हमारा अच्छा स्वास्थ्य पचास प्रतिशत व्यायाम पर, पच्चीस प्रतिशत भोजन पर और शेष पच्चीस प्रतिशत नींद पर निर्भर करता है। शरीर को स्वस्थ रखने के लिए हमें अपनी दिनचर्या में सुधार करने की जरूरत है। योग करने, मनपसंद संगीत सुनने, खेलने और व्यायाम से हमारे अन्दर एण्डार्फिन नामक हार्मोन पैदा होता है जो कि हमें खुशी प्रदान करते हैं।

उन्होंने बतलाया कि स्वास्थ्यप्रद आहार में पचास प्रतिशत हिस्सा हरी सब्जियों का हो, पच्चीस प्रतिशत प्रोटीन और पच्चीस प्रतिशत अनाज को शामिल करना चाहिए। उन्होंने कहा कि स्वस्थ जीवन के लिए पांच बातों का ध्यान रखें। पहला दिन में दो बार ही पका हुआ भोजन करें। दूसरी बात दिन में कम से कम ढाई लीटर पानी अवश्य पीएं। तीसरी बात रोज व्यायाम करें। चौथी बात पाचन तंत्र को आराम देना। इसके लिए सप्ताह में एक दिन उपवास कर लें। पांचवी और प्रमुख बात प्रतिदिन राजयोग मेडिटेशन करें।
राजयोग से जीवन में शान्ति खुशी और आत्मविश्वास-
इससे पहले के सत्र में ब्रह्माकुमारी सौम्या दीदी ने बतलाया कि राजयोग मेडिटेशन हमारे जीवन में शांति, खुशी और आन्तरिक शक्ति को बढ़ाता है। हम राजयोग मेडिटेशन में मन और बुद्घि को परमात्मा में एकाग्र करते हैं। आज की तेज़ और व्यस्त जीवनशैली में लंबे समय तक मेडिटेशन करना हर किसी के लिए संभव नहीं होता इसलिए इस सत्र में एक बहुत ही सरल और प्रभावी तरीका बताया गया कि हर घंटे केवल एक मिनट का मेडिटेशन करें। यह छोटा-सा अभ्यास हमारे मन को पुर्नव्यवस्थित करने का काम करता है जिससे हम फिर से ताजगी, शांति और एकाग्रता महसूस करने लगते हैं। मेडिटेशन को मन और बुद्धि का भोजन कहा गया है क्योंकि यह हमें अंदर से मजबूत बनाता है। इससे हम डर, तनाव और चिंता जैसी समस्याओं से आसानी से बाहर निकल पाते है। उन्होंने कमेन्ट्री के माध्यम से बच्चों को राजयोग का अभ्यास भी कराया।



