छत्तीसगढ़

पद्मश्री फुलबासन यादव से मिले विधायक देवेंद्र यादव…घटना को लेकर प्रदेश सरकार को घेरा

छत्तीसगढ़/राजनांदगांव : पद्मश्री फुलबासन यादव के हालिया अपहरण की घटना के बाद प्रदेश की राजनीति और सामाजिक माहौल गरमा गया है। विधायक देवेंद्र यादव आज राजनांदगांव पहुंचे और फुलबासन बाई यादव से मुलाकात कर पूरी घटना की विस्तृत जानकारी ली। इस दौरान विधायक यादव ने घटना को गंभीर बताते हुए प्रदेश सरकार पर कानून-व्यवस्था को लेकर कड़े आरोप लगाए।

देवेंद्र यादव ने कहा कि राजनांदगांव सहित पूरे प्रदेश में अपहरण, बलात्कार, चाकूबाजी और हत्या जैसी घटनाओं में लगातार बढ़ोतरी हो रही है, जिससे आम जनता में भय का माहौल है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार कानून-व्यवस्था बनाए रखने में पूरी तरह विफल साबित हो रही है। प्रदेश में लॉ एंड ऑर्डर पर सरकार का कोई नियंत्रण नहीं दिख रहा है। अपराधियों के हौसले बुलंद हैं और आम नागरिक खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं।

इस दौरान यादव समाज के लोगों ने भी फुलबासन यादव से मुलाकात कर उनका हालचाल जाना और उन्हें धैर्य रखने की सलाह दी। साथ ही सभी ने एकजुट होकर सरकार से मांग की है कि फुलबासन यादव को जल्द से जल्द उचित सुरक्षा प्रदान की जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

जानिए पूरा मामला…

बता दें कि मंगलवार को पद्मश्री से सम्मानित समाजसेवी फुलबासन बाई यादव (Phoolbasan Bai Yadav) के अपहरण की कोशिश की गई, लेकिन ट्रैफिक पुलिस की सतर्कता और सूझबूझ से बड़ी घटना टल गई। वहीं मामले में चार आरोपियों को पुलिस ने हिरासत में लिया है। पूरा मामला सुकुल देहान क्षेत्र का है।

बताया जा रहा है कि दो महिलाएं कार से पद्मश्री फुलबासन बाई यादव के घर पहुंचीं। दोनों महिलाओं ने उन्हें किसी काम के बहाने कार में बैठने के लिए कहा। इसके बाद फुलबासन बाई कार में दोनों महिलाओं के साथ बैठ गईं। आरोपी उनका मुंह बांधकर नेशनल हाईवे के रास्ते भाग रहे थे। इसी दौरान क्षेत्र में ट्रैफिक पुलिस वाहन चेकिंग अभियान चला रही थी। जैसे ही पुलिस ने कार को रोका, तभी फुलबासन बाई यादव ने हिम्मत दिखाते हुए इशारे के जरिए पुलिसकर्मियों को बताया कि उनका किडनैपिंग किया गया है। इसके बाद ट्रैफिक पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए दोनों महिलाओं को पकड़ा और उन्हें सुकुल देहान पुलिस के हवाले कर दिया।

प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया कि खुशबू साहू नाम की युवती, जो बेमेतरा जिले के बेरला थाना क्षेत्र के भौरी गांव की रहने वाली है, कथित रूप से योजना बनाकर स्कॉर्पियो वाहन लेकर आई थी। उसके साथ दो अन्य सहयोगी भी मौजूद थे। सभी आरोपियों द्वारा फुलबासन यादव को जबरदस्ती वाहन में बैठाकर ले जाया जा रहा था। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि उन्हें किस कारण से, कहां और क्यों ले जाया जा रहा था। एडिशनल एसपी ने बताया कि फिलहाल वाहन में मौजूद मुख्य आरोपी खुशबू साहू, वाहन चालक, एक अन्य युवक और एक अन्य युवती समेत कुल दो महिलाओं और दो पुरुषों से पूछताछ की जा रही है।

सीएम ने जाना हालचाल, पुलिस प्रशासन को कार्रवाई के दिए निर्देश

पद्मश्री सम्मान से अलंकृत वरिष्ठ समाजसेवी फुलबासन यादव के साथ हुई अप्रिय घटना को मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अत्यंत गंभीरता से लिया है। मुख्यमंत्री साय ने आज सुबह स्वयं दूरभाष पर फुलबासन बाई से चर्चा कर उनका कुशलक्षेम जाना और घटना की जानकारी ली। मुख्यमंत्री साय ने आश्वस्त किया कि इस मामले की हर पहलू से गहन जांच की जाएगी। दोषी चाहे जो हो, बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि पुलिस प्रशासन को इस संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए हैं। पद्मश्री फुलबासन यादव ने घटना के बाद पुलिस द्वारा की गई त्वरित कार्रवाई पर संतोष व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और पुलिस प्रशासन के प्रति आभार प्रकट किया

 

 

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