मध्यप्रदेश

मीनाक्षी नटराजन को नहीं मिली राहत: केंद्रीय चुनाव ने भी रद्द किया नामांकन…

मध्यप्रदेश/ दिल्ली : राज्यसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस को एक बार फिर बड़ा झटका लगा है। मध्य प्रदेश से कांग्रेस प्रत्याशी रही मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द रहेगा। चुनाव आयोग ने इसे लेकर अपना फैसला कायम रखा। चुनाव आयोग ने मीनाक्षी नटराजन के आपराधिक मामला छुपाने को आधार बनाया। जिसके बाद मीनाक्षी का नामांकन रद्द माना जाएगा। इस फैसके के बाद अब कांग्रेस सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाएगी।

बता दें कि मंगलवार को भाजपा ने मीनाक्षी नटराजन के नामांकन पत्र पर लिखित आपत्ति दर्ज कराते हुए इसे निरस्त करने की मांग की थी। उन्होंने आरोप लगाया था के कांग्रेस प्रत्याशी ने तेलंगाना में चल रहे एक कानूनी मामले की जानकारी को अपने हलफनामे में छुपाया है।

भाजपा की आपत्ति पर निर्वाचन अधिकारी ने कांग्रेस की प्रत्याशी मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द कर दिया। इस फैसले के बाद भाजपा ने विधानसभा में जमकर जश्न मनाया।

मीनाक्षी नटराजन के नामांकन रद्द होने के बाद कांग्रेस नेताओं ने इलेक्शन कमीशन के दफ्तर के बाहर धरना दिया। उन्होंने मुलाकात का समय मांगा था लेकिन समय नहीं देने पर उमंग सिंघार, जीतू पटवारी, हरीश चौधरी समेत कई विधायक निर्वाचन आयोग के मेन गेट पर अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ गए थे।

मामले का पूरा घटनाक्रम…

11 मई 2025 (अपराध की तारीख): शिकायतकर्ता ए. श्रीलता की शिकायत के आधार पर यह मामला दर्ज किया गया। 20 अगस्त 2025 (शिकायत दर्ज): ए. श्रीलता ने हैदराबाद की ‘फोर्थ एडिशनल चीफ मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट’ की अदालत में मीनाक्षी नटराजन (अभियुक्त नंबर 4) और अन्य के खिलाफ मुख्य याचिका (Complaint No. of 2025) दायर की। इसमें नटराजन पर BNS Act की धारा 356, 61, 45, 46, 351(2), 3(5) और 79 के तहत आरोप लगाए गए हैं।

17 सितम्बर 2025 (न्यायिक समन जारी): माननीय अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए मीनाक्षी नटराजन को ‘नोटिस टू रेस्पोंडेंट’ जारी किया। इस समन में उन्हें निजी तौर पर अदालत में पेश होने और अपना जवाब दाखिल करने का सख्त निर्देश दिया गया था।

24 अक्टूबर 2025 (नटराजन का जवाब): मीनाक्षी नटराजन की ओर से उनके वकील ने अदालत में एक जवाबी हलफनामा (Counter) पेश किया। इस जवाब में उन्होंने खुद को बेकसूर बताते हुए पूरी शिकायत को “राजनीतिक विद्वेष” से प्रेरित बताया और इसे खारिज करने की मांग की।

17 नवम्बर 2025 (सुनवाई की तारीख): अदालत ने मामले को खारिज नहीं किया, बल्कि सुनवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी जो आज भी जारी है।

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