छत्तीसगढ़ : मालगाड़ी ने हथनी को मारी टक्कर…तड़प-तड़प कर हुई मौके पर मौत…रेलवे ट्रैक पार कर रही थी हथनी…

छत्तीसगढ़/रायगढ़ : जिले के घरघोड़ा वनपरिक्षेत्र अंतर्गत चारमार क्षेत्र में मालगाड़ी की चपेट में आकर गंभीर रूप से घायल हुई हथनी ने मंगलवार 16 जून सुबह दम तोड़ दिया। पूरी रात वन विभाग की टीम और वन्यजीव विशेषज्ञ उसके उपचार में जुटे रहे, लेकिन तमाम कोशिशों के बावजूद उसे बचाया नहीं जा सका। घटना के बाद वन विभाग के अधिकारियों में चिंता का माहौल है।
वन विभाग की टीम जानकारी के मुताबिक, सोमवार 15 जून की रात चारमार क्षेत्र में हथनी रेलवे ट्रैक पार कर रही थी। तभी वह अडानी कोल माइंस से संबंधित मालगाड़ी की चपेट में आ गई। हादसे में हाथी गंभीर रुप से घायल हो गई। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और तत्काल उपचार शुरु किया गया।
घायल हाथी की हालत गंभीर होने के कारण उसे बेहतर इलाज के लिए बिलासपुर भेजने की तैयारी की जा रही थी। लेकिन मंगलवार सुबह उसकी तबीयत अचानक बिगड़ गई और उसने मौके पर ही अंतिम सांस ले ली।
वन मंडल अधिकारी के निर्देश पर उप वन मंडल अधिकारी आशुतोष पांडव और वन परिक्षेत्र अधिकारी विक्रांत सिंह अपनी टीम के साथ पूरी रात मौके पर मौजूद रहे। हाथी के उपचार और निगरानी के लिए चार डॉक्टरों और वन्यजीव विशेषज्ञों की टीम तैनात की गई थी। लगातार प्रयासों के बावजूद हथनी को बचाया नहीं जा सका।
इलाके में 40 से अधिक हाथियों का दल सक्रिय…
वन विभाग के अनुसार, घटना स्थल के आसपास 40 से ज्यादा हाथियों का दल विचरण कर रहा है। ऐसे में किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए क्षेत्र में निगरानी बढ़ा दी गई है। वन अमला लगातार हाथियों की गतिविधियों पर नजर बनाए हुए है।
लोगों से दूरी बनाए रखने की अपील…
घटना के बाद घायल हाथी को देखने के लिए आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में लोग मौके पर पहुंचने लगे थे। वन विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे हाथियों के करीब जाने या भीड़ लगाने से बचें, क्योंकि आसपास मौजूद अन्य हाथी आक्रामक हो सकते हैं।
छत्तीसगढ़ में लगातार बढ़ रही हाथियों की मौत चिंता का विषय…
रायगढ़ जिले में लगातार हो रही हाथियों की मौतें अब चिंता का विषय बनती जा रही हैं। बीते कुछ महीनों में अलग-अलग कारणों से कई हाथियों और हाथी शावकों की मौत हो चुकी है। वहीं, ट्रेन या मालगाड़ी की चपेट में आकर किसी हथनी की मौत की यह घटना वन्यजीवों की सुरक्षा और रेलवे ट्रैक के आसपास सुरक्षा उपायों को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े कर रही है।



