9 अगस्त को विश्व शांति का संदेश लेकर 12 देशों के चार हजार रनर्स लगाएंगे दौड़

9 अगस्त को विश्व शांति का संदेश लेकर 12 देशों के चार हजार रनर्स लगाएंगे दौड़
– 8वीं दादी प्रकाशमणि आबू हॉफ मैराथन की तैयारियां जोर-शोर से जारी
– देश-विदेश से रनर्स पहुंच रहे मुख्यालय शांतिवन
– अफ्रीका, केन्या, इथोपिया, जर्मनी, अमेरिका और नेपाल से भी भाग ले रहे हैं रनर्स
– आईएएस से लेकर डॉक्टर, इंजीनियर, शिक्षक, वकील, पुलिस जवान, बिजनेसमैन लगाएंगे दौड़
आबूरोड। मन में विश्व शांति का ऐसा संकल्प कि रनर्स को सरहदों की सीमाओं भी नहीं बांध पाईं। 8वीं दादी प्रकाशमणि आबू हॉफ मैराथन में 9 अगस्त को 12 देशों के चार हजार रनर्स आबूरोड से अरावली की पहाड़ियों को नापते हुए माउंट आबू तक 21 किमी की दौड़ लगाएंगे। ब्रह्माकुमारीज़ संस्थान की पूर्व मुख्य प्रशासिका राजयोगिनी दादी प्रकाशमणि की 19वीं पुण्य स्मृति दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित इस हॉफ मैराथन में युवाओं से लेकर बुजुर्ग पूरे जोश और जज्बे के साथ भाग ले रहे हैं।
यह पहली बार है कि इस हॉफ मैराथन में आईएएस से लेकर डॉक्टर, इंजीनियर, शिक्षक, वकील, पुलिस जवान, बिजनेसमैन, गृहिणी और विद्यार्थी भाग ले रहे हैं।
देश के अलग-अलग हिस्सों से सभी आयु वर्ग के रनर्स का मुख्यालय शांतिवन पहुंचना जारी है। रनर्स का शुक्रवार को सुबह से ही पहुंचना शुरू हो गया था। इससे दिनभर रजिस्ट्रेशन का सिलसिला चलता रहा। वहीं कुछ रनर्स शनिवार शाम तक भी पहुंचेंगे। 21.9 किमी की इस मैराथन की शुरुआत मनमोहिनीवन से 9 अगस्त को सुबह 5 बजे अतिथियों द्वारा हरी झंडी दिखाकर की जाएगी।
पहली बार सर्वाधिक रनर्स ने कराया रजिस्ट्रेशन-
मैराथन के संयोजक बीके सचिन भाई ने बताया कि दादी प्रकाशमणि का पूरा जीवन विश्व बंधुत्व की भावना के साथ विश्व शांति के लिए समर्पित रहा। उन्होंने आजीवन जन-जन को शांति का संदेश दिया। उनके इसी संदेश को जन-जन तक पहुंचाने और लोगों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से हर वर्ष हॉफ मैराथन आयोजित की जाती है। अब तक हुईं मैराथन में पहली बार सर्वाधिक चार हजार रनर्स ने रजिस्ट्रेशन कराया है। मैराथन में अफ्रीका, केन्या, इथोपिया, जर्मनी, अमेरिका सहित नेपाल से भी रनर्स भाग ले रहे हैं।
राजयोग मेडिटेशन रिट्रीय आयोजित-
मैराथन में भाग लेने पहुंच रहे रनर्स के लिए 7 एवं 8 अगस्त को विशेष राजयोग मेडिटेशन रिट्रीट का भी आयोजन किया गया है। इसमें उन्हें प्रशिक्षित ध्यान विशेषज्ञों द्वारा ध्यान, आत्मचिंतन और सकारात्मक सोच के माध्यम से आंतरिक शक्ति एवं एकाग्रता को विकसित करने का प्रशिक्षण दिया गया। राजयोग मेडिटेशन के माध्यम से मन को सशक्त और शक्तिशाली बनाने की कला सिखाई गई।
सहयोग के लिए सामाजिक संगठन आगे आए-
मैराथन में वालेंटियर सेवा और अन्य व्यवस्थाओं में सहयोग के लिए आबूरोड और माउंट आबू के सामाजिक संगठनों, पुलिस- प्रशासन, सीआरपीएफ जवान आगे आए हैं। कई समाजसेवी संगठनों द्वारा मैराथन के लिए अपने स्तर पर व्यवस्थाएं बनाने में सहयोग प्रदान किया जा रहा है।
सभी को पहनाएंगे ट्रैकिंग डिवाइस-
रनर्स की टाइमिंग और दूरी मापने के लिए विशेष डिवाइस पहनाई जाएगी। इससे सभी का पूरा रिकार्ड मेंटेंन हो सकेगा। यदि कोई रनर्स वाहन यूज करता है तो डिवाइस पकड़ लेगी और उसे प्रतियोगिता से बाहर कर दिया जाएगा। इस बार एक तय समय पर माउंट आबू पहुंचने वाले प्रत्येक रनर्स को मेडल, प्रशस्ति पत्र प्रदान किया जाएगा।
रनर्स बोले-
– उप्र के ललितपुर पाली से आए अमित कुमार साहू ने बताया कि स्वास्थ्य जागरूकता को बढ़ावा देने के लिए रोजाना रनिंग करते हैं। ब्रह्माकुमारीज़ के मुख्यालय में आकर बहुत खुशी हो रही है। मैंने जितनी भी मैराथन की हैं, उनमें सबसे बढ़कर यहां की व्यवस्थाएं हैं। साथ ही मैनेजमेंट भी सराहनीय है।
– नेपाल से आए चंद्र बहादुर सिंह ने बताया कि मैं पहली बार इस मैराथन में भाग लेने के लिए पहुंचा हूं। यहां आकर बहुत ही प्रसन्नता हो रही है। यहां की रह चीज बेहद खूबसूरत है। मैराथन की व्यवस्थाएं यूनिक हैं। मेरा यही संदेश है कि विश्व में शांति हो और सभी स्वस्थ रहें।



